Daily Live Uttarakhand updateइन्वेस्टिगेशनउत्तराखंडएक्सक्लूसिव खबरें

पीएम आवास योजना में बड़ा एक्शन: हरिद्वार में 419 अपात्र लाभार्थियों के नाम हटेंगे,, 2,282 आपत्तियों में 943 का निस्तारण, 1,340 मामलों की जांच जारी—सीडीओ के सख्त निर्देश, पात्र परिवारों को मिलेगा योजना का लाभ

पीएम आवास योजना में बड़ा एक्शन: हरिद्वार में 419 अपात्र लाभार्थियों के नाम हटेंगे,,

2,282 आपत्तियों में 943 का निस्तारण, 1,340 मामलों की जांच जारी—सीडीओ के सख्त निर्देश, पात्र परिवारों को मिलेगा योजना का लाभ

हरिद्वार, 27 अगस्त 2026। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत हरिद्वार जनपद में पात्रता सूची के पुनरीक्षण का काम तेज कर दिया गया है। विकासखंड स्तर पर चल रही जांच के दौरान अब तक 419 ऐसे लाभार्थी चिन्हित किए गए हैं, जो योजना की पात्रता के मानकों पर खरे नहीं उतरते। इन अपात्र लाभार्थियों के नाम सूची से हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। वहीं, जांच के बाद पात्र पाए जाने वाले छूटे हुए परिवारों को सूची में शामिल करने की कार्रवाई भी की जा रही है।

मुख्य विकास अधिकारी के निर्देश पर जनपद की विभिन्न ग्राम पंचायतों में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की पात्रता सूची का व्यापक पुनरीक्षण किया जा रहा है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजना का लाभ केवल वास्तविक रूप से पात्र और जरूरतमंद परिवारों तक ही पहुंचे। अधिकारियों द्वारा आपत्तियों और शिकायतों की जांच के आधार पर लाभार्थियों की पात्रता का सत्यापन किया जा रहा है।

2,282 आपत्तियां मिलीं, 943 का निस्तारण

प्रशासन के अनुसार 18 अगस्त 2026 तक आपत्तियां एवं शिकायतें दर्ज कराने की समय सीमा निर्धारित की गई थी। इस दौरान हरिद्वार जनपद की अलग-अलग ग्राम पंचायतों से कुल 2,282 आपत्तियां प्राप्त हुईं। इनमें से 943 आपत्तियों का निस्तारण किया जा चुका है, जबकि शेष 1,340 आपत्तियों की जांच अभी जारी है।

जांच के दौरान विभिन्न विकासखंडों में अब तक 419 अपात्र लाभार्थियों की पहचान की गई है। अधिकारियों के स्तर से इन नामों को पात्रता सूची से हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद यदि अन्य अपात्र लाभार्थी भी सामने आते हैं तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

छूटे पात्र परिवारों को भी मिलेगा मौका

पुनरीक्षण के दौरान केवल अपात्र लाभार्थियों को हटाने पर ही ध्यान नहीं दिया जा रहा है, बल्कि ऐसे परिवारों की भी पहचान की जा रही है, जो पूर्व सर्वेक्षण के दौरान किसी कारणवश सूची में शामिल नहीं हो पाए थे। इसके अलावा ऐसे पात्र परिवार, जो किसी वजह से सूची से बाहर हो गए हैं, उनकी भी दोबारा जांच कर अलग से सूचीबद्ध करने की कार्रवाई की जा रही है।

मुख्य विकास अधिकारी डॉ ललित नारायण मिश्र ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की सूची में किसी भी अपात्र व्यक्ति को शामिल न रहने दिया जाए। आवास स्वीकृत होने से पहले यदि कोई लाभार्थी अपात्र पाया जाता है तो उसका नाम सूची से तत्काल विलोपित किया जाएगा।

प्रशासन की इस कार्रवाई से जहां अपात्र लाभार्थियों पर शिकंजा कसने की उम्मीद है, वहीं वास्तविक जरूरतमंद और गरीब परिवारों को योजना का लाभ मिलने का रास्ता भी साफ होगा। अधिकारियों का कहना है कि पात्रता सूची को पारदर्शी और वास्तविक बनाने के लिए जांच प्रक्रिया पूरी गंभीरता और नियमानुसार की जा रही है।

Related Articles

Back to top button