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हरिद्वारवासियों के लिए बड़ी राहत! 8 नवंबर की मध्यरात्रि से फिर गूंजेगी ऊपरी गंगनहर में पानी की कलकल, 18 दिन बाद शुरू होगा जल प्रवाह, कुंभ-2027 के निर्माण कार्यों के चलते बंद थी नहर…. यूपी शासन से मिली संचालन की हरी झंडी, निर्माण एजेंसियों को नहर से बंध, डायवर्जन, मिट्टी और भारी मशीनरी हटाने के सख्त निर्देश; पानी का बहाव रोकने वाली लापरवाही पर हो सकता है बड़ा हादसा….

हरिद्वार, 07 नवंबर। हरिद्वारवासियों के लिए राहत भरी खबर है। करीब 18 दिनों से बंद ऊपरी गंगनहर में एक बार फिर पानी की धारा बहने जा रही है। 8 नवंबर की मध्यरात्रि से नहर का संचालन शीर्ष स्तर से दोबारा शुरू कर दिया जाएगा। उत्तर प्रदेश शासन से इसके लिए अनुमति मिल चुकी है। कुंभ मेला-2027 की तैयारियों के मद्देनजर विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए नहर को बंद किया गया था।

दरअसल, आगामी कुंभ मेले को लेकर हरिद्वार में विभिन्न विभागों की ओर से बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं। इसी के चलते 20 और 21 अक्टूबर की मध्यरात्रि से ऊपरी गंगनहर का संचालन बंद कर दिया गया था। इस दौरान नहर और उससे जुड़ी जल प्रणालियों में जरूरी निर्माण एवं तकनीकी कार्य किए गए।

कई महत्वपूर्ण जल प्रणालियों में हुए निर्माण कार्य

अधिशासी अभियंता, उत्तरी खंड गंगनहर रुड़की के अनुसार, नहर बंदी के दौरान उत्तराखंड शासन के विभिन्न विभागों ने पुरानी आपूर्ति धारा, नई आपूर्ति धारा, लिंक चैनल, ऊपरी गंगनहर, मायापुर स्केप और सिल्ट इजेक्टर चैनल में निर्माण कार्य कराए। इन कार्यों का उद्देश्य कुंभ मेला-2027 के दौरान जल प्रबंधन और संबंधित व्यवस्थाओं को बेहतर बनाना है।

निर्माण एजेंसियों को अल्टीमेटम, तत्काल हटानी होगी मशीनरी

नहर संचालन की तारीख निर्धारित होते ही सिंचाई विभाग ने सभी संबंधित विभागों और कार्यदायी संस्थाओं को सख्त निर्देश जारी किए हैं। नहर के बहाव मार्ग में बनाए गए अस्थायी बंध, डायवर्जन, मिट्टी, निर्माण सामग्री, मशीनरी और टीएंडपी को तत्काल हटाने को कहा गया है। इसके अलावा श्रमिकों से जुड़ी व्यवस्थाओं को भी नहर की बेड से सुरक्षित स्थान पर हटाना अनिवार्य किया गया है।

पानी का तेज बहाव बन सकता है खतरा, लापरवाही पर चेतावनी

विभाग ने स्पष्ट किया है कि नहर में पानी छोड़े जाने के बाद बहाव मार्ग में किसी भी प्रकार की बाधा गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है। निर्माण सामग्री, मशीनरी या अधूरे निर्माण का कोई हिस्सा पानी के प्रवाह में बाधा नहीं बनना चाहिए। ऐसा होने पर जान-माल की हानि के साथ अप्रिय घटना की आशंका भी बनी रह सकती है।

कुंभ-2027 की तैयारियों को मिलेगी रफ्तार

ऊपरी गंगनहर का संचालन दोबारा शुरू होना कुंभ-2027 की तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण कदम है। नहर बंदी के दौरान विभिन्न विभागों को अपने निर्माण कार्य पूरे करने का अवसर मिला। अब 8 नवंबर की मध्यरात्रि से जल प्रवाह शुरू होने के साथ ही संबंधित एजेंसियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि नहर का बहाव मार्ग पूरी तरह सुरक्षित और बाधारहित रहे। सिंचाई विभाग ने सभी संबंधित संस्थाओं को निर्धारित समय से पहले जरूरी व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए हैं।

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