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अंकिता भंडारी केस में बड़ा घटनाक्रम! वायरल ऑडियो प्रकरण में पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर जेल भेजे गए, राजनीतिक गलियारों में मचा हड़कंप,, अदालत ने पूर्व विधायक सुरेश राठौर को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा; चर्चित ऑडियो सामने आने के बाद फिर सुर्खियों में आया अंकिता भंडारी हत्याकांड,, कोर्ट में हुई सुनवाई के बाद जेल रवाना, मामले की अगली कानूनी कार्रवाई पर टिकी प्रदेशभर की निगाहें; जांच एजेंसियां भी पड़ताल में जुटी 

अंकिता भंडारी केस में बड़ा घटनाक्रम! वायरल ऑडियो प्रकरण में पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर जेल भेजे गए, राजनीतिक गलियारों में मचा हड़कंप,,

अदालत ने पूर्व विधायक सुरेश राठौर को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा; चर्चित ऑडियो सामने आने के बाद फिर सुर्खियों में आया अंकिता भंडारी हत्याकांड,,

कोर्ट में हुई सुनवाई के बाद जेल रवाना, मामले की अगली कानूनी कार्रवाई पर टिकी प्रदेशभर की निगाहें; जांच एजेंसियां भी पड़ताल में जुटी

देहरादून। उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े कथित वायरल ऑडियो प्रकरण में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। पूर्व भाजपा विधायक को अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने के आदेश दिए हैं। कोर्ट के इस फैसले के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और मामला एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है।

जानकारी के अनुसार, वायरल ऑडियो प्रकरण को लेकर सुरेश राठौर को न्यायालय में पेश किया गया था। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की ओर से अपने-अपने तर्क रखे गए। दलीलें सुनने के बाद अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में भेजने का आदेश पारित किया। आदेश के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया।

गौरतलब है कि हाल ही में सामने आए एक कथित वायरल ऑडियो ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है। ऑडियो सार्वजनिक होने के बाद राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और आम जनता के बीच इसे लेकर तीखी चर्चाएं शुरू हो गई हैं। पहले से ही पूरे देश का ध्यान आकर्षित कर चुके अंकिता भंडारी हत्याकांड में इस नए घटनाक्रम ने कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं।

अंकिता भंडारी हत्याकांड उत्तराखंड के सबसे संवेदनशील और चर्चित मामलों में से एक रहा है। ऐसे में वायरल ऑडियो प्रकरण के बाद मामले की गंभीरता और बढ़ गई है। अदालत के ताजा आदेश के बाद अब सभी की नजरें आगामी सुनवाई और जांच एजेंसियों की रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं।

वहीं कानूनी जानकारों का मानना है कि मामले में आगे आने वाले साक्ष्य और जांच रिपोर्ट महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। फिलहाल न्यायिक हिरासत के आदेश के बाद सुरेश राठौर जेल भेज दिए गए हैं और मामले की अगली सुनवाई का इंतजार किया जा रहा है।

प्रदेश की जनता, राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि वायरल ऑडियो प्रकरण की जांच में आगे क्या तथ्य सामने आते हैं और अदालत में होने वाली आगामी सुनवाई में क्या नया मोड़ देखने को मिलता है। फिलहाल इस घटनाक्रम ने एक बार फिर अंकिता भंडारी प्रकरण को प्रदेश की सबसे बड़ी चर्चाओं में ला खड़ा किया है।

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