तीन गायों की मौत पर हेमा भंडारी ने उठाए सवाल, हिंदू संगठनों से पूछा—‘आखिर चुप्पी क्यों?’ जन अधिकार पार्टी (जनशक्ति) की राष्ट्रीय महासचिव ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए पुलिस-प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की,, गायों की मौत के मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग, पोस्ट में सामुदायिक संगठनों की भूमिका पर भी सवाल

तीन गायों की मौत पर हेमा भंडारी ने उठाए सवाल, हिंदू संगठनों से पूछा—‘आखिर चुप्पी क्यों?’
जन अधिकार पार्टी (जनशक्ति) की राष्ट्रीय महासचिव ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए पुलिस-प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की,,
गायों की मौत के मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग, पोस्ट में सामुदायिक संगठनों की भूमिका पर भी सवाल

हरिद्वार। तीन गायों की मौत के मामले को लेकर जन अधिकार पार्टी (जनशक्ति) की राष्ट्रीय महासचिव हेमा भंडारी ने सोशल मीडिया के माध्यम से सवाल उठाए हैं। उन्होंने अपनी पोस्ट में कहा कि गाय माता के नाम पर विवाद और हंगामा करने वाले संगठनों से पूछा जाना चाहिए कि इन गायों की मौत के मामले में आज उनकी चुप्पी क्यों है।

हेमा भंडारी ने अपनी पोस्ट में पुलिस और प्रशासन से मामले का संज्ञान लेते हुए सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि गायों की मौत के पीछे किसी की लापरवाही या अन्य कारण सामने आते हैं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है। उन्होंने अपनी पोस्ट में यह भी सवाल रखा कि क्या गाय के मुद्दे पर कार्रवाई और विरोध केवल किसी एक समुदाय के खिलाफ राजनीतिक या सामाजिक विवाद खड़ा करने तक सीमित रह गया है। पोस्ट में उन्होंने कहा कि गाय किसी एक समुदाय की नहीं, बल्कि समाज की जिम्मेदारी है और कानून सभी के लिए समान होना चाहिए।
‘यह राजनीति नहीं, न्याय की मांग है’
हेमा भंडारी ने अपने सोशल मीडिया संदेश में स्पष्ट किया कि उनका सवाल राजनीतिक विरोध के तौर पर नहीं, बल्कि न्याय और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग के रूप में है। उन्होंने पुलिस-प्रशासन से मामले की जांच कर वास्तविक कारण सामने लाने और यदि किसी की गलती या अपराध सामने आता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने हिंदू संगठनों को भी संबोधित करते हुए पूछा कि गायों की मौत के मामले में उनकी ओर से आवाज क्यों नहीं उठाई जा रही है।
पुलिस जांच से सामने आएगा मौत का कारण
हालांकि, सोशल मीडिया पोस्ट में गायों की मौत के पीछे किसी व्यक्ति या संगठन की संलिप्तता का कोई पुष्ट प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया है। ऐसे में मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगी। मामले को लेकर हेमा भंडारी की पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर भी चर्चा तेज हो गई है। अब देखने वाली बात होगी कि पुलिस-प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और गायों की मौत के वास्तविक कारण जांच के बाद क्या सामने आते हैं।



