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विधानसभा ज्वालापुर के पंचपुरी गढ़मीरपुर की बदहाल सड़कों पर उठे बड़े सवाल: चौड़ीकरण का इंतजार, पैचवर्क पर जनता में नाराजगी,, ग्रामीणों का आरोप—वर्षों से नई और चौड़ी सड़क का भरोसा मिलता रहा, लेकिन जमीनी स्तर पर दिखा सिर्फ गड्ढों की मरम्मत का विकास,, स्थानीय लोगों ने एक बार फिर जीत हल्ला मचाने वाले जनप्रतिनिधियों पर क्षैत्र की उपेक्षा का लगाया आरोप, कहा—स्थायी समाधान नहीं मिला तो आंदोलन और तेज होगा

विधानसभा ज्वालापुर के पंचपुरी गढ़मीरपुर की बदहाल सड़कों पर उठे बड़े सवाल: चौड़ीकरण का इंतजार, पैचवर्क पर जनता में नाराजगी,,

ग्रामीणों का आरोप—वर्षों से नई और चौड़ी सड़क का भरोसा मिलता रहा, लेकिन जमीनी स्तर पर दिखा सिर्फ गड्ढों की मरम्मत का विकास,,

स्थानीय लोगों ने एक बार फिर जीत हल्ला मचाने वाले जनप्रतिनिधियों पर क्षैत्र की उपेक्षा का लगाया आरोप, कहा—स्थायी समाधान नहीं मिला तो आंदोलन और तेज होगा

हरिद्वार। ज्वालापुर विधानसभा क्षेत्र के गढ़मीरपुर, पंचपुरी और आसपास के गांवों में बदहाल सड़कों का मुद्दा एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि वर्षों से सड़क के चौड़ीकरण और पूर्ण नवीनीकरण का भरोसा दिया जाता रहा, लेकिन धरातल पर अब तक स्थायी समाधान दिखाई नहीं दिया। ग्रामीणों का कहना है कि हाल के दिनों में सड़क पर केवल गड्ढों की मरम्मत का काम किया गया, जबकि क्षेत्र की सबसे बड़ी मांग पूरी सड़क का पुनर्निर्माण और चौड़ीकरण है।

ग्रामीणों का कहना है कि पथरी से पंचपुरी तक जाने वाला मुख्य मार्ग केवल एक सड़क नहीं, बल्कि हजारों लोगों की जीवनरेखा है। इसी मार्ग से स्कूली बच्चे, किसान, व्यापारी, कर्मचारी और ग्रामीण प्रतिदिन आवागमन करते हैं। इसके बावजूद सड़क की हालत लगातार खराब होती गई। बरसात के मौसम में सड़क पर जलभराव और गहरे गड्ढों के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई स्थानों पर वाहन चालकों को दुर्घटना का खतरा बना रहता है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि गढ़मीरपुर के चारों प्रमुख संपर्क मार्ग लंबे समय से जर्जर हालत में हैं। उनका कहना है कि कई बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के सामने सड़क की समस्या उठाई गई, ज्ञापन दिए गए और मांग की गई कि सड़क का चौड़ीकरण कराया जाए, लेकिन वर्षों बाद भी लोगों को केवल आश्वासन ही मिला।

ग्रामीणों का दावा है कि पिछले चार वर्षों में कई बार उन्हें बताया गया कि सड़क निर्माण और चौड़ीकरण की योजना जल्द शुरू होगी। लोगों ने उम्मीद भी जताई कि क्षेत्र की तस्वीर बदलेगी, लेकिन अब जब केवल गड्ढे भरने का काम दिखाई दे रहा है तो लोगों में निराशा और नाराजगी दोनों बढ़ गई हैं। उनका कहना है कि सड़क की पूरी परत खराब हो चुकी है, ऐसे में पैचवर्क से कुछ दिनों की राहत तो मिल सकती है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा।

स्थानीय लोगों का कहना है कि गढ़मीरपुर और पंचपुरी की आबादी लगातार बढ़ रही है। नए आवासीय क्षेत्र विकसित हो रहे हैं और वाहनों की संख्या भी पहले से कहीं अधिक हो गई है। इसके बावजूद सड़क आज भी पुरानी चौड़ाई और जर्जर स्थिति में है। उनका सवाल है कि जब अन्य क्षेत्रों में सड़क चौड़ीकरण और पुनर्निर्माण के कार्य हो रहे हैं, तो गढ़मीरपुर को अब तक प्राथमिकता क्यों नहीं मिली।

ग्रामीणों ने मौजूदा विधायक रवि बहादुर सहित अन्य जनप्रतिनिधियों पर क्षेत्र की उपेक्षा का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि चुनाव के समय विकास और बेहतर सड़क का भरोसा दिया गया था, लेकिन लोगों की सबसे बड़ी समस्या आज भी जस की तस बनी हुई है। उनका आरोप है कि सड़क के स्थायी समाधान के बजाय केवल अस्थायी मरम्मत कर लोगों को संतुष्ट करने की कोशिश की जा रही है।

कुछ स्थानीय लोगों का दावा है कि विकास कार्यों को लेकर बढ़ी नाराजगी का असर राजनीतिक माहौल पर भी दिखाई दे रहा है। उनके अनुसार क्षेत्र के कुछ सामाजिक और राजनीतिक समूहों ने अपना रुख बदला है और विकास के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया जा रहा है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क केवल आने-जाने का साधन नहीं होती, बल्कि किसी भी क्षेत्र की आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक प्रगति की आधारशिला होती है। खराब सड़क का असर व्यापार, खेती, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और आपातकालीन सेवाओं तक पर पड़ता है। उनका कहना है कि यदि सड़क समय पर चौड़ी और मजबूत बनाई जाती तो आज क्षेत्र के लोगों को इतनी परेशानी नहीं उठानी पड़ती।

क्षेत्र के लोगों की मांग है कि केवल गड्ढे भरने के बजाय सड़क का तकनीकी सर्वे कराया जाए और पूरी सड़क का गुणवत्तापूर्ण पुनर्निर्माण किया जाए। साथ ही जहां आवश्यकता हो, वहां सड़क का चौड़ीकरण भी कराया जाए ताकि भविष्य में बढ़ते यातायात का दबाव आसानी से संभाला जा सके। ग्रामीणों का कहना है कि विकास की असली पहचान स्थायी और गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य हैं, न कि बार-बार की जाने वाली अस्थायी मरम्मत।

अब गढ़मीरपुर और पंचपुरी में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या वर्षों से लंबित सड़क चौड़ीकरण और पुनर्निर्माण की मांग पर अब ठोस निर्णय लिया जाएगा या फिर लोगों को आगे भी पैचवर्क के सहारे ही चलना पड़ेगा। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि वे अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि जमीन पर दिखाई देने वाला विकास चाहते हैं।

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