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शांतरशाह हैप्पी हत्याकांड में बड़ा खुलासा: दुकान में घुसे थे दो नकाबपोश, गोलियों से दहला था इलाका… 11 दिन बाद जंगल में मुठभेड़ ने खोली साजिश की परतें–, एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने किया खुलासा,, 12 सितंबर को रेकी, 14 सितंबर को हत्या और 25 सितंबर की रात तिरछा पुल पर पुलिस से मुठभेड़; पैर में गोली लगने के बाद मुदस्सिर गिरफ्तार, चार अन्य आरोपियों की तलाश जारी

शांतरशाह हैप्पी हत्याकांड में बड़ा खुलासा: दुकान में घुसे थे दो नकाबपोश, गोलियों से दहला था इलाका… 11 दिन बाद जंगल में मुठभेड़ ने खोली साजिश की परतें–, एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने किया खुलासा,,

12 सितंबर को रेकी, 14 सितंबर को हत्या और 25 सितंबर की रात तिरछा पुल पर पुलिस से मुठभेड़; पैर में गोली लगने के बाद मुदस्सिर गिरफ्तार, चार अन्य आरोपियों की तलाश जारी

हरिद्वार। शाम का वक्त था। शांतरशाह में बाजार अपनी रफ्तार में था। देव धर्म कांटा के पास बाइक मैकेनिक हैप्पी अपनी दुकान पर बैठा था। तभी दो नकाबपोश पहुंचे और कुछ ही सेकंड में दुकान गोलियों की आवाज से गूंज उठी।

हमलावरों ने हैप्पी को निशाना बनाया और वारदात को अंजाम देने के बाद जंगल के रास्ते फरार हो गए। गंभीर हालत में हैप्पी को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उसकी मौत हो गई।14 सितंबर की इस वारदात ने पूरे इलाके को हिला दिया। इसके बाद शुरू हुई पुलिस की वह तलाश, जिसमें हर CCTV फुटेज, हर संदिग्ध गतिविधि और हर छोटी सूचना को जांच की कड़ी बनाया गया।

करीब 11 दिन बाद कहानी ने अचानक करवट ली।

25 सितंबर की देर रात तिरछा पुल और नहर पटरी के पास पुलिस टीम का सामना बाइक सवार दो संदिग्धों से हुआ। पुलिस के मुताबिक रुकने का इशारा होते ही दोनों ने भागने की कोशिश की। पीछा हुआ और कुछ दूरी पर बाइक छोड़कर दोनों झाड़ियों में छिप गए। फिर जंगल की खामोशी गोलियों की आवाज से टूट गई। पुलिस के अनुसार झाड़ियों की ओर से फायरिंग की गई। जवाबी कार्रवाई में मुदस्सिर के पैर में गोली लगी, जबकि उसका साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। घायल मुदस्सिर को पुलिस ने गिरफ्तार कर अस्पताल पहुंचाया। यहीं से हैप्पी हत्याकांड की जांच में एक नई कड़ी जुड़ी।

14 सितंबर की शाम… दुकान में घुसे नकाबपोश और चंद सेकंड में बदल गई तस्वीर

पतंजलि रोड स्थित देव धर्म कांटा के पास हैप्पी की बाइक रिपेयरिंग की दुकान थी। पुलिस के मुताबिक 14 सितंबर की शाम दो नकाबपोश वहां पहुंचे और अचानक फायरिंग कर दी। गोली लगने से हैप्पी गंभीर रूप से घायल हो गया।हमलावर मौके से फरार हो गए।हैप्पी को पहले अस्पताल ले जाया गया और हालत गंभीर होने पर हायर सेंटर रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। घटनास्थल से पुलिस ने 315 बोर के खोखे बरामद किए।इसके बाद इलाके में लगे CCTV कैमरे पुलिस की जांच का सबसे अहम हिस्सा बन गए।

CCTV से शुरू हुआ पीछा… SSP नवनीत सिंह भुल्लर ने लगाईं कई टीमें

मामले की गंभीरता को देखते हुए SSP नवनीत सिंह भुल्लर ने आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए।बहादराबाद पुलिस के साथ CIU हरिद्वार और CIU रुड़की की टीमें जांच में जुटीं। एक तरफ CCTV फुटेज खंगाली जा रही थी तो दूसरी तरफ संदिग्धों की गतिविधियों और संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई जा रही थी। जांच आगे बढ़ी तो पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने वाली कुछ अहम कड़ियां हाथ लगीं।

12 सितंबर की रेकी और 14 सितंबर की वारदात… क्या पहले ही तय था पूरा खेल?

पुलिस के मुताबिक जांच में सामने आया कि हत्या से दो दिन पहले यानी 12 सितंबर को घटनास्थल की रेकी की गई थी। इसके बाद 14 सितंबर को हैप्पी को निशाना बनाया गया।पुलिस का दावा है कि दो शूटर दुकान तक पहुंचे और गोलीबारी के बाद मौके से निकल गए। आरोपियों को वारदात के बाद निकालने के लिए बाइक की व्यवस्था किए जाने की बात भी जांच में सामने आई है। इन तथ्यों के आधार पर पुलिस इसे पहले से बनाई गई योजना का हिस्सा मानकर जांच आगे बढ़ा रही है।

पुरानी रंजिश ने फिर खोला पुराना पन्ना

पूछताछ के दौरान पुलिस के मुताबिक हत्याकांड की कड़ी 2022 की एक पुरानी घटना से जुड़ी। पुलिस का दावा है कि इस्तकार उर्फ इस्तयाक को अपनी वर्ष 2022 में हुई गिरफ्तारी के दौरान हैप्पी पर मुखबिरी करने का शक था। बताया गया कि इसी शक के चलते दोनों के बीच पुरानी रंजिश चली आ रही थी। पुलिस के अनुसार जेल से बाहर आने के बाद इस्तकार कथित तौर पर स्मैक के कारोबार से जुड़ा और बाद में हैप्पी के साथ उसका विवाद बढ़ता गया। जांच में कथित धमकी और पैसों की मांग को भी पुलिस ने हत्याकांड की कड़ियों में शामिल किया है। हालांकि इन आरोपों और प्रत्येक आरोपी की भूमिका का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया में होगा।

25 सितंबर की रात… तिरछा पुल पर अचानक बदल गया पूरा घटनाक्रम

हैप्पी हत्याकांड के आरोपियों की तलाश के बीच 25 सितंबर की रात पुलिस टीम तिरछा पुल और नहर पटरी क्षेत्र में चेकिंग कर रही थी। तभी बाइक पर दो संदिग्ध दिखाई दिए। पुलिस ने रुकने का इशारा किया। लेकिन बाइक नहीं रुकी। पुलिस ने पीछा किया। दौलतपुर की तरफ जाने वाले रास्ते पर पहुंचकर दोनों ने बाइक छोड़ दी और झाड़ियों में छिप गए। पुलिस के मुताबिक इसके बाद झाड़ियों से फायरिंग शुरू हो गई। एक गोली सरकारी वाहन के ड्राइवर साइड के नीचे लगी। जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश घायल हो गया।जब पुलिस ने झाड़ियों में तलाशी ली तो वहां मुदस्सिर घायल हालत में मिला।उसके पैर में गोली लगी थी।

मुदस्सिर गिरफ्तार… साथी अंधेरे में गायब

पुलिस के मुताबिक पूछताछ में घायल आरोपी ने अपना नाम मुदस्सिर पुत्र जमशेद, निवासी दतौली रांगड़, थाना कोतवाली देहात, जिला सहारनपुर बताया।उसे गिरफ्तार कर उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।वहीं दूसरा आरोपी जंगल और अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। उसकी तलाश में पुलिस ने कॉम्बिंग अभियान चलाया।मुठभेड़ की सूचना के बाद SSP नवनीत सिंह भुल्लर भी अस्पताल पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।

SSP नवनीत सिंह भुल्लर ने कहा—पुरानी रंजिश में रची गई थी हैप्पी की हत्या की साजिश

हरिद्वार SSP हरिद्वार नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि शांतरशाह में हैप्पी हत्याकांड की जांच में पुरानी रंजिश, कथित धमकी और पैसों के विवाद की कड़ियां सामने आई हैं। पुलिस के मुताबिक 12 सितंबर को रेकी के बाद 14 सितंबर को हत्या की गई। 25 सितंबर की रात तिरछा पुल के पास मुठभेड़ में आरोपी मुदस्सिर को पैर में गोली लगने के बाद गिरफ्तार किया गया। उसके कब्जे से तमंचा, कारतूस, मोबाइल और बाइक बरामद हुई है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

पुलिस के मुताबिक पांच किरदारों से जुड़ रही हत्याकांड की कड़ी

पुलिस की अब तक की जांच में पांच लोगों की भूमिका सामने आने का दावा किया गया है—

इस्तकार उर्फ इस्तयाक — पुलिस के मुताबिक मुख्य साजिशकर्ता।

मुदस्सिर — पुलिस के मुताबिक फायरिंग में शामिल आरोपी, गिरफ्तार।

शादाब — पुलिस के अनुसार आरोपियों को वारदात के बाद वारदात स्थल से निकालने में भूमिका।

शाबिर — हथियार उपलब्ध कराने की भूमिका की जांच।

समीर — वारदात में इस्तेमाल बाइक उपलब्ध कराने की भूमिका।

इनमें मुदस्सिर गिरफ्तार है, जबकि बाकी आरोपियों की तलाश में पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं।

तमंचे से लेकर बाइक तक… बरामदगी ने बढ़ाए जांच के सुराग

पुलिस के मुताबिक मुदस्सिर के कब्जे से बरामद किया गया—315 बोर का तमंचा,, 2 खोखा कारतूस,2 जिंदा कारतूस,1 मोबाइल फोन,काले रंग की स्पेलेंडर मोटरसाइकिलपुलिस अब बरामद हथियार और अन्य साक्ष्यों को 14 सितंबर की वारदात से जोड़कर जांच कर रही है।

हैप्पी हत्याकांड में अभी कहानी अधूरी है…

14 सितंबर की शाम दुकान पर चली गोलियों से शुरू हुई कहानी अब तिरछा पुल के जंगल तक पहुंच चुकी है CCTV से शुरू हुई तलाश…रेकी की कड़ी…पुरानी रंजिश का एंगल,, कथित धमकी और पैसों काविवाद…
मुठभेड़…मुदस्सिर की गिरफ्तारी…और अब फरार आरोपियों की तलाश।

पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर जांच को आगे बढ़ाया है। अब फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और पूछताछ से हत्या की कथित साजिश में शामिल अन्य कड़ियों के सामने आने की उम्मीद है।शांतरशाह की उस शाम दुकान में गूंजी गोलियों की आवाज ने जिस कहानी को जन्म दिया था, उसका एक अध्याय तिरछा पुल के जंगल में जाकर रुका है… लेकिन हैप्पी हत्याकांड की पूरी तस्वीर सामने आने के लिए जांच अभी जारी है।

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