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एक्शन मोड में प्रशासन… CSC केंद्रों पर पड़ा ताला, चार जन सेवा केंद्र सील!…. औचक निरीक्षण में खुलीं व्यवस्थाओं की परतें, CPU-लैपटॉप जब्त कर जांच के घेरे में कई संचालक; एक CSC की ID निरस्त करने की तैयारी

एक्शन मोड में प्रशासन… CSC केंद्रों पर पड़ा ताला, चार जन सेवा केंद्र सील!….

औचक निरीक्षण में खुलीं व्यवस्थाओं की परतें, CPU-लैपटॉप जब्त कर जांच के घेरे में कई संचालक; एक CSC की ID निरस्त करने की तैयारी

देहरादून। सरकारी सेवाओं की चौखट माने जाने वाले जन सेवा केंद्रों पर अब प्रशासन की नजर टेढ़ी हो गई है। देहरादून में अचानक प्रशासनिक टीम पहुंची और शुरू हुआ निरीक्षण का ऐसा सिलसिला, जिसने कई CSC संचालकों में हड़कंप मचा दिया। जहां जांच में कमियां और अनियमितताएं मिलीं, वहां अधिकारियों ने मौके पर ही कार्रवाई का डंडा चला दिया। देखते ही देखते चार जन सेवा केंद्रों पर ताला जड़ दिया गया।

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के निर्देश पर उप जिलाधिकारी देहरादून के नेतृत्व में टीम ने विभिन्न जन सेवा केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। कार्रवाई के दौरान प्रशासन ने केंद्रों की कार्यप्रणाली, निर्धारित मानकों और उपलब्ध व्यवस्थाओं को जांच के दायरे में लिया।

अचानक पहुंची टीम… और बंद हो गए चार CSC!

प्रशासनिक जांच के दौरान शादमान, हनी रमन, करन वर्मा और प्राची कौशिक के जन सेवा केंद्रों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया। कार्रवाई की खबर फैलते ही अन्य CSC संचालकों में भी खलबली मच गई।

लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई।

जांच टीम ने कुछ केंद्रों से कंप्यूटर उपकरण भी अपनी अभिरक्षा में ले लिए। शादमान, पूनम खन्ना और करन वर्मा के केंद्रों से CPU तथा पारुल बंसल और प्राची कौशिक के केंद्रों से लैपटॉप प्रशासन ने अभिरक्षा में लिए हैं।यानी प्रशासन ने सिर्फ ताला नहीं लगाया, बल्कि जांच से जुड़े डिजिटल उपकरणों को भी अपने कब्जे में लेकर मामले को गंभीरता से लिया है।

अब CSC ID पर भी मंडरा रहा कार्रवाई का खतरा

निरीक्षण के दौरान पवन फर्स्वाण के CSC के संबंध में भी प्रशासन ने कार्रवाई की दिशा में कदम बढ़ाया है। संबंधित CSC की ID निरस्त करने की संस्तुति उच्चाधिकारियों को भेजी गई है।

वहीं पूनम खन्ना के केंद्र संचालक को कड़ी चेतावनी दी गई है। प्रशासन का यह रुख साफ संकेत दे रहा है कि जन सेवा केंद्रों के संचालन में नियमों की अनदेखी सामने आने पर कार्रवाई केवल नोटिस तक सीमित नहीं रहेगी।

‘सरकारी सेवा’ के नाम पर मनमानी नहीं चलेगी!

जन सेवा केंद्रों के माध्यम से आम नागरिकों को विभिन्न सरकारी सेवाओं और योजनाओं से संबंधित सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। ऐसे में इन केंद्रों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और निर्धारित नियमों का पालन बेहद जरूरी है।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अनियमितता या अवैध वसूली पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।

प्रशासन की इस कार्रवाई ने CSC संचालकों को सीधा संदेश दे दिया है—सरकारी सेवाओं के नाम पर लापरवाही या नियमों से खिलवाड़ मिला तो अगला नंबर किसका होगा, यह कहना मुश्किल है।

फिलहाल चार केंद्रों पर ताला लग चुका है, उपकरण प्रशासन की अभिरक्षा में हैं और एक CSC की ID निरस्त करने की संस्तुति भी आगे बढ़ चुकी है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि जांच की अगली कड़ी में प्रशासन का शिकंजा किस-किस जन सेवा केंद्र तक पहुंचता है।

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