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लाखों का सफाई ठेका, फिर भी कलियर उर्स मेले में कूड़े का साम्राज्य!,, उर्स मेले की गंदगी ने खोली व्यवस्था की पोल, रुड़की रोड पर खुले में डंप कूड़े से उठ रही दुर्गंध; ठेकेदार और जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर सवाल

लाखों का सफाई ठेका, फिर भी कलियर उर्स मेले में कूड़े का साम्राज्य!,,

उर्स मेले की गंदगी ने खोली व्यवस्था की पोल, रुड़की रोड पर खुले में डंप कूड़े से उठ रही दुर्गंध; ठेकेदार और जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर सवाल

पिरान कलियर। दरगाह साबिर पाक के 758वें सालाना उर्स के दौरान सफाई व्यवस्था को लेकर किए गए तमाम दावों की जमीनी हकीकत अब सवाल खड़े कर रही है। उर्स और मेले की सफाई व्यवस्था के लिए लाखों रुपये का ठेका होने के बावजूद मेला क्षेत्र में गंदगी के बाद अब मेले से निकले कूड़े को रुड़की रोड पर खुले में डंप किए जाने का मामला सामने आया है। इससे आसपास के क्षेत्र में दुर्गंध फैल रही है और राहगीरों के साथ स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

रुड़की रोड स्थित राही गेस्ट हाउस और मुंबई वाले मदरसे के सामने सिंचाई विभाग की भूमि पर हरे पेड़ों के बीच कूड़ा डंप किया जा रहा है। बारिश के बाद कूड़ा सड़ने से यहां से तेज दुर्गंध उठ रही है। स्थिति यह है कि सड़क से गुजरने वाले लोगों को नाक ढककर निकलना पड़ रहा है, जबकि आसपास ठहरे जायरीनों और स्थानीय लोगों के लिए भी दुर्गंध परेशानी का कारण बनी हुई है।

मेले में गंदगी के बाद अब खुले में डंपिंग

उर्स के दौरान देशभर से बड़ी संख्या में जायरीन पिरान कलियर पहुंचे। ऐसे में मेला क्षेत्र की सफाई व्यवस्था को प्राथमिकता दिए जाने की जरूरत थी। इससे पहले भी उर्स के मुख्य दिनों में मेला क्षेत्र में जगह-जगह कूड़े के ढेर, गंदगी और बारिश के बाद कीचड़ की स्थिति सामने आने की खबरें प्रकाशित हुई थीं।

अब मेला क्षेत्र से उठाए गए कूड़े को रुड़की रोड पर खुले में डंप किए जाने से सफाई व्यवस्था पर और गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सफाई और कूड़ा निस्तारण के लिए लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं तो कूड़े का वैज्ञानिक और निर्धारित स्थान पर निस्तारण क्यों नहीं हो रहा?

लाखों के ठेके पर उठे सवाल

सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब सफाई व्यवस्था के लिए लाखों रुपये का ठेका दिया गया था, तो क्या ठेके में कूड़ा निस्तारण की जिम्मेदारी भी शामिल थी? यदि हां, तो खुले में कूड़ा डालने की अनुमति किसने दी? और यदि यह नियमों के विपरीत है तो जिम्मेदारों के खिलाफ अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई?

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पूरे मामले की जांच कराने, खुले में डंप किए गए कूड़े को तत्काल हटवाने और संबंधित ठेकेदार की कार्यप्रणाली की जांच करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि लापरवाही सामने आने पर ठेकेदार के भुगतान पर रोक लगाने समेत नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।

अब निगाह प्रशासन पर है—क्या खुले में कूड़ा डंप करने वालों पर कार्रवाई होगी या फिर लाखों रुपये के सफाई ठेके के बावजूद गंदगी का यह सिलसिला यूं ही चलता रहेगा?

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