लक्जरी-स्लीपर बसों पर परिवहन विभाग का ‘सर्जिकल स्ट्राइक’, 185 चालान और 16 बसें सीज,, हरिद्वार की सड़कों पर चला चेकिंग का ‘ऑपरेशन’, नियमों की धज्जियां उड़ाने वालों पर शिकंजा—3 वाहनों पर फिटनेस निलंबन की तलवार

लक्जरी-स्लीपर बसों पर परिवहन विभाग का ‘सर्जिकल स्ट्राइक’, 185 चालान और 16 बसें सीज,,
हरिद्वार की सड़कों पर चला चेकिंग का ‘ऑपरेशन’, नियमों की धज्जियां उड़ाने वालों पर शिकंजा—3 वाहनों पर फिटनेस निलंबन की तलवार

हरिद्वार, 31 अगस्त 2026।
हरिद्वार की सड़कों पर दौड़ रही लक्जरी और स्लीपर बसों के खिलाफ परिवहन विभाग ने सोमवार को कुछ ऐसा अभियान चलाया, मानो नियम तोड़ने वालों के लिए सड़क पर ही ‘रेड कारपेट’ नहीं बल्कि कानूनी कार्रवाई का रेड अलर्ट बिछा दिया गया हो। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर एआरटीओ प्रवर्तन नेहा झा के नेतृत्व में चले विशेष संयुक्त चेकिंग अभियान में एक-दो नहीं, बल्कि 185 बसों के चालान काटे गए और गंभीर अनियमितताओं पर 16 वाहनों को सीज कर दिया गया।
अभियान के दौरान बसों की चमक-दमक के पीछे छिपी खामियों को तलाशने के लिए परिवहन अधिकारियों ने दस्तावेजों से लेकर तकनीकी फिटनेस और यात्री क्षमता तक की बारीकी से जांच की। कई वाहनों में स्वीकृत संरचना से छेड़छाड़, निर्धारित बस बॉडी कोड का उल्लंघन और क्षमता से अधिक यात्रियों के परिवहन जैसी अनियमितताएं सामने आईं।
फिल्मी अंदाज में ‘ऑपरेशन चेकिंग’, जहां नियम टूटा वहीं कार्रवाई का क्लैप
सोचिए… सड़क पर दौड़ती चमचमाती स्लीपर बस, अंदर आरामदायक सीटें और यात्रियों की भीड़। बाहर से सब कुछ ‘फुल लग्जरी’ नजर आता है, लेकिन परिवहन विभाग की टीम ने जब कागज और तकनीकी मानकों की ‘स्क्रिप्ट’ पढ़नी शुरू की तो कई बसों की कहानी का अगला सीन सीधे चालान और सीज पर जाकर खत्म हुआ।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशानुसार तथा सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन नेहा झा के नेतृत्व में चलाए गए अभियान में संभागीय निरीक्षक प्राविधिक आनंद वर्धन ने बसों की तकनीकी और सुरक्षा मानकों के आधार पर गहन जांच की। वहीं एआरएम रोडवेज विशाल कुमार की सहभागिता से संयुक्त रूप से बसों के संचालन, संरचना, यात्री क्षमता और संबंधित अभिलेखों को खंगाला गया।
अधिकारियों की टीम ने यह भी देखा कि बसें जिस संरचना और यात्री क्षमता के लिए स्वीकृत हैं, उनका संचालन उसी के अनुरूप हो रहा है या नहीं। खास तौर पर बस बॉडी कोड, वाहन की संरचना और सुरक्षा मानकों को लेकर सख्ती दिखाई गई।
‘एक्शन’ के कई सीन—185 चालान, 16 सीज और 3 की फिटनेस पर तलवार
विशेष अभियान में परिवहन विभाग ने नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर अलग-अलग स्तर पर कार्रवाई की। चेकिंग के दौरान कुल 185 वाहनों के चालान किए गए, जबकि गंभीर उल्लंघन पाए जाने पर 16 वाहनों को सीज कर दिया गया।
जांच के दौरान सामने आई प्रमुख अनियमितताओं में वाहन की संरचना में अनधिकृत परिवर्तन, निर्धारित बस बॉडी कोड का उल्लंघन, क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाना, ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़ी अनियमितताएं तथा अन्य परिवहन एवं यातायात नियमों का उल्लंघन शामिल रहा।
इतना ही नहीं, तकनीकी और सुरक्षा मानकों की कसौटी पर खरे नहीं उतरने वाले तीन वाहनों की फिटनेस निलंबित किए जाने की संस्तुति भी की गई है। यानी अब इन वाहनों के लिए मामला सिर्फ चालान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उनकी फिटनेस पर भी विभागीय कार्रवाई की तलवार लटक गई है।
बस संचालकों को साफ संदेश—‘यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं’
अभियान के दौरान एआरटीओ प्रवर्तन नेहा झा ने बस संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी वाहन स्वीकृत संरचना, निर्धारित यात्री क्षमता, बस बॉडी कोड और अन्य वैधानिक सुरक्षा मानकों के अनुसार ही संचालित किए जाएं।
परिवहन विभाग का साफ संदेश है कि बस को बाहर से कितना भी लग्जरी बना लिया जाए, लेकिन अगर उसके अंदर नियमों की अनदेखी हो रही है तो कार्रवाई तय है। खासकर यात्रियों की सुरक्षा को लेकर विभाग ने किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरतने का संकेत दिया है।
निखिल शर्मा, एआरटीओ प्रशासन, हरिद्वार:
“यात्री वाहनों में सुरक्षा मानकों का पालन सर्वोच्च प्राथमिकता है। स्वीकृत मानकों के विपरीत किसी भी तरह का परिवर्तन अथवा क्षमता से अधिक यात्री परिवहन पाए जाने पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”
कई मोर्चों पर उतरी टीम, अलग-अलग स्थानों पर हुई ताबड़तोड़ जांच
विशेष अभियान में परिवहन कर अधिकारी वरुणा सैनी, मुकेश भारती, भारत भूषण और हरीश सती ने भी सक्रिय भूमिका निभाई। टीमों ने अलग-अलग स्थानों पर बसों को रोककर उनके दस्तावेज, तकनीकी स्थिति और संचालन संबंधी मानकों की जांच की।
अभियान का मकसद केवल राजस्व वसूली नहीं, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना बताया गया है। विभाग की कार्रवाई से लक्जरी और स्लीपर बस संचालकों में भी हड़कंप की स्थिति दिखाई दी।
नेहा झा, एआरटीओ प्रवर्तन, हरिद्वार:
“बस संचालकों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया है कि वे निर्धारित यात्री क्षमता, स्वीकृत संरचना और सभी सुरक्षा मानकों का पालन करें। यात्रियों की सुरक्षा से समझौता या नियमों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। ऐसे वाहनों के विरुद्ध आगे भी लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।”
‘पिक्चर अभी बाकी है’—आगे भी जारी रहेगा चेकिंग अभियान
परिवहन विभाग ने साफ कर दिया है कि यह कार्रवाई कोई एक दिन का ‘स्पेशल शो’ नहीं है। यात्रियों की सुरक्षित और नियमसम्मत यात्रा सुनिश्चित करने के लिए लक्जरी एवं स्लीपर बसों के खिलाफ विशेष चेकिंग अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
हरिद्वार जैसे धार्मिक और पर्यटन नगरी में बड़ी संख्या में यात्री बसों से सफर करते हैं। ऐसे में बसों की फिटनेस, यात्री क्षमता, चालक का लाइसेंस और वाहन की स्वीकृत संरचना सीधे यात्रियों की सुरक्षा से जुड़ी है।
यही वजह है कि परिवहन विभाग अब बसों की चमक से ज्यादा उनकी कानूनी और तकनीकी ‘फिटनेस’ पर नजर रख रहा है। सोमवार की कार्रवाई ने एक बात साफ कर दी—सड़क पर लक्जरी का सफर हो सकता है, लेकिन नियमों से कोई समझौता नहीं।
185 चालान और 16 सीज के बाद परिवहन विभाग का यह ‘ऑपरेशन’ फिलहाल खत्म जरूर हुआ है, लेकिन विभाग के मुताबिक इसकी अगली कड़ी जल्द ही फिर सड़क पर दिखाई दे सकती है।



