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हरिद्वार में आजाद समाज पार्टी-भीम आर्मी का बड़ा प्रदर्शन: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर रोशनाबाद में गरजा युवा आक्रोश, डीएम के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन,, जंतर-मंतर छात्र आंदोलन पर लाठीचार्ज के विरोध में सैकड़ों कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन, शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक और भर्ती सुधार को लेकर केंद्र सरकार पर साधा निशाना,, महक सिंह और अमरीश कपिल के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं की रैली, ‘युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो’ के नारों से गूंजा रोशनाबाद परिसर

हरिद्वार में आजाद समाज पार्टी-भीम आर्मी का बड़ा प्रदर्शन: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर रोशनाबाद में गरजा युवा आक्रोश, डीएम के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन,,

जंतर-मंतर छात्र आंदोलन पर लाठीचार्ज के विरोध में सैकड़ों कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन, शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक और भर्ती सुधार को लेकर केंद्र सरकार पर साधा निशाना,,

महक सिंह और अमरीश कपिल के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं की रैली, ‘युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो’ के नारों से गूंजा रोशनाबाद परिसर

हरिद्वार, 25 जुलाई 2026।
देशभर में शिक्षा व्यवस्था, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन के दौरान हुई घटनाओं के विरोध में शनिवार को हरिद्वार के रोशनाबाद में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) और भीम आर्मी ने संयुक्त रूप से जोरदार प्रदर्शन किया। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष महक सिंह और भीम आर्मी के प्रदेश अध्यक्ष अमरीश कपिल के नेतृत्व में करीब 400 से 500 कार्यकर्ता विकास भवन के सामने इंदिरा अम्मा भोजनालय परिसर में एकत्र हुए और बाद में रैली निकालते हुए जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे।

प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार और उत्तराखंड सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। “धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो”, “युवाओं के साथ अन्याय बंद करो”, “पेपर लीक बंद करो” जैसे नारों से पूरा रोशनाबाद परिसर गूंज उठा। इसके बाद जिलाधिकारी के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) को सौंपा गया।

प्रदर्शनकारियों ने अपने ज्ञापन में सबसे प्रमुख मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की रखी। उनका कहना था कि हालिया परीक्षा विवाद और छात्र आंदोलन के दौरान हुई घटनाओं की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए शिक्षा मंत्री को पद छोड़ देना चाहिए। साथ ही आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले प्रत्येक छात्र के परिवार को ₹1 करोड़ की आर्थिक सहायता, संसद में पेपर लीक और पुलिस कार्रवाई पर विस्तृत चर्चा, आंदोलनकारी छात्रों पर किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई न करने तथा शिक्षा माफिया एवं पेपर लीक गिरोहों के खिलाफ समयबद्ध और कठोर कार्रवाई की भी मांग की गई।

ज्ञापन में पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। प्रदर्शनकारियों ने छात्राओं के साथ कथित दुर्व्यवहार की स्वतंत्र जांच, सादी वर्दी में मौजूद व्यक्तियों की पहचान सार्वजनिक करने, कथित रूप से अवधि समाप्त हो चुके आंसू गैस के गोलों के इस्तेमाल की जांच, प्रदर्शन स्थल पर क्षतिग्रस्त वाहनों एवं पत्थरों से भरे ट्रक की जांच तथा पुलिसकर्मियों के पास कथित रूप से मौजूद कीलों वाली लाठियों के प्रयोग की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। साथ ही भविष्य में सभी पुलिस एवं केंद्रीय सुरक्षा बलों के जवानों की वर्दी पर स्पष्ट और दृष्टिगोचर नेम प्लेट अनिवार्य किए जाने की भी मांग रखी गई।

शिक्षा एवं भर्ती सुधार को लेकर भी प्रदर्शनकारियों ने कई महत्वपूर्ण मांगें उठाईं। ज्ञापन में NEET UG, JEE Main सहित सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में पूर्ण पारदर्शी एवं सुरक्षित परीक्षा प्रणाली लागू करने, सभी सरकारी भर्ती एवं प्रवेश परीक्षाओं का परीक्षा शुल्क समाप्त करने, महिला अभ्यर्थियों के परीक्षा केंद्र उनके गृह जनपद तथा पुरुष अभ्यर्थियों के निकटवर्ती जनपद में निर्धारित करने, पेपर लीक के दोषियों को कड़ी सजा देने, रिक्त सरकारी पदों पर समयबद्ध भर्ती प्रक्रिया पूरी करने, राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर पर वार्षिक भर्ती कैलेंडर जारी करने, भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, प्रतियोगी परीक्षाओं में नॉर्मलाइजेशन प्रणाली समाप्त करने तथा प्रत्येक अभ्यर्थी का स्कोर सार्वजनिक करने की मांग शामिल रही।

सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा कि छात्रों और युवाओं पर बल प्रयोग लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्र आंदोलन के दौरान हुई घटनाओं की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। वक्ताओं ने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़ी परीक्षाओं में बार-बार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों ने पूरे देश के छात्रों का विश्वास कमजोर किया है, इसलिए सरकार को शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार करने होंगे।

वक्ताओं ने कहा कि यह आंदोलन केवल किसी एक परीक्षा का नहीं, बल्कि देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य का आंदोलन है। यदि सरकार ने समय रहते युवाओं की मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद चंद्रशेखर आजाद के आह्वान पर देशभर के जिला मुख्यालयों में यह ज्ञापन अभियान चलाया जा रहा है, ताकि छात्रों की आवाज केंद्र सरकार तक पहुंच सके।

कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष मनीष पितुपुरिया, प्रदेश महासचिव तेज प्रताप सैनी, शेर सिंह (बर्खास्त सिपाही), भीम आर्मी के जिला अध्यक्ष अर्जुन कुमार, जिला प्रभारी कपिल कुमार, जिला उपाध्यक्ष राशिद अली, सह प्रभारी सत्येंद्र अशोक, मोहन दास, कीरत, बबलू राणा, कविता सहित बड़ी संख्या में आजाद समाज पार्टी एवं भीम आर्मी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने कई राजनीतिक आरोप और दावे भी लगाए। ये वक्तव्य प्रदर्शनकारियों के बयान हैं और इन्हें उनके दावों के रूप में देखा जाना चाहिए। इनके संबंध में संबंधित पक्ष का आधिकारिक पक्ष इस समाचार में उपलब्ध नहीं है।

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