चाय की दुकान… बंद दरवाजा… और फंदे पर लटका सुरेंद्र कोली का शव, हरिद्वार में मौत ने छोड़े कई सवाल!….. निठारी कांड से सुर्खियों में आया नाम, फिर हरिद्वार में चाय का खोखा… शुक्रवार को दुकान के भीतर मिली लाश; सुसाइड नोट नहीं, पुलिस जांच में जुटी

चाय की दुकान… बंद दरवाजा… और फंदे पर लटका सुरेंद्र कोली का शव, हरिद्वार में मौत ने छोड़े कई सवाल!…..
निठारी कांड से सुर्खियों में आया नाम, फिर हरिद्वार में चाय का खोखा… शुक्रवार को दुकान के भीतर मिली लाश; सुसाइड नोट नहीं, पुलिस जांच में जुटी
हरिद्वार।
सुबह का वक्त… रोज की तरह चाय की दुकान… आसपास जिंदगी अपनी रफ्तार से चल रही थी। लेकिन सप्त सरोवर रोड पर लालमाता मंदिर के सामने शुक्रवार को जो मंजर सामने आया, उसने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया।जिस चाय की दुकान से कुछ समय से सुरेंद्र कोली लोगों को चाय पिलाकर अपना जीवन चला रहा था, उसी दुकान के भीतर उसका शव रस्सी के सहारे फंदे पर लटका मिला। खबर फैलते ही इलाके में सनसनी मच गई। देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और पुलिस को सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही सप्त ऋषि चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस टीम ने दुकान और आसपास के क्षेत्र का बारीकी से निरीक्षण किया। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर दुकान के भीतर ऐसा क्या हुआ कि सुरेंद्र कोली की जिंदगी का अंत हो गया?
निठारी कांड से हरिद्वार तक… एक ऐसा नाम जिसकी कहानी हमेशा विवादों में रही
सुरेंद्र कोली का नाम देश के चर्चित निठारी कांड से जुड़े मामलों के कारण सुर्खियों में आया था। वह लंबे समय तक कानूनी प्रक्रिया का सामना करता रहा। बाद में न्यायिक प्रक्रिया में उसे राहत मिली और सुप्रीम कोर्ट ने 2025 में उसके खिलाफ लंबित अंतिम निठारी मामले में भी उसे बरी कर दिया था।इसके बाद उसकी जिंदगी का एक नया अध्याय हरिद्वार में शुरू हुआ। बताया जा रहा है कि अल्मोड़ा जिले के भिकियासैंण क्षेत्र के ग्राम मंगरुखाल निवासी सुरेंद्र कोली पिछले कुछ समय से हरिद्वार में रह रहा था। सप्त सरोवर रोड पर किराये का चाय का खोखा लेकर वह अपनी गुजर-बसर कर रहा था।लेकिन शुक्रवार को अचानक वही दुकान उसकी मौत का मंजर बन गई।
फंदा मिला… मगर कहानी का राज अभी बाकी!
घटनास्थल से फिलहाल कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। यही वजह है कि मौत को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस ने परिजनों को घटना की जानकारी दे दी है और आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है।पुलिस अब घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, आसपास की परिस्थितियों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है। मौत आत्महत्या है या इसके पीछे कोई दूसरा पहलू छिपा है, इसका खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही होगा।फिलहाल सप्त सरोवर रोड की वह चाय की दुकान खामोश है… लेकिन उसके भीतर हुई सुरेंद्र कोली की मौत ने कई सवाल छोड़ दिए हैं।
एक तरफ निठारी कांड की पुरानी परछाइयां… दूसरी तरफ हरिद्वार में मौत का रहस्य… अब पुलिस जांच बताएगी कि इस कहानी का असली सच क्या है।



