वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों की ‘कानूनी ढाल’ बनी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सिमरनजीत कौर ने दिया अधिकारों का पाठ,, वानप्रस्थ आश्रम और हेलोनिक्स कंपनी में विश्व वरिष्ठ नागरिक दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम, सचिव सिमरनजीत कौर ने कहा—कानूनी परेशानी में बुजुर्ग अकेले न रहें, निःशुल्क विधिक सहायता के लिए करें संपर्क

वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों की ‘कानूनी ढाल’ बनी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सिमरनजीत कौर ने दिया अधिकारों का पाठ,,
वानप्रस्थ आश्रम और हेलोनिक्स कंपनी में विश्व वरिष्ठ नागरिक दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम, सचिव सिमरनजीत कौर ने कहा—कानूनी परेशानी में बुजुर्ग अकेले न रहें, निःशुल्क विधिक सहायता के लिए करें संपर्क

हरिद्वार। वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों, सम्मान और सुरक्षा को लेकर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हरिद्वार ने जागरूकता अभियान चलाया। शुक्रवार, 21 अगस्त 2026 को वानप्रस्थ आश्रम ज्वालापुर और सिडकुल स्थित हेलोनिक्स कंपनी में विश्व वरिष्ठ नागरिक दिवस के अवसर पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम में सिविल जज (सीनियर डिवीजन) एवं सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हरिद्वार सिमरनजीत कौर ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करते हुए वरिष्ठ नागरिकों को उनके कानूनी अधिकारों और निःशुल्क विधिक सहायता के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी।
कार्यक्रम का आयोजन माननीय जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हरिद्वार नरेन्द्र दत्त के आदेशानुसार किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य बुजुर्गों और वरिष्ठ नागरिकों को उनके कानूनी अधिकारों, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं तथा जरूरत पड़ने पर मिलने वाली निःशुल्क विधिक सहायता के प्रति जागरूक करना रहा।
वानप्रस्थ आश्रम में बुजुर्गों से सीधा संवाद
ज्वालापुर स्थित वानप्रस्थ आश्रम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सचिव सिमरनजीत कौर ने आश्रम में रह रहे वरिष्ठ नागरिकों से संवाद किया। उन्होंने माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम के तहत वरिष्ठ नागरिकों को मिलने वाले अधिकारों की विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, सुरक्षा और कल्याण के लिए कानून में कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। यदि किसी बुजुर्ग को भरण-पोषण, संपत्ति, पारिवारिक विवाद अथवा किसी अन्य विधिक समस्या का सामना करना पड़ता है तो वह कानूनी सहायता प्राप्त कर सकता है।
सिमरनजीत कौर ने वरिष्ठ नागरिकों को भरोसा दिलाया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जरूरतमंद लोगों को त्वरित एवं निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि किसी भी विधिक समस्या में बुजुर्ग स्वयं को अकेला न समझें और सहायता के लिए संबंधित प्राधिकरण से संपर्क करें।
15100 पर मिलेगी निःशुल्क कानूनी सहायता
कार्यक्रम के दौरान सचिव ने वरिष्ठ नागरिकों को नालसा हेल्पलाइन नंबर 15100 की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि कानूनी समस्या या विधिक सलाह की आवश्यकता होने पर वरिष्ठ नागरिक हेल्पलाइन के माध्यम से सहायता प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यालय से भी निःशुल्क कानूनी सलाह ली जा सकती है।
कार्यक्रम में वानप्रस्थ आश्रम के पदाधिकारी, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकार मित्र तथा बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिक उपस्थित रहे। इस दौरान बुजुर्गों ने अपनी समस्याएं और अनुभव भी साझा किए।
हेलोनिक्स कंपनी में भी गूंजा वरिष्ठ नागरिक अधिकारों का संदेश
इसी क्रम में सिडकुल स्थित हेलोनिक्स कंपनी में भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां भी सचिव सिमरनजीत कौर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने उपस्थित वरिष्ठ कार्मिकों एवं कर्मचारियों को माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम सहित उनके अन्य मौलिक एवं कानूनी अधिकारों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों के प्रति परिवार और समाज दोनों को संवेदनशील होना जरूरी है। कानूनी जानकारी के अभाव में कई बार बुजुर्ग अपनी समस्याओं को लेकर चुप रह जाते हैं, जबकि उन्हें कानून के तहत उपलब्ध सहायता और संरक्षण की जानकारी होनी चाहिए। सचिव सिमरनजीत कौर ने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हरिद्वार द्वारा वरिष्ठ नागरिकों और असहाय व्यक्तियों को उनकी पात्रता के अनुसार निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। इसका उद्देश्य आर्थिक या सामाजिक रूप से कमजोर व्यक्ति को न्याय पाने में किसी प्रकार की परेशानी न होने देना है।
जिलेभर में आयोजित हुए जागरूकता कार्यक्रम
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से बताया गया कि विश्व वरिष्ठ नागरिक दिवस के अवसर पर जनपद हरिद्वार में विभिन्न स्थानों पर भी वरिष्ठ नागरिकों के साथ जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में बुजुर्गों को उनके अधिकारों, कानूनी संरक्षण और उपलब्ध विधिक सेवाओं की जानकारी दी गई। कार्यक्रमों के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान केवल सामाजिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि उनके अधिकारों की रक्षा भी जरूरी है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने जरूरतमंद वरिष्ठ नागरिकों को हरसंभव कानूनी सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया।



