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दरगाह की करोड़ों की संपत्ति पर फिर छिड़ा घमासान! पूर्व कर्मी पर कब्जे का आरोप, बहाली की कोशिशों ने बढ़ाया विवाद,, मुख्य सिदरी के पास की बहुमूल्य संपत्ति और दरगाह आवास खाली कराने की मांग, प्रशासन से सख्त कार्रवाई की अपील,, शिकायत में गंभीर आरोप, निष्पक्ष जांच और कब्जा हटाने की मांग; अब प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी निगाहें

दरगाह की करोड़ों की संपत्ति पर फिर छिड़ा घमासान! पूर्व कर्मी पर कब्जे का आरोप, बहाली की कोशिशों ने बढ़ाया विवाद,,

मुख्य सिदरी के पास की बहुमूल्य संपत्ति और दरगाह आवास खाली कराने की मांग, प्रशासन से सख्त कार्रवाई की अपील,,

शिकायत में गंभीर आरोप, निष्पक्ष जांच और कब्जा हटाने की मांग; अब प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी निगाहें

पिरान कलियर। दरगाह आलिया साबिर पाक की करोड़ों रुपये मूल्य की संपत्तियों को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद सामने आया है। नगर पंचायत पिरान कलियर की पूर्व सभासद आसमा परवीन ने तहसीलदार रुड़की, दरगाह प्रबंधक और ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को शिकायत देकर आरोप लगाया है कि दरगाह के एक पूर्व कर्मचारी ने मुख्य सिदरी के निकट स्थित बहुमूल्य संपत्ति और दरगाह के आवासीय भवन पर कथित रूप से अवैध कब्जा कर रखा है। शिकायत में तत्काल कब्जा हटाने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।

शिकायत पत्र के अनुसार, संबंधित व्यक्ति को पहले महिला से छेड़छाड़ और मारपीट जैसे मामलों में मुकदमा दर्ज होने के बाद दरगाह प्रशासन द्वारा सेवा से हटा दिया गया था। आरोप है कि सेवा से हटाए जाने के बावजूद वह आज भी दरगाह की करोड़ों रुपये मूल्य की संपत्ति और आवासीय भवन पर कथित रूप से कब्जा जमाए हुए है। इतना ही नहीं, शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि संबंधित व्यक्ति दोबारा बहाली के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। शिकायतकर्ता का कहना है कि यदि ऐसे व्यक्ति की पुनः नियुक्ति होती है तो इससे दरगाह प्रशासन की छवि धूमिल होगी और क्षेत्र में विवाद की स्थिति पैदा हो सकती है।

पूर्व सभासद ने प्रशासन से मांग की है कि दरगाह की मुख्य सिदरी सहित सभी संपत्तियों को कथित अवैध कब्जे से तत्काल मुक्त कराया जाए, दरगाह के मकान को खाली कराया जाए, पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही संबंधित व्यक्ति की बहाली से जुड़ी सभी प्रक्रियाओं पर भी रोक लगाने की मांग की गई है।शिकायत की प्रति ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रुड़की को भी भेजी गई है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर क्या कार्रवाई करता है और दरगाह की बहुमूल्य संपत्तियों की सुरक्षा के लिए कौन से कदम उठाए जाते हैं।

नोट: यह समाचार शिकायत-पत्र में लगाए गए आरोपों पर आधारित है। आरोपों की आधिकारिक पुष्टि या जांच के निष्कर्ष अभी सामने नहीं आए हैं। संबंधित पक्ष का पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

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