उत्तराखंड में SIR का दूसरा चरण शुरू: ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी, अब दावे-आपत्तियों और अपील का मिलेगा पूरा अवसर,, 71.33 लाख मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट सूची में शामिल, 13 अगस्त तक दर्ज करा सकेंगे दावे-आपत्तियां,, विसंगति मिलने पर बीएलओ भेज रहे नोटिस, ईआरओ के फैसले से असंतुष्ट होने पर जिलाधिकारी और फिर मुख्य निर्वाचन अधिकारी के समक्ष भी कर सकेंगे अपील

उत्तराखंड में SIR का दूसरा चरण शुरू: ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी, अब दावे-आपत्तियों और अपील का मिलेगा पूरा अवसर,,
71.33 लाख मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट सूची में शामिल, 13 अगस्त तक दर्ज करा सकेंगे दावे-आपत्तियां,,
विसंगति मिलने पर बीएलओ भेज रहे नोटिस, ईआरओ के फैसले से असंतुष्ट होने पर जिलाधिकारी और फिर मुख्य निर्वाचन अधिकारी के समक्ष भी कर सकेंगे अपील
देहरादून। उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों के तहत निर्वाचन आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम (Special Intensive Revision-SIR) के दूसरे चरण की शुरुआत कर दी है। इस चरण में मतदाताओं को ड्राफ्ट मतदाता सूची में अपना नाम, पता और अन्य विवरण जांचने के साथ-साथ आवश्यक सुधार कराने का अवसर मिलेगा। निर्वाचन विभाग ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे समय रहते अपनी जानकारी का सत्यापन कर लें, ताकि अंतिम मतदाता सूची में किसी प्रकार की त्रुटि न रह जाए।
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने गुरुवार को मीडिया सेंटर में जानकारी देते हुए बताया कि प्रथम चरण पूरा होने के बाद प्रदेश के 71,33,785 मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल किए गए हैं। यह सूची मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की वेबसाइट के अलावा जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO), निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO) और बूथ लेवल अधिकारी (BLO) के स्तर पर भी उपलब्ध करा दी गई है।
उन्होंने बताया कि जिन मतदाताओं की ओर से दी गई जानकारी में किसी प्रकार की विसंगति पाई गई है अथवा जिन्होंने आवश्यक विवरण पूर्ण रूप से उपलब्ध नहीं कराया है, उन्हें बीएलओ के माध्यम से नोटिस भेजे जा रहे हैं। नोटिस प्राप्त होने के बाद संबंधित मतदाता को अपना पक्ष रखने और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए पर्याप्त समय दिया जाएगा।
निर्वाचन विभाग के अनुसार सभी विधानसभा क्षेत्रों में एईआरओ और ईआरओ स्तर पर सुनवाई की व्यवस्था की गई है। बीएलओ मतदाताओं के दस्तावेजों का सत्यापन कर अपनी रिपोर्ट तैयार करेंगे। मैदानी क्षेत्रों में मतदाताओं की सुविधा के लिए बूथ अथवा उसके निकट विशेष शिविर लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि अधिक से अधिक लोग आसानी से अपने दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकें।
निर्वाचन आयोग ने 14 जुलाई से 13 अगस्त 2026 तक फॉर्म-6, फॉर्म-7 और फॉर्म-8 के माध्यम से दावे एवं आपत्तियां दर्ज कराने का समय निर्धारित किया है। वहीं 14 जुलाई से 11 सितंबर 2026 तक इन दावों, आपत्तियों और नोटिसों का निस्तारण किया जाएगा।
यदि कोई मतदाता निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO) के निर्णय से संतुष्ट नहीं होता है, तो वह दो सप्ताह के भीतर जिलाधिकारी कार्यालय में अपील कर सकता है। इसके बाद भी असंतोष होने की स्थिति में संबंधित व्यक्ति लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के प्रावधानों के तहत मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में अपील करने का अधिकार रखता है।
डॉ. जोगदंडे ने यह भी बताया कि जिन पात्र नागरिकों का नाम अभी तक मतदाता सूची में शामिल नहीं है, वे फॉर्म-6 भरकर अपना नाम जुड़वा सकते हैं। आवेदन ऑफलाइन माध्यम से संबंधित बीएलओ के पास अथवा ऑनलाइन ECINet ऐप के जरिए किया जा सकता है। वहीं फॉर्म-7 से नाम हटाने और फॉर्म-8 के माध्यम से नाम, पता या अन्य विवरण में संशोधन कराया जा सकता है। वर्तमान व्यवस्था के अनुसार फॉर्म-6 और फॉर्म-8 के साथ एनेक्सर-4 संलग्न करना अनिवार्य किया गया है।
निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची का यह विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम लोकतांत्रिक प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इसलिए प्रत्येक मतदाता समय रहते अपनी जानकारी की जांच कर आवश्यक सुधार अवश्य कराए, ताकि मतदान के समय किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।



