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सोमवती अमावस्या स्नान पर्व बना आस्था और व्यवस्थाओं का मिसाल! 76 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने लगाई गंगा में पुण्य की डुबकी, सकुशल संपन्न हुआ महापर्व,, रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन के बावजूद प्रशासनिक व्यवस्थाएं रहीं प्रभावी; जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने पुलिस, प्रशासन, संत समाज, व्यापारियों और आमजन का जताया आभार,, भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा, यातायात, स्वास्थ्य, स्वच्छता और आपदा प्रबंधन की मजबूत व्यवस्था बनी सफलता की कुंजी; श्रद्धालुओं के अनुशासन और सहयोग को भी बताया महत्वपूर्ण,,

सोमवती अमावस्या स्नान पर्व बना आस्था और व्यवस्थाओं का मिसाल! 76 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने लगाई गंगा में पुण्य की डुबकी, सकुशल संपन्न हुआ महापर्व,,

रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन के बावजूद प्रशासनिक व्यवस्थाएं रहीं प्रभावी; जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने पुलिस, प्रशासन, संत समाज, व्यापारियों और आमजन का जताया आभार,,

भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा, यातायात, स्वास्थ्य, स्वच्छता और आपदा प्रबंधन की मजबूत व्यवस्था बनी सफलता की कुंजी; श्रद्धालुओं के अनुशासन और सहयोग को भी बताया महत्वपूर्ण,,

हरिद्वार, 16 जून। धर्मनगरी हरिद्वार में सोमवती अमावस्या के अवसर पर आयोजित विशाल स्नान पर्व पूरी तरह सकुशल एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो गया। प्रशासन के अनुसार इस पावन अवसर पर लगभग 76 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने मां गंगा में आस्था की डुबकी लगाकर पुण्य लाभ अर्जित किया। श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड संख्या के बावजूद पूरे मेला क्षेत्र में व्यवस्थाएं सुचारु बनी रहीं और कहीं भी कोई बड़ा व्यवधान सामने नहीं आया।

स्नान पर्व की सफलता पर जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने समस्त श्रद्धालुओं, स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, संत-महात्माओं, तीर्थ पुरोहितों, व्यापारियों, विभिन्न विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों तथा सुरक्षा व्यवस्था में तैनात पुलिस बल का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इतने विशाल जनसमूह के बीच भी स्नान पर्व का शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न होना प्रशासन, पुलिस और सहयोगी विभागों के बेहतर समन्वय का परिणाम है।

जिलाधिकारी ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम आवागमन और सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए व्यापक स्तर पर व्यवस्थाएं की गई थीं। स्नान पर्व के दौरान भीड़ प्रबंधन, ट्रैफिक नियंत्रण, घाटों पर सुरक्षा, चिकित्सा सुविधाएं, स्वच्छता, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था तथा आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी तंत्र लगातार सक्रिय रहे।

उन्होंने बताया कि प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीमों ने निरंतर निगरानी रखते हुए प्रत्येक संवेदनशील बिंदु पर विशेष सतर्कता बरती। विभिन्न घाटों, पार्किंग स्थलों, यातायात मार्गों और मेला क्षेत्र में तैनात अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने दिन-रात अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया।

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने स्वयंसेवी संगठनों, श्री गंगा सभा, साधु-संत समाज, तीर्थ पुरोहितों, व्यापारिक संगठनों, मीडिया प्रतिनिधियों, सामाजिक संस्थाओं तथा विभिन्न सेवा प्रदाता विभागों के योगदान की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग, परिवहन विभाग, जल संस्थान, विद्युत विभाग, सफाई कर्मियों और अन्य सहयोगी एजेंसियों ने अपने दायित्वों का प्रभावी निर्वहन करते हुए आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

उन्होंने विशेष रूप से श्रद्धालुओं के अनुशासन और सहयोग की प्रशंसा करते हुए कहा कि प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने से व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने में काफी मदद मिली। यही कारण रहा कि रिकॉर्ड भीड़ के बावजूद स्नान पर्व शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।

जिलाधिकारी ने विश्वास व्यक्त किया कि भविष्य में भी हरिद्वार के धार्मिक आयोजनों में प्रशासन, समाज और श्रद्धालुओं के बीच इसी प्रकार का समन्वय बना रहेगा और धर्मनगरी की गौरवशाली परंपराओं को आगे बढ़ाने में सभी का सहयोग मिलता रहेगा।

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