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हरिद्वार के ग्रामीण इलाकों में वायरल बुखार का प्रकोप, बच्चों के पैरों में दर्द से बढ़ी चिंता,, बुखार के बाद कई बच्चों को खड़े होकर चलने में दिक्कत, परिजनों में घबराहट; डीएम से गांव-गांव मेडिकल कैंप और स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीम भेजने की मांग

हरिद्वार के ग्रामीण इलाकों में वायरल बुखार का प्रकोप, बच्चों के पैरों में दर्द से बढ़ी चिंता,,

बुखार के बाद कई बच्चों को खड़े होकर चलने में दिक्कत, परिजनों में घबराहट; डीएम से गांव-गांव मेडिकल कैंप और स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीम भेजने की मांग

हरिद्वार। जनपद हरिद्वार के ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों वायरल बुखार के बढ़ते मामलों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीणों का कहना है कि कई गांवों में बच्चों से लेकर बड़े और बुजुर्ग तक बुखार की चपेट में आ रहे हैं। सबसे अधिक चिंता उन मामलों को लेकर सामने आ रही है, जहां बुखार के बाद बच्चों में पैरों में दर्द, कमजोरी और खड़े होकर चलने में परेशानी की शिकायत बताई जा रही है।

ग्रामीणों के अनुसार, कुछ बच्चों को बुखार उतरने के बाद भी शरीर में कमजोरी बनी हुई है। कई अभिभावकों ने बच्चों के पैरों में दर्द और चलने में परेशानी की शिकायत की है। बच्चे जब खड़े होने या चलने का प्रयास करते हैं तो कमजोरी और दर्द के कारण उन्हें परेशानी हो रही है। अचानक इस तरह के लक्षण दिखाई देने से परिजन स्वाभाविक रूप से घबरा रहे हैं।

हालांकि, पैरों में दर्द या चलने में परेशानी को केवल वायरल बुखार का सामान्य लक्षण मानकर नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। यदि बच्चे को लगातार बुखार है, पैर में तेज दर्द है, खड़ा होने या चलने में परेशानी है, अत्यधिक कमजोरी है या हालत बिगड़ रही है तो अभिभावकों को बिना देरी किए नजदीकी चिकित्सक अथवा सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच और चिकित्सकीय परामर्श लेना चाहिए। बिना डॉक्टर की सलाह के दवा देने से भी बचना चाहिए।

स्वास्थ्य विभाग गांवों में कराए स्वास्थ्य जांच

ग्रामीणों ने जिलाधिकारी हरिद्वार और जिला स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि वायरल बुखार की बढ़ती शिकायतों को देखते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष स्वास्थ्य अभियान चलाया जाए। प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य विभाग की मेडिकल टीमें भेजकर घर-घर अथवा सामुदायिक स्तर पर मरीजों की जांच कराई जाए।

ग्रामीणों का कहना है कि गांवों में मेडिकल कैंप और स्वास्थ्य शिविर लगाए जाने से बच्चों, बुजुर्गों और अन्य मरीजों की समय पर जांच हो सकेगी। जरूरत पड़ने पर रक्त जांच सहित अन्य आवश्यक जांच की सुविधा उपलब्ध कराई जाए और चिकित्सकों की सलाह के अनुसार मरीजों को दवाएं उपलब्ध कराई जाएं।

साफ-सफाई और दवा छिड़काव पर भी जोर

ग्रामीणों ने प्रशासन से गांवों में विशेष स्वच्छता अभियान चलाने की भी मांग की है। नालियों की सफाई, जलभराव वाले स्थानों की पहचान, कूड़ा हटाने और मच्छरों की रोकथाम के लिए आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग की गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में आवश्यकता के अनुसार दवा का छिड़काव और फॉगिंग कराने की भी अपील की गई है।

स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को भी सावधानी बरतने की जरूरत है। घर और आसपास साफ-सफाई रखें, पानी जमा न होने दें, बच्चों को पर्याप्त आराम और तरल पदार्थ दें तथा बुखार की स्थिति में चिकित्सकीय सलाह लें।

डीएम से ग्रामीण क्षेत्रों की तत्काल निगरानी की अपील

ग्रामीणों ने जिलाधिकारी हरिद्वार से पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि किसी क्षेत्र में लगातार बड़ी संख्या में लोग बीमार हो रहे हैं तो वहां विशेष स्वास्थ्य सर्वे, मेडिकल कैंप, चिकित्सकीय जांच, दवा वितरण और स्वच्छता अभियान एक साथ चलाया जाना चाहिए।

लोगों की मांग है कि स्वास्थ्य विभाग ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति की निगरानी करे और जिन गांवों में बच्चों के पैरों में दर्द व चलने में परेशानी जैसे मामले सामने आ रहे हैं, वहां चिकित्सकीय टीम भेजकर वास्तविक स्थिति की जांच कराई जाए। इससे बीमारी को लेकर फैली आशंका दूर होगी और जरूरतमंद मरीजों को समय पर उपचार मिल सकेगा।

जनहित में अपील: बुखार के बाद यदि बच्चे को खड़े होने या चलने में स्पष्ट परेशानी हो, तेज दर्द हो या कमजोरी बढ़ती जा रही हो तो इसे नजरअंदाज न करें और तत्काल चिकित्सक से संपर्क करें।

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