सड़कों में गड्ढों पर डीएम मयूर दीक्षित का ‘ऑपरेशन क्लीन स्वीप’! सड़क पर उतरे डीएम मयूर दीक्षित तो अफसरों में मचा हड़कंप—15 अक्टूबर की डेडलाइन, अब बहाने नहीं सिर्फ काम… चंडी चौक से भूपतवाला तक गड्ढा मुक्त सड़को पर ‘मेगा एक्शन’—डामरीकरण-पेंचवर्क की रफ्तार बढ़ाने के निर्देश, मजदूर बढ़ेंगे और खराब सड़कें होंगी गड्ढामुक्त
15 अक्टूबर की डेडलाइन… अब सड़क पर डीएम का ‘ऑपरेशन गड्ढामुक्त’! चंडी चौक से बैरागी कैंप तक मयूर दीक्षित का ग्राउंड एक्शन—अफसरों को दो टूक, “काम की रफ्तार बढ़ाओ, श्रमिक बढ़ाओ, सड़कें हर हाल में गड्ढामुक्त करो”

सड़कों में गड्ढों पर डीएम मयूर दीक्षित का ‘ऑपरेशन क्लीन स्वीप’! सड़क पर उतरे डीएम मयूर दीक्षित तो अफसरों में मचा हड़कंप—15 अक्टूबर की डेडलाइन, अब बहाने नहीं सिर्फ काम…
चंडी चौक से भूपतवाला तक गड्ढा मुक्त सड़को पर ‘मेगा एक्शन’—डामरीकरण-पेंचवर्क की रफ्तार बढ़ाने के निर्देश, मजदूर बढ़ेंगे और खराब सड़कें होंगी गड्ढामुक्त

हरिद्वार, 04 अक्टूबर 2026।
हरिद्वार की सड़कों पर पड़े गड्ढों के खिलाफ अब प्रशासन ने सीधे मोर्चा खोल दिया है। मुख्यमंत्री के निर्देश और 15 अक्टूबर की डेडलाइन के बीच समय तेजी से निकल रहा है। ऐसे में रविवार को जिलाधिकारी मयूर दीक्षित खुद सड़क पर उतर आए। अधिकारियों की टीम साथ थी और निशाने पर था—सड़कों का गड्ढा, अधूरा पेंचवर्क और धीमी निर्माण रफ्तार।
चंडी चौक से लेकर आयरिश पुल, बैरागी कैंप और दक्षद्वीप तक डीएम ने मौके पर पहुंचकर सड़क और निर्माण कार्यों का जायजा लिया। कहीं डामरीकरण की स्थिति देखी तो कहीं पेंचवर्क की रफ्तार परखी। जहां काम धीमा मिला, वहां अधिकारियों को साफ संदेश दिया गया कि अब कागजी प्रगति नहीं, जमीन पर दिखाई देने वाला काम चाहिए।
“15 अक्टूबर तक हर हाल में गड्ढामुक्त हों सड़कें”—डीएम का सीधा फरमान
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने राष्ट्रीय राजमार्ग और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि 15 अक्टूबर तक निर्धारित लक्ष्य को हर हाल में पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर सड़क मरम्मत का कार्य बाकी है, वहां श्रमिकों की संख्या और संसाधन तत्काल बढ़ाए जाएं। डीएम ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि सड़क मरम्मत में अनावश्यक देरी किसी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। चिन्हित स्थानों पर डामरीकरण और पेंचवर्क तेजी से पूरा किया जाए, ताकि आम जनता को सुगम और सुरक्षित आवागमन मिल सके। यानी अब सड़क के गड्ढों पर सिर्फ फाइल नहीं चलेगी—मशीन चलेगी, मजदूर उतरेंगे और सड़क पर डामर बिछेगा।
चंडी पुल से आयरिश पुल तक डीएम की ‘स्पॉट चेकिंग’—जहां कमी मिली, वहीं से जारी हुए निर्देश
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने चंडी पुल के मरम्मत कार्य की भी जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को पुल की मरम्मत तेजी से पूरी करने के निर्देश दिए, ताकि लंबे समय तक यातायात प्रभावित न हो और लोगों को परेशानी न झेलनी पड़े।इसके बाद आयरिश पुल के पास क्षतिग्रस्त सड़क का निरीक्षण किया गया। डीएम ने सड़क की स्थिति देखी और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई में तेजी लाने के निर्देश दिए।डीएम का यह दौरा महज निरीक्षण तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने मौके पर ही अधिकारियों को सड़क मरम्मत के काम की गति बढ़ाने और पर्याप्त मानव संसाधन लगाने के निर्देश दिए।
शंकराचार्य चौक से भूपतवाला तक ‘पहले सड़क, फिर बाकी काम’
राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों को जिलाधिकारी ने विशेष रूप से निर्देश दिया कि शंकराचार्य चौक से भूपतवाला तक पेंचवर्क और डामरीकरण का कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराया जाए।हरिद्वार में यातायात के लिहाज से यह बेहद महत्वपूर्ण मार्ग है। ऐसे में सड़क की खराब स्थिति को लेकर प्रशासन अब कोई ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है।डीएम ने कहा कि सड़क मरम्मत के साथ-साथ सड़क किनारे की व्यवस्था भी बेहतर होनी चाहिए। इसके लिए राष्ट्रीय राजमार्ग के विभिन्न हिस्सों में पेंटिंग और वॉल पेंटिंग कराने के निर्देश दिए गए। खराब पड़ी स्ट्रीट लाइटों को भी तत्काल दुरुस्त करने को कहा गया।
दक्षद्वीप में 60 मीटर स्पान पुल का भी ‘रियलिटी चेक’
निरीक्षण का अगला पड़ाव रहा दक्षद्वीप स्थित बैरागी क्षेत्र, जहां निर्माणाधीन 60 मीटर स्पान पुल का डीएम ने स्थलीय निरीक्षण किया।जिलाधिकारी ने निर्माण कार्य की प्रगति, गुणवत्ता और समयसीमा की जानकारी अधिकारियों से ली। उन्होंने कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में किसी भी स्तर पर गुणवत्ता से समझौता न हो।डीएम ने अधिकारियों से कहा कि पुल निर्माण से जुड़े सभी कार्यों में आवश्यक समन्वय बनाया जाए और काम की नियमित समीक्षा की जाए, ताकि निर्माण समयबद्ध तरीके से पूरा हो सके।
कुंभ से पहले सड़क और पुल दोनों पर फोकस—अधूरे कामों की रफ्तार बढ़ाने का अल्टीमेटम
हरिद्वार में आगामी कुंभ मेले को देखते हुए जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग द्वारा कराए जा रहे कुंभ मेला संबंधी निर्माण कार्यों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से अलग-अलग कार्यों की प्रगति रिपोर्ट ली और निर्देश दिया कि कुंभ की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सभी कार्य समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरे किए जाएं। प्रशासन की नजर अब केवल गड्ढों पर नहीं, बल्कि पूरे सड़क नेटवर्क और उससे जुड़ी सुविधाओं पर है। सड़क, पुल, स्ट्रीट लाइट, वॉल पेंटिंग और अन्य व्यवस्थाओं को एक साथ दुरुस्त करने की कवायद शुरू कर दी गई है।
सड़क पर डटे डीएम मयूर दीक्षित, पीछे अफसरों की पूरी टीम—अब बहाने नहीं, परिणाम चाहिए
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से काम करने और नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने साफ कहा कि जनता को बेहतर सड़क और सुगम आवागमन उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। 15 अक्टूबर की डेडलाइन अब दूर नहीं है। ऐसे में आने वाले दिनों में हरिद्वार की सड़कों पर डामर की परत कितनी तेजी से चढ़ती है और गड्ढे कितनी जल्दी गायब होते हैं, यह प्रशासन की परीक्षा भी होगी।
रविवार का डीएम का यह ग्राउंड निरीक्षण इसी बात का संकेत है कि अब सड़क निर्माण की फाइलें दफ्तरों में नहीं, सड़कों पर खुलेंगी और काम की असली तस्वीर मौके पर दिखाई देगी।निरीक्षण के दौरान परियोजना निदेशक राष्ट्रीय राजमार्ग विशाल गोयल, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग योगेश कुमार, डिप्टी मैनेजर एनएच प्रज्वल चौहान, कॉन्ट्रैक्टर अमित जैन, जिला सूचना अधिकारी रती लाल शाह सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।



