खड़गे के कार्यक्रम स्थल को गंगाजल से धोने पर कांग्रेस का भाजपा पर तीखा हमला, ‘दलित विरोधी मानसिकता’ का लगाया आरोप,, मनोज धनगर ने भाजपा पर बोला तीखा हमला,, रानीपुर कोतवाली पहुंची कांग्रेस, शुद्धिकरण और हवन करने वालों के खिलाफ मुकदमे की मांग; महेंद्र भट्ट के कथित समर्थन पर भी उठाए सवाल

खड़गे के कार्यक्रम स्थल को गंगाजल से धोने पर कांग्रेस का भाजपा पर तीखा हमला, ‘दलित विरोधी मानसिकता’ का लगाया आरोप,,
मनोज धनगर ने भाजपा पर बोला तीखा हमला,,
रानीपुर कोतवाली पहुंची कांग्रेस, शुद्धिकरण और हवन करने वालों के खिलाफ मुकदमे की मांग; महेंद्र भट्ट के कथित समर्थन पर भी उठाए सवाल

हरिद्वार। हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यक्रम के बाद कथित तौर पर गंगाजल से मैदान का शुद्धिकरण और हवन किए जाने का मामला अब उत्तराखंड की सियासत में तूल पकड़ता जा रहा है। कांग्रेस ने इस घटनाक्रम को लेकर भाजपा पर जोरदार हमला बोलते हुए इसे दलित विरोधी मानसिकता का प्रतीक करार दिया है। मामले में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रानीपुर कोतवाली पहुंचकर पुलिस को तहरीर दी और कथित रूप से शुद्धिकरण करने वालों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की।
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि हल्द्वानी के रामलीला मैदान में खड़गे के कार्यक्रम में हजारों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता पहुंचे थे। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद कुछ लोगों द्वारा कथित तौर पर गंगाजल का छिड़काव कर हवन किया गया। कांग्रेस का कहना है कि यदि किसी दलित नेता के कार्यक्रम के बाद सार्वजनिक स्थल को ‘शुद्ध’ करने की आवश्यकता महसूस की जाती है, तो यह महज राजनीतिक विरोध नहीं बल्कि जातिगत भेदभाव और सामाजिक असमानता की मानसिकता को दर्शाता है।
‘यह सिर्फ खड़गे का अपमान नहीं, संविधान की भावना पर चोट’
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे देश के वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। उनके कार्यक्रम के बाद किसी सार्वजनिक स्थल का कथित शुद्धिकरण किया जाना बेहद गंभीर विषय है।
कांग्रेस का कहना है कि संविधान प्रत्येक नागरिक को समानता और सम्मान का अधिकार देता है। ऐसे में जाति के आधार पर किसी व्यक्ति या उसके कार्यक्रम से जुड़े स्थान को कथित तौर पर ‘अपवित्र’ मानना संविधान की मूल भावना के विपरीत है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि डॉ. भीमराव आंबेडकर ने जिस समानता और सामाजिक न्याय के भारत की कल्पना की थी, उसमें छुआछूत और जातिगत भेदभाव के लिए कोई जगह नहीं है।
‘पहले निजी कृत्य बताया, फिर समर्थन से बढ़ा विवाद’
कांग्रेस नेताओं ने भाजपा नेतृत्व पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जब यह मामला सामने आया था, तब भाजपा के एक वरिष्ठ नेता की ओर से इसे संबंधित लोगों का निजी कृत्य बताया गया था। लेकिन कांग्रेस का आरोप है कि बाद में उत्तराखंड भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट द्वारा कथित रूप से इस शुद्धिकरण का समर्थन किए जाने से विवाद और गहरा गया।
कांग्रेस नेताओं ने सवाल उठाया कि यदि यह वास्तव में कुछ लोगों का निजी कृत्य था तो भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारी को उसका समर्थन करने की आवश्यकता क्यों पड़ी?
कांग्रेस का आरोप है कि इस पूरे घटनाक्रम से भाजपा की कथित दलित विरोधी सोच सामने आई है। हालांकि, शुद्धिकरण की घटना और भाजपा नेताओं की भूमिका को लेकर लगाए गए इन आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
रानीपुर कोतवाली में तहरीर, कार्रवाई की मांग
मामले को लेकर ब्लॉक शिवालिक नगर कांग्रेस कमेटी की ओर से रानीपुर कोतवाली में तहरीर दी गई। कांग्रेस नेताओं ने पुलिस से मांग की कि हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कथित शुद्धिकरण और हवन करने वाले लोगों की पहचान कर पूरे मामले की जांच की जाए तथा दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानून के तहत मुकदमा दर्ज किया जाए।
कांग्रेस का कहना है कि इस प्रकार की गतिविधियों से अनुसूचित जाति एवं जनजाति समाज के लोगों की भावनाएं आहत होने के साथ-साथ समाज में जातिगत भेदभाव का संदेश जा सकता है। पार्टी ने पुलिस प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए उपलब्ध फोटो, वीडियो और अन्य साक्ष्यों की जांच करने की मांग की है।
मनोज धनगर ने भाजपा पर बोला तीखा हमला
इस पूरे मामले को लेकर मनोज धनगर, कांग्रेसी नेता एवं प्रदेश अध्यक्ष, धनगर समाज महासभा उत्तराखंड ने भी भाजपा पर तीखा हमला बोला।
उन्होंने कहा कि हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। कार्यक्रम के बाद जिस तरह कथित तौर पर मैदान को गंगाजल से धोकर हवन किया गया, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
मनोज धनगर ने आरोप लगाया कि इस घटना ने समाज में मौजूद जातिगत मानसिकता को उजागर किया है। उन्होंने कहा कि खड़गे किसी एक समाज या कांग्रेस के ही नेता नहीं हैं, बल्कि देश के वरिष्ठ राजनीतिक नेता हैं। उनके कार्यक्रम के बाद किसी स्थान का कथित शुद्धिकरण करना सामाजिक समानता के सिद्धांतों पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
उन्होंने कहा कि भाजपा को यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वह इस तरह की मानसिकता का समर्थन करती है। यदि भाजपा के कुछ नेताओं ने पहले इस घटना को निजी कृत्य बताया था, तो अब कथित समर्थन क्यों किया जा रहा है?
‘राहुल गांधी के खिलाफ कार्रवाई भी राजनीति से प्रेरित’—कांग्रेस
कांग्रेस नेताओं ने इस दौरान राहुल गांधी से जुड़े मामलों को लेकर भी भाजपा सरकार पर हमला बोला। उनका आरोप है कि राहुल गांधी लगातार गरीब, वंचित, दलित और पिछड़े वर्गों की आवाज उठा रहे हैं तथा सर्व समाज को साथ लेकर चलने की बात करते हैं।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के खिलाफ मुकदमों और राजनीतिक कार्रवाई के पीछे भी सरकार की राजनीतिक मंशा दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ऐसी कार्रवाई का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करती रहेगी।
‘कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज होगा’
कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि हल्द्वानी रामलीला मैदान के कथित शुद्धिकरण और हवन के मामले में निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई, तो पार्टी आंदोलन को और तेज करेगी।कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह लड़ाई किसी एक व्यक्ति या राजनीतिक दल की नहीं, बल्कि सामाजिक सम्मान, बराबरी और संविधान की मूल भावना की लड़ाई है।फिलहाल तहरीर पुलिस तक पहुंच चुकी है। अब निगाहें पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं। कांग्रेस जहां इस मामले को दलित सम्मान और सामाजिक समानता से जोड़कर भाजपा पर आक्रामक है, वहीं आरोपों की वास्तविकता और जिम्मेदार लोगों की भूमिका जांच के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट होगी।



