धामी सरकार का ₹7,844 करोड़ का बजट धमाका! कुंभ से किसानों तक खुला खजाना, हरिद्वार को भी बड़ी सौगात…. कुंभ-2027 की तैयारियों के लिए 290 करोड़, किसानों से अनाज खरीद पर 1,100 करोड़ और जल जीवन मिशन के बकाये भुगतान के लिए 300 करोड़ रुपये का प्रावधान

धामी सरकार का ₹7,844 करोड़ का बजट धमाका! कुंभ से किसानों तक खुला खजाना, हरिद्वार को भी बड़ी सौगात….
कुंभ-2027 की तैयारियों के लिए 290 करोड़, किसानों से अनाज खरीद पर 1,100 करोड़ और जल जीवन मिशन के बकाये भुगतान के लिए 300 करोड़ रुपये का प्रावधान
गैरसैंण। उत्तराखंड की राजनीति और विकास योजनाओं के लिहाज से बड़ी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 7,844.18 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट विधानसभा में पेश किया है। इस अतिरिक्त बजट में हरिद्वार के कुंभ मेला-2027 से लेकर किसानों, मरीजों, विद्यार्थियों, खिलाड़ियों और महिलाओं के कल्याण तक कई क्षेत्रों के लिए धनराशि का प्रावधान किया गया है। अनुपूरक बजट जुड़ने के बाद प्रदेश का कुल बजट बढ़कर 1,19,547.39 करोड़ रुपये हो जाएगा।
सरकार ने इस बजट के जरिए विकास परियोजनाओं को गति देने, बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने और विभिन्न विभागों की वित्तीय जरूरतों को पूरा करने पर जोर दिया है। बजट में पूंजीगत कार्यों के लिए 4,164.32 करोड़ रुपये और राजस्व मद में 3,679.86 करोड़ रुपये रखे गए हैं।
हरिद्वार के कुंभ पर सरकार का फोकस, गंगा कॉरिडोर को 30 करोड़
धर्मनगरी हरिद्वार में प्रस्तावित कुंभ मेला-2027 की तैयारियों को लेकर सरकार ने महत्वपूर्ण वित्तीय प्रावधान किया है। कुंभ से संबंधित अवस्थापना विकास के लिए करीब 290 करोड़ रुपये रखे गए हैं। वहीं, हरिद्वार-गंगा कॉरिडोर परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए 30 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं।
इसके अलावा नंदा राजजात यात्रा के संचालन के लिए 20 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। कुंभ की तैयारियों के बीच इन घोषणाओं को हरिद्वार के लिए अहम माना जा रहा है। हालांकि, बजट में इन मदों के अंतर्गत होने वाले सभी कार्यों का विस्तृत अलग-अलग ब्योरा उपलब्ध नहीं कराया गया है।
किसानों के लिए 1,100 करोड़, धान-गेहूं खरीद को मिलेगी ताकत
कृषि क्षेत्र में किसानों से धान और गेहूं की खरीद के लिए अन्नपूर्ति योजना के तहत 1,100 करोड़ रुपये रखे गए हैं। उत्तराखंड जलवायु अनुकूल बारानी कृषि परियोजना के लिए 70 करोड़ और प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम योजना के लिए लगभग 35 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं।
दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना के लिए 20 करोड़ रुपये, किसान पेंशन योजना के लिए नौ करोड़ तथा नई मौन पालन नीति के लिए एक करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
वहीं, जल जीवन मिशन के तहत ठेकेदारों के बकाया भुगतान के लिए 300 करोड़ रुपये रखे गए हैं। इससे पेयजल योजनाओं से जुड़े भुगतान में मदद मिलने की उम्मीद है।
स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 225 करोड़, मेडिकल कॉलेजों को भी धन
आम नागरिकों और सरकारी कर्मचारियों की चिकित्सा सुविधाओं के लिए बजट में कुल 225 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। अटल आयुष्मान योजना के लिए 100 करोड़ और कर्मचारियों के गोल्डन कार्ड के लिए 125 करोड़ रुपये रखे गए हैं।
पिथौरागढ़ और रुद्रपुर मेडिकल कॉलेजों तथा नर्सिंग कॉलेजों के लिए पूंजीगत मद में लगभग 160 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं। सरकार का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत करना है।
ऊर्जा और पेयजल परियोजनाओं को भी बड़ी राशि
ऊर्जा क्षेत्र में खुर्पिया फार्म परियोजना सहित पारेषण और वितरण से जुड़े कार्यों के लिए करीब 270 करोड़ रुपये रखे गए हैं। पेयजल विभाग की केएफडब्ल्यू परियोजना के लिए लगभग 110 करोड़ तथा शहरी विकास विभाग की एडीबी पोषित योजनाओं के लिए करीब 100 करोड़ रुपये का प्रावधान है।
गैरसैंण जलापूर्ति बांध परियोजना को 122 करोड़ रुपये और नए स्टेट डेटा सेंटर के निर्माण के लिए 40 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं। जोशीमठ सहित अन्य क्षेत्रों में भू-धंसाव से संबंधित कार्यों के लिए भी करीब 48 करोड़ रुपये रखे गए हैं।
डिजिटल शिक्षा के लिए 200 करोड़, युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी
शिक्षा के क्षेत्र में विद्यालयी और उच्च शिक्षा के अंतर्गत डिजिटल लर्निंग को बढ़ावा देने के लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना के तहत विद्यार्थियों को नीट, जेईई और क्लैट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग देने के लिए पांच करोड़ रुपये रखे गए हैं।
इसके अतिरिक्त मदन मोहन मालवीय प्राच्य संस्थान में ज्योतिष, आयुर्वेद, योग, ध्यान और अध्यात्म के अध्ययन को प्रोत्साहित करने के लिए दो करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं।
खिलाड़ियों के लिए प्रशिक्षण शिविर, खेल विश्वविद्यालय को 35 करोड़
खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए खिलाड़ियों के विशेष प्रशिक्षण शिविरों पर आठ करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान है। ओपन जिम के लिए पांच करोड़, खिलाड़ियों की छात्रवृत्तियों के लिए लगभग 5.50 करोड़ और खेल विश्वविद्यालय के लिए करीब 35 करोड़ रुपये रखे गए हैं।
अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को पुरस्कार देने के लिए 15 करोड़ रुपये और चंपावत में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज की स्थापना के लिए 10 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं।
महिलाओं और जरूरतमंदों के लिए भी बजट में प्रावधान
सामाजिक सुरक्षा के तहत विभिन्न कल्याणकारी पेंशन योजनाओं के लिए करीब 93 करोड़ और निराश्रित विधवा पेंशन के लिए लगभग 27 करोड़ रुपये रखे गए हैं। मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के लिए करीब दो करोड़ रुपये का प्रावधान है।
महिला सशक्तीकरण के तहत भोजन माताओं के मानदेय के लिए 20 करोड़ और सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0 अभियान के लिए लगभग 60 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं।
इसके अलावा ग्रामीण और शहरी स्थानीय निकायों की वित्तीय स्थिति मजबूत करने के लिए राज्य के कर राजस्व में उनकी हिस्सेदारी 10.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 12.5 प्रतिशत करने के उद्देश्य से 721 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
अब बजट के अमल पर रहेगी नजर
धामी सरकार के इस अनुपूरक बजट में कुंभ की तैयारियों, किसानों से खरीद, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, पेयजल, ऊर्जा और सामाजिक सुरक्षा जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है। लेकिन असली परीक्षा इन प्रावधानों को जमीन पर उतारने की होगी। आवंटित धनराशि का समय पर उपयोग और योजनाओं का लाभ आम जनता तक पहुंचना ही इस बजट की सफलता तय करेगा।



