हरिद्वार में ‘वोट चोरी’ पर कांग्रेस का महाशक्ति प्रदर्शन, शैलजा के नेतृत्व में खोला मोर्चा!…. शिव मूर्ति चौक से उठी ऐसी हुंकार कि सियासी गलियारों में मचा हड़कंप—ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग, मनोज धनगर ने भी भरी हुंकार””! मनोज धनगर की दल-बल काफिले के साथ दमदार एंट्री—‘वोट जनता का अधिकार, किसी की जागीर नहीं’

हरिद्वार में ‘वोट चोरी’ पर कांग्रेस का महाशक्ति प्रदर्शन, शैलजा के नेतृत्व में खोला मोर्चा!….
शिव मूर्ति चौक से उठी ऐसी हुंकार कि सियासी गलियारों में मचा हड़कंप—ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग, मनोज धनगर ने भी भरी हुंकार””!
मनोज धनगर की दल-बल काफिले के साथ दमदार एंट्री—‘वोट जनता का अधिकार, किसी की जागीर नहीं’

इन्तजार रजा, हरिद्वार….हरिद्वार की सड़कों पर बुधवार को सियासत का ऐसा सैलाब उमड़ा कि माहौल पूरी तरह गरमा गया। मुद्दा था वोट चोरी का आरोप, चुनावी व्यवस्था की निष्पक्षता और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग। कांग्रेस ने शिव मूर्ति चौक से पैदल मार्च निकालकर केंद्र सरकार और निर्वाचन व्यवस्था के खिलाफ ऐसा मोर्चा खोला कि शहर की सड़कों पर कांग्रेस के नारों की गूंज सुनाई देने लगी।
कांग्रेस के इस शक्ति प्रदर्शन में उत्तराखंड कांग्रेस प्रभारी कुमारी शैलजा, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल, चुनाव प्रचार समिति अध्यक्ष प्रीतम सिंह समेत कांग्रेस के तमाम नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता सड़क पर उतरे। हाथों में झंडे, तख्तियां और जुबान पर नारे—कांग्रेस ने साफ कर दिया कि ‘वोट चोरी’ का मुद्दा अब सिर्फ मंच की बात नहीं, बल्कि सड़क की लड़ाई बनने जा रहा है।
शिव मूर्ति चौक से निकली हुंकार, सड़कों पर गूंजा ‘वोट चोरी’ का नारा
जिला एवं महानगर कांग्रेस कमेटी के संयुक्त तत्वावधान में निकाला गया यह पैदल मार्च जैसे-जैसे आगे बढ़ा, कांग्रेस कार्यकर्ताओं का जोश भी बढ़ता गया। कार्यकर्ता निर्वाचन व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग करते हुए नारेबाजी करते नजर आए।
कांग्रेस का आरोप है कि लोकतंत्र की सबसे मजबूत कड़ी जनता का वोट है और यदि वोट की निष्पक्षता पर ही सवाल खड़े होने लगें तो लोकतांत्रिक व्यवस्था की विश्वसनीयता पर गंभीर असर पड़ता है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जनता के वोट का अधिकार किसी भी कीमत पर कमजोर नहीं होने दिया जाएगा।
शैलजा का वार—‘लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ देश स्वीकार नहीं करेगा’
मंच से कांग्रेस प्रभारी कुमारी शैलजा ने केंद्र सरकार और निर्वाचन व्यवस्था पर तीखा हमला बोला। उनका अंदाज आक्रामक था और निशाना सीधे सरकार तथा निर्वाचन व्यवस्था पर।
शैलजा ने कहा कि कांग्रेस ने आज रैली और प्रदर्शन के साथ गंगा मैया से भी प्रार्थना की है कि देश को भ्रष्ट सरकार, मोदी सरकार और भ्रष्ट मुख्य निर्वाचन आयुक्त से मुक्ति मिले।उन्होंने आरोप लगाया कि देश में लोकतंत्र के साथ जिस तरह से खिलवाड़ किया जा रहा है, उसे देश और उत्तराखंड स्वीकार नहीं करेगा। शैलजा ने कहा कि कांग्रेस जनता के अधिकारों की लड़ाई लड़ रही है और राहुल गांधी ने जिन मुद्दों को समय-समय पर जनता के सामने रखा है, उन्हें आने वाले समय में और मजबूती के साथ उठाया जाएगा।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे पर कांग्रेस का सीधा वार
हरिद्वार के इस प्रदर्शन में कांग्रेस का सबसे बड़ा राजनीतिक निशाना मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार रहे। कांग्रेस नेताओं ने निर्वाचन व्यवस्था को लेकर सवाल उठाते हुए ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। पार्टी का कहना है कि चुनावी प्रक्रिया में जनता का भरोसा सर्वोपरि है और जब निर्वाचन व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हों तो जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारे लगाते हुए कहा कि चुनाव निष्पक्ष होना चाहिए और प्रत्येक मतदाता के वोट की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने साफ किया कि पार्टी इस मुद्दे को अब हर स्तर पर जनता के बीच ले जाएगी।
मनोज धनगर की दल-बल काफिले सहित दमदार एंट्री—‘वोट जनता का अधिकार, किसी की जागीर नहीं’
इस पूरे प्रदर्शन में कांग्रेस नेता और धनगर समाज महासभा के प्रदेश अध्यक्ष मनोज धनगर भी मजबूती के साथ नजर आए। उन्होंने कांग्रेस के इस आंदोलन में अपनी आवाज बुलंद करते हुए कहा कि लोकतंत्र में सबसे बड़ी ताकत जनता का वोट है।मनोज धनगर ने कहा कि वोट किसी नेता या राजनीतिक दल की जागीर नहीं, बल्कि जनता का संवैधानिक अधिकार है। इस अधिकार की रक्षा करना लोकतंत्र की जिम्मेदारी है।उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता होनी चाहिए और मतदाता को यह भरोसा होना चाहिए कि उसका वोट सुरक्षित है और उसकी आवाज सही तरीके से लोकतांत्रिक व्यवस्था तक पहुंच रही है। मनोज धनगर ने कहा कि यदि जनता के वोट को लेकर सवाल खड़े होते हैं तो उन सवालों का जवाब मिलना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस की मांगों का समर्थन करते हुए निर्वाचन व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही की जरूरत पर जोर दिया।
प्रीतम सिंह ने भी संभाला मोर्चा
कांग्रेस के चुनाव प्रचार समिति अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने भी प्रदर्शन के दौरान निर्वाचन व्यवस्था को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता के वोट की ताकत सबसे बड़ी ताकत है।उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता के मताधिकार की रक्षा के लिए सड़क से लेकर सदन तक आवाज उठाती रहेगी। चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना जरूरी है।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं का शक्ति प्रदर्शन, सड़कों पर दिखा जोश
मार्च के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह नजर आया। जगह-जगह नारेबाजी हुई और कार्यकर्ताओं ने निर्वाचन व्यवस्था के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह सिर्फ एक पैदल मार्च नहीं, बल्कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए उठाई गई आवाज है।पार्टी का कहना है कि वोट चोरी के आरोपों और निर्वाचन व्यवस्था से जुड़े सवालों को दबने नहीं दिया जाएगा। आने वाले दिनों में इस मुद्दे को और ज्यादा आक्रामक तरीके से जनता के बीच ले जाने की तैयारी है।
गंगा नगरी से कांग्रेस का बड़ा सियासी संदेश
हरिद्वार की धरती से कांग्रेस ने बुधवार को बड़ा राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की। गंगा किनारे बसे इस शहर से उठी आवाज सीधे दिल्ली तक पहुंचाने की कोशिश हुई।कांग्रेस ने एक तरफ केंद्र सरकार को घेरा तो दूसरी तरफ मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर अपना रुख साफ कर दिया।
अब देखना यह होगा कि कांग्रेस के इस ‘वोट चोरी’ अभियान का राजनीतिक असर कितना दूर तक जाता है और निर्वाचन व्यवस्था पर उठाए गए इन सवालों का जवाब सत्ता पक्ष और निर्वाचन आयोग किस अंदाज में देता है।फिलहाल हरिद्वार में कांग्रेस के शक्ति प्रदर्शन ने सियासी तापमान जरूर बढ़ा दिया है।संदेश साफ है—वोट पर सवाल तो कांग्रेस मैदान में, निष्पक्ष चुनाव की मांग तो कांग्रेस सड़क पर और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा।



