Daily Live Uttarakhand updateअपीलउत्तराखंडएक्सक्लूसिव खबरें

गांव की चौपाल में बजेगा ‘एक्शन का बिगुल’! 2 अक्टूबर को बाल विवाह के खिलाफ होगा बड़ा फैसला,, चौपाल बनेगी ‘कंट्रोल रूम’, गांव वाले लेंगे एक साथ शपथ,, गांधी जयंती पर हरिद्वार की ग्राम सभाओं में चलेगा ‘ऑपरेशन बाल विवाह मुक्त ग्राम’—सामूहिक शपथ से लेकर प्रस्ताव और सत्यापन तक पूरी प्रक्रिया तय, कानून से लेकर नशे तक पर होगी सीधी चोट,, बाल विवाह से लेकर नशे तक—एक ही चौपाल पर कई ‘मोर्चे’, कानूनों की भी खुलेगी फाइल

गांव की चौपाल में बजेगा ‘एक्शन का बिगुल’! 2 अक्टूबर को बाल विवाह के खिलाफ होगा बड़ा फैसला,,

चौपाल बनेगी ‘कंट्रोल रूम’, गांव वाले लेंगे एक साथ शपथ,,

गांधी जयंती पर हरिद्वार की ग्राम सभाओं में चलेगा ‘ऑपरेशन बाल विवाह मुक्त ग्राम’—सामूहिक शपथ से लेकर प्रस्ताव और सत्यापन तक पूरी प्रक्रिया तय, कानून से लेकर नशे तक पर होगी सीधी चोट,,

बाल विवाह से लेकर नशे तक—एक ही चौपाल पर कई ‘मोर्चे’, कानूनों की भी खुलेगी फाइल

हरिद्वार….गांधी जयंती का दिन… गांव की चौपाल… सामने ग्रामीणों की भीड़… पंचायत प्रतिनिधि, महिला मंगल दल, युवक मंगल दल और सरकारी अमला मौजूद। लेकिन इस बार ग्राम सभा की कहानी सिर्फ विकास योजनाओं और सरकारी प्रस्तावों तक सीमित नहीं रहने वाली। 2 अक्टूबर 2026 को हरिद्वार जिले की ग्राम पंचायतों में होने वाली विशेष ग्राम सभाओं में बाल विवाह के खिलाफ ऐसा अभियान चलाने की तैयारी है, जिसमें गांव खुद ‘बाल विवाह मुक्त ग्राम’ बनने का संकल्प लेगा।

अतुल प्रताप सिंह जिला पंचायत राज अधिकारी, हरिद्वार की ओर से जारी निर्देशों के मुताबिक 2 अक्टूबर को विशेष ग्राम सभाओं में ‘बाल विवाह मुक्त भारत अभियान’ से जुड़े विषयों को प्रमुखता से शामिल किया जाना है। ग्राम सभा में ग्रामीणों को बाल विवाह की रोकथाम के लिए जागरूक किया जाएगा और पात्र ग्राम पंचायतों में ‘बाल विवाह मुक्त ग्राम’ घोषित करने संबंधी प्रस्ताव पारित कराने की कार्रवाई की जाएगी।

चौपाल बनेगी ‘कंट्रोल रूम’, गांव वाले लेंगे एक साथ शपथ

फिल्मी अंदाज में कहें तो इस अभियान की पहली घंटी ग्राम सभा की चौपाल से बजेगी। बैठक में ग्रामीणों को बाल विवाह के सामाजिक और कानूनी प्रभावों की जानकारी दी जाएगी। इसके बाद सामूहिक शपथ का दौर होगा।

ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव और उपस्थित ग्रामीणों की भागीदारी में बाल विवाह नहीं कराने और न होने देने का संकल्प लिया जाएगा। निर्देशों में महिला मंगल दल, युवक मंगल दल और फ्रंटलाइन वर्कर्स को भी अभियान में सक्रिय भागीदारी कराने पर जोर दिया गया है।

बाल विवाह से संबंधित किसी घटना या आशंका की जानकारी मिलने पर संबंधित अधिकारियों तक सूचना पहुंचाने और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने की व्यवस्था पर भी ग्रामीणों को जागरूक किया जाएगा।

‘बाल विवाह मुक्त ग्राम’ की मुहर इतनी आसान नहीं—होगा सत्यापन

यहां कहानी सिर्फ शपथ लेकर खत्म नहीं होगी। ग्राम सभा में प्रस्ताव पारित होने के बाद संबंधित प्रक्रिया के तहत सत्यापन कराया जाना है। जारी दस्तावेजों के अनुसार बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी, खंड विकास अधिकारी, ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव समेत संबंधित स्तर के अधिकारियों की भूमिका तय की गई है।

सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र ग्राम पंचायत को बाल विवाह मुक्त ग्राम प्रमाण-पत्र दिए जाने की कार्रवाई आगे बढ़ सकती है।

यानी ग्राम सभा में प्रस्ताव से लेकर सत्यापन और प्रमाणन तक पूरा सिस्टम चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ेगा।


बाल विवाह से लेकर नशे तक—एक ही चौपाल पर कई ‘मोर्चे’, कानूनों की भी खुलेगी फाइल

BNS-बीएनएस से साइबर अपराध तक जागरूकता, नशा मुक्त भारत अभियान में युवाओं पर फोकस; साथ ही 2027-28 की विकास योजना पर भी गांव करेगा मंथन

हरिद्वार।
2 अक्टूबर की विशेष ग्राम सभा में सिर्फ बाल विवाह का मुद्दा ही नहीं होगा। दस्तावेजों में गांव के सामाजिक, कानूनी और विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों को एजेंडे में शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं। यानी एक तरफ बाल विवाह के खिलाफ मोर्चा, दूसरी तरफ नशे के खिलाफ जागरूकता, और तीसरी तरफ गांव के विकास का अगला रोडमैप तैयार करने की कवायद होगी।

नए कानूनों की होगी ‘क्लास’, अपराध से साइबर सुरक्षा तक चर्चा

विशेष ग्राम सभा में आम लोगों को भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) के बारे में जानकारी देने के निर्देश हैं।

महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, अपराध की रिपोर्टिंग, जांच प्रक्रिया, साइबर अपराध और डिजिटल साक्षरता जैसे विषयों पर भी ग्रामीणों को जागरूक किया जाएगा।

यानी चौपाल पर इस बार सिर्फ गांव की समस्या नहीं, बल्कि बदलते कानून और डिजिटल दौर की चुनौतियां भी चर्चा के केंद्र में रहेंगी।

नशे के खिलाफ भी चलेगा ‘एक्शन प्लान’

विशेष ग्राम सभा में ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ को लेकर भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक, पारिवारिक और सामाजिक नुकसान की जानकारी ग्रामीणों को दी जाएगी।

विशेष रूप से बच्चों और युवाओं को नशे से दूर रखने, शुरुआती संकेत पहचानने और नशे से प्रभावित लोगों को उपचार एवं पुनर्वास सेवाओं से जोड़ने पर जोर दिया गया है।

परिवार और समुदाय की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया गया है, ताकि गांव में नशामुक्त वातावरण बनाने की दिशा में सामूहिक प्रयास हो सकें।

अब गांव खुद तय करेगा—कहां बनेगी सड़क, कहां चाहिए पानी और क्या होगी प्राथमिकता

विशेष ग्राम सभा का एक बड़ा हिस्सा ग्राम पंचायत विकास योजना यानी GPDP 2027-28 को लेकर भी रहेगा।

गांव की स्थानीय जरूरतों, उपलब्ध संसाधनों और विकास की प्राथमिकताओं पर ग्रामीणों से सुझाव लिए जाएंगे। पेयजल, स्वच्छता, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, रोजगार, महिला एवं बाल विकास, सामाजिक सुरक्षा और जल संरक्षण जैसे विषयों को पंचायत की आगामी विकास योजना में शामिल करने पर चर्चा होगी।

निर्देशों में केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं को ग्राम पंचायत स्तर पर आपस में जोड़कर अभिसरण (Convergence) के माध्यम से विकास कार्यों को आगे बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है।

PACS, SVAMITVA से लेकर युवाओं तक—पूरा गांव एजेंडे में

ग्राम सभा में PACS, सहकारी समितियों, डेयरी एवं मत्स्य सहकारी समितियों से जुड़ी सुविधाओं की जानकारी दी जाएगी। SVAMITVA योजना के तहत ग्रामीण आबादी क्षेत्रों में संपत्ति अभिलेख और संपत्ति कार्ड के महत्व पर भी चर्चा होगी।

युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए MY Bharat एवं युवा स्वयंसेवक गतिविधियों तथा विद्यालयों में मॉडल युवा ग्राम सभा जैसे कार्यक्रमों को बढ़ावा देने की बात कही गई है।

इसके अलावा सामाजिक न्याय, दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिक, महिला सशक्तिकरण और विभिन्न सरकारी योजनाओं के पात्र लाभार्थियों तक सुविधाएं पहुंचाने पर भी चर्चा होगी।

स्वच्छता का भी ‘फाइनल मिशन’—कूड़ा, नाली और सफाई पर होगी नजर

गांव की स्वच्छता व्यवस्था को लेकर भी विशेष ग्राम सभा में चर्चा होगी। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, कूड़ा एकत्रीकरण, नालियों की सफाई और स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए स्थानीय स्तर पर जिम्मेदारियां तय करने पर जोर दिया गया है।

कुल मिलाकर 2 अक्टूबर की विशेष ग्राम सभा हरिद्वार के गांवों के लिए सिर्फ एक औपचारिक बैठक नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता और ग्राम विकास को एक साथ जोड़ने वाला अभियान होगी। बाल विवाह के खिलाफ सामूहिक संकल्प से लेकर नशामुक्ति, नए कानूनों की जानकारी, स्वच्छता और GPDP 2027-28 की विकास योजना तक—गांव की चौपाल पर कई अहम फैसलों की पटकथा लिखी जाएगी। अब देखना यह होगा कि ग्राम सभा में लिए गए संकल्प कागज से निकलकर गांव की जमीन पर कितनी मजबूती से उतरते हैं।

Related Articles

Back to top button