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हरिद्वार जेल में बंद पत्नी का दबदबा बनाने के लिए पति ने जेलर को दी लॉरेंस बिश्नोई गैंग की धमकी!….. कॉल और व्हाट्सऐप मैसेज से कथित धमकियां, वरिष्ठ जेल अधीक्षक ने SSP से की शिकायत—सिडकुल पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा,, जेल प्रशासन को चुनौती देने वाले आरोपी पर पुलिस का अब शिकंजा, धमकी के पीछे की असली वजह और नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस

हरिद्वार जेल में बंद पत्नी का दबदबा बनाने के लिए पति ने जेलर को दी लॉरेंस बिश्नोई गैंग की धमकी!…..

कॉल और व्हाट्सऐप मैसेज से कथित धमकियां, वरिष्ठ जेल अधीक्षक ने SSP से की शिकायत—सिडकुल पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा,,

जेल प्रशासन को चुनौती देने वाले आरोपी पर पुलिस का अब शिकंजा, धमकी के पीछे की असली वजह और नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस

हरिद्वार। जिला कारागार हरिद्वार से जुड़ा एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। जेल में बंद पत्नी का कथित दबदबा कायम करने और जेल प्रशासन पर दबाव बनाने के लिए उसके पति द्वारा वरिष्ठ जेल अधीक्षक को लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम से धमकी दिए जाने का आरोप लगा है। फोन कॉल और व्हाट्सऐप मैसेज के जरिए कथित तौर पर धमकियां मिलने के बाद जेल प्रशासन में भी हड़कंप मच गया।

मामले में जिला कारागार हरिद्वार के वरिष्ठ जेल अधीक्षक मनोज कुमार आर्य ने गंभीरता दिखाते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया। उन्होंने एसएसपी हरिद्वार को पत्र भेजकर आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की। शिकायत मिलने के बाद सिडकुल थाना पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

कौन है आरोपी?

मामले में जेल में बंद महिला बंदी के पति हिमांशु चड्डा पर वरिष्ठ जेल अधीक्षक को धमकी देने का आरोप लगाया गया है। आरोप है कि आरोपी ने कथित तौर पर अपना दबदबा दिखाने के लिए कुख्यात गैंग के नाम का सहारा लिया। अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि धमकी वास्तव में आरोपी ने दी थी या इसके पीछे कोई अन्य व्यक्ति अथवा नेटवर्क भी सक्रिय है।

लगातार कॉल और व्हाट्सऐप मैसेज का आरोप

वरिष्ठ जेल अधीक्षक मनोज कुमार आर्य ने बातचीत में बताया कि उन्हें लगातार मैसेज और कॉल के माध्यम से धमकियां मिल रही थीं। इसके बाद उन्होंने पुलिस को शिकायत दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।

अब जांच का सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या आरोपी ने महज डर पैदा करने के लिए लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम लिया या वास्तव में किसी आपराधिक नेटवर्क से उसका संपर्क है? पुलिस कॉल डिटेल, मोबाइल नंबर, व्हाट्सऐप मैसेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच कर सकती है।

जेल प्रशासन को धमकी, पुलिस के सामने बड़ी चुनौती

जिला कारागार जैसे संवेदनशील संस्थान के वरिष्ठ अधिकारी को गैंग के नाम से धमकी मिलना सामान्य घटना नहीं है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला जेल प्रशासन पर दबाव बनाने और कानून-व्यवस्था को चुनौती देने की गंभीर कोशिश माना जा सकता है।

फिलहाल सिडकुल पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि धमकी देने के लिए इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर और सोशल मीडिया माध्यम किसके हैं तथा धमकी के पीछे वास्तविक मकसद क्या था।

अब जांच के बाद ही साफ होगा कि यह सिर्फ गैंग के नाम का डर दिखाने की कोशिश थी या इसके पीछे कोई बड़ा आपराधिक कनेक्शन मौजूद है।

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