खेलपुर नसरूल्लापुर में तीन सदस्यीय समिति पर लगी रोक, उप प्रधान को मिली पंचायत की बागडोर…. DPRO अतुल प्रताप सिंह ने 23 जुलाई का संशोधित आदेश किया निरस्त, धारा 32(क) के तहत अग्रिम आदेश तक उप प्रधान संभालेंगे वित्तीय और प्रशासनिक दायित्व

खेलपुर नसरूल्लापुर में तीन सदस्यीय समिति पर लगी रोक, उप प्रधान को मिली पंचायत की बागडोर….
DPRO अतुल प्रताप सिंह ने 23 जुलाई का संशोधित आदेश किया निरस्त, धारा 32(क) के तहत अग्रिम आदेश तक उप प्रधान संभालेंगे वित्तीय और प्रशासनिक दायित्व

हरिद्वार। भगवानपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत खेलपुर नसरूल्लापुर में ग्राम प्रधान पद रिक्त होने के बाद पंचायत के संचालन को लेकर चल रहा विवाद अब नए आदेश के साथ निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। जिला पंचायतराज अधिकारी अतुल प्रताप सिंह ने तीन सदस्यीय समिति के गठन से संबंधित 23 जुलाई 2026 के संशोधित आदेश को निरस्त कर दिया है। इसके साथ ही ग्राम प्रधान के रिक्त पद से जुड़े सभी वित्तीय एवं प्रशासनिक दायित्व अग्रिम आदेश तक उप प्रधान को सौंप दिए गए हैं।
मामला ग्राम प्रधान श्रीमती नीलम को कथित फर्जी शैक्षिक योग्यता के आधार पर पद से हटाए जाने के बाद शुरू हुआ। प्रधान पद रिक्त होने पर जिला पंचायतराज अधिकारी कार्यालय ने 21 जुलाई 2026 के आदेश संख्या 587 के माध्यम से उप प्रधान को ग्राम प्रधान के समस्त वित्तीय एवं प्रशासनिक दायित्वों का निर्वहन करने के लिए अधिकृत किया था।
इसके बाद 23 जुलाई 2026 को संशोधित आदेश संख्या 620 जारी किया गया। इस आदेश के तहत उप प्रधान से ग्राम प्रधान का प्रभार वापस लेते हुए पंचायत के संचालन के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित कर दी गई थी। इस कार्रवाई को लेकर उप प्रधान की ओर से शिकायत की गई और मामले के दोबारा परीक्षण की मांग की गई।
उप प्रधान की शिकायत में पूर्व जिला पंचायतराज अधिकारी मुस्तफा खान पर रिश्वत लेकर उप प्रधान को दायित्वों से हटाने और तीन सदस्यीय समिति गठित करने के आरोप लगाए गए थे। हालांकि, नए आदेश में इन आरोपों को प्रमाणित तथ्य के रूप में दर्ज नहीं किया गया है। आदेश में मुख्य आधार पंचायत अधिनियम के प्रावधानों और पूर्व आदेश की वैधानिकता का परीक्षण है।
धारा 32(क) के आधार पर बदला फैसला
हाईकोर्ट के आदेश के बाद दोबारा कार्यभार संभालने वाले DPRO अतुल प्रताप सिंह ने मामले का परीक्षण किया। कार्यालय द्वारा जारी 25 सितंबर 2026 के आदेश संख्या 1062 में उत्तराखंड पंचायतीराज अधिनियम, 2016 की धारा 32(क) का उल्लेख करते हुए कहा गया कि ग्राम प्रधान की अनुपस्थिति में उप प्रधान द्वारा ग्राम प्रधान के वित्तीय एवं प्रशासनिक दायित्वों का निर्वहन किया जाएगा।
इसी आधार पर कार्यालय ने 23 जुलाई के आदेश संख्या 620 को निरस्त कर दिया। साथ ही अग्रिम आदेश तक ग्राम प्रधान खेलपुर नसरूल्लापुर के समस्त वित्तीय एवं प्रशासनिक दायित्वों का निर्वहन उप प्रधान द्वारा किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि नया आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा।

DPRO अतुल प्रताप सिंह ने कहा—अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार लिया फैसला
जिला पंचायतराज अधिकारी अतुल प्रताप सिंह के अनुसार, मामले का परीक्षण उत्तराखंड पंचायतराज अधिनियम के प्रावधानों के आधार पर किया गया है। धारा 32(क) के तहत प्रधान की अनुपस्थिति में उप प्रधान को वित्तीय एवं प्रशासनिक दायित्वों का निर्वहन करने का प्रावधान है। इसी के आधार पर पूर्व आदेश को निरस्त कर उप प्रधान को अग्रिम आदेश तक जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इस आदेश के बाद खेलपुर नसरूल्लापुर में तीन सदस्यीय समिति के जरिए पंचायत संचालन की व्यवस्था समाप्त हो गई है और फिलहाल पंचायत के वित्तीय एवं प्रशासनिक कामकाज की जिम्मेदारी उप प्रधान संभालेंगे।



