हरिद्वार में धामी सरकार का ‘सत्ता संगम’! गंगा पूजन से कैबिनेट के फैसलों तक, कुंभ-2027 को मिला नया चेहरा; मोदी के 25 साल के सेवाकाल पर धन्यवाद प्रस्ताव पारित…… हरकी पैड़ी पर मां गंगा की आरती, CCR में सरकार के फैसलों की बौछार और कुंभ के लोगो, वेबसाइट व गीत का भव्य लोकार्पण; अग्निवीरों को भर्ती में राहत, बाढ़ मैदानों के नियमन से लेकर बाल वीरता पुरस्कार तक 13 प्रस्तावों पर लगी मुहर
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, धन सिंह रावत, सुबोध उनियाल, सौरभ बहुगुणा, खजान दास, भरत सिंह चौधरी, मदन कौशिक, प्रदीप बत्रा और राम सिंह कैड़ा सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर, मेलाधिकारी सोनिका, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र और अन्य अधिकारियों ने भी कार्यक्रमों में भाग लिया।

हरिद्वार में धामी सरकार का ‘सत्ता संगम’! गंगा पूजन से कैबिनेट के फैसलों तक, कुंभ-2027 को मिला नया चेहरा; मोदी के 25 साल के सेवाकाल पर धन्यवाद प्रस्ताव पारित……
हरकी पैड़ी पर मां गंगा की आरती, CCR में सरकार के फैसलों की बौछार और कुंभ के लोगो, वेबसाइट व गीत का भव्य लोकार्पण; अग्निवीरों को भर्ती में राहत, बाढ़ मैदानों के नियमन से लेकर बाल वीरता पुरस्कार तक 13 प्रस्तावों पर लगी मुहर

हरिद्वार, 12 अक्टूबर। धर्मनगरी हरिद्वार में सोमवार का दिन आस्था, सियासत और विकास के नाम रहा। गंगा की लहरों के बीच हरकी पैड़ी पर मां गंगा की पूजा-अर्चना और आरती से शुरू हुआ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कार्यक्रम मेला नियंत्रण भवन (सीसीआर) में आयोजित कैबिनेट बैठक तक पहुंचा। यहां प्रदेश के विकास, प्रशासनिक सुधार, युवाओं के हित और जनकल्याण से जुड़े 13 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इसी दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार प्रमुख के रूप में राष्ट्रसेवा के 25 वर्ष पूरे होने पर मंत्रिमंडल ने धन्यवाद प्रस्ताव पारित किया। दिन का सबसे बड़ा आकर्षण हरिद्वार कुंभ-2027 के आधिकारिक लोगो, वेबसाइट और गीत का लोकार्पण रहा। मानो गंगा की नगरी में एक ही दिन आस्था की आरती, सरकार के फैसलों की गूंज और आने वाले महाकुंभ की तैयारियों का नया अध्याय एक साथ खुल गया।
हरकी पैड़ी पर गंगा आरती, प्रधानमंत्री मोदी के लिए मांगी दीर्घायु की कामना
सोमवार सुबह मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने मंत्रिमंडल के सहयोगियों के साथ हरकी पैड़ी पहुंचकर मां गंगा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और आरती में भाग लिया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु जीवन तथा देश और उत्तराखंड की सुख-समृद्धि एवं निरंतर प्रगति की कामना की गई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। गुजरात के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री के रूप में सरकार प्रमुख रहते हुए उनके सार्वजनिक सेवाकाल के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर उत्तराखंड सरकार ने यह आयोजन किया।
गंगा तट पर पूजा-अर्चना के बाद मुख्यमंत्री और कैबिनेट मंत्री सीसीआर सभागार पहुंचे, जहां प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित हुई। चम्पावत के बनबसा में 4 अक्टूबर को हुई कैबिनेट बैठक के बाद हरिद्वार में बैठक आयोजित करना धामी सरकार की उस पहल का हिस्सा है, जिसके तहत शासन को प्रदेश के अलग-अलग जनपदों तक पहुंचाने और स्थानीय जरूरतों को प्राथमिकता देने का प्रयास किया जा रहा है।
CCR में कैबिनेट का महामंथन, 13 प्रस्तावों पर लगी मुहर
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई बैठक में कैबिनेट मंत्रियों के साथ मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन और शासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक के बाद महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी ने मंत्रिमंडल के निर्णयों की जानकारी दी।
बैठक में भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण, निवेश और आधारभूत ढांचे के विकास, कानूनों में सुधार, अग्निशमन व्यवस्था, सेवामुक्त अग्निवीरों के सेवायोजन और बच्चों की वीरता को सम्मान देने जैसे विषयों पर महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।
1. मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान को मिलेगा नया विस्तार: हरिद्वार के ऋषिकुल स्थित संस्थान के विकास के लिए सोसायटी गठन को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई। योजना के तहत योग-ध्यान, आयुर्वेद अनुसंधान, ज्योतिष, प्राच्य अध्ययन, ललित कला, हिंदू अध्ययन और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में काम किया जाएगा।
2. परिसंपत्तियों के बेहतर प्रबंधन का रास्ता साफ: उत्तराखंड निवेश और आधारिक संरचना विकास अधिनियम की अनुसूची में संशोधन को मंजूरी दी गई। इसके तहत सार्वजनिक अभिकरणों, स्थानीय निकायों, राज्य सार्वजनिक उपक्रमों और वित्तीय रूप से स्वायत्त संस्थाओं की परिसंपत्तियों के विनिवेश एवं मुद्रीकरण से प्राप्त आय का 92 प्रतिशत संबंधित सार्वजनिक अभिकरणों को देने का प्रावधान किया गया है।
3. छोटे अपराधों से जुड़े कानूनों में सुधार: द्वितीय उत्तराखंड जन विश्वास संशोधन विधेयक, 2026 को विधानसभा में पेश करने की मंजूरी दी गई। इसका उद्देश्य छोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने, मामूली तकनीकी और प्रक्रियात्मक गलतियों पर नागरिक दंड एवं प्रशासनिक कार्रवाई का प्रावधान करने तथा अनावश्यक कानूनी प्रावधानों को हटाने की दिशा में कदम बढ़ाना है।
4. बाढ़ संभावित क्षेत्रों पर नए नियम: उत्तराखंड बाढ़ मैदान परिक्षेत्रण नियमावली, 2026 को मंजूरी दी गई। इससे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में भूमि उपयोग और विकास गतिविधियों को नियंत्रित करने की प्रक्रिया निर्धारित होगी। मकसद प्राकृतिक जल प्रवाह को बनाए रखते हुए जन-धन और महत्वपूर्ण ढांचों को बाढ़ के खतरे से बचाना है।
5. विधानसभा के तीसरे सत्र को मंजूरी: वर्ष 2026 में उत्तराखंड की पंचम विधानसभा का तृतीय सत्र आहूत करने की मंजूरी दी गई। सत्र की तारीख और स्थान तय करने के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया गया।
6. अग्निशमन व्यवस्था को मिलेगा नया कानूनी आधार: उत्तराखंड अग्निशमन एवं आपात सेवा विधेयक, 2026 को विधानसभा में पेश करने की स्वीकृति दी गई। नए विधेयक का उद्देश्य बढ़ते औद्योगिक विकास, शहरीकरण और संभावित अग्नि दुर्घटनाओं के मद्देनजर अग्निशमन एवं आपात सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाना है।
7. सेवामुक्त अग्निवीरों के लिए भर्ती में राहत: राज्याधीन सेवाओं के समूह ‘ग’ के सीधी भर्ती वाले वर्दीधारी पदों पर सेवामुक्त अग्निवीरों के सेवायोजन के लिए क्षैतिज आरक्षण नियमावली, 2026 को मंजूरी दी गई। पूर्व नियमावली में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का प्रावधान था। नई नियमावली में केंद्र सरकार के नवीन दिशा-निर्देशों के अनुरूप लिखित परीक्षा और शारीरिक मानक परीक्षा में छूट के प्रावधान शामिल किए गए हैं।
8. संस्कृति विभाग की वित्तीय व्यवस्था में बदलाव: संस्कृति विभाग के विभागाध्यक्ष के रूप में निदेशक, कला एवं संस्कृति विभाग के स्थान पर महानिदेशक, संस्कृति निदेशालय को प्रतिस्थापित करने की मंजूरी दी गई।
9. स्वजल के 215 पदों को निरंतरता: स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत स्वजल और राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन के कुल 215 पदों की निरंतरता 1 मार्च 2026 से 28 फरवरी 2027 तक बढ़ाने की मंजूरी दी गई। इनमें स्वजल के 189 और राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन के 26 पद शामिल हैं।
10. भगवानपुर में किफायती आवास परियोजना को राहत: हरिद्वार की भगवानपुर तहसील के ग्राम सिसौना में प्रस्तावित आवासीय परियोजना के पहुंच मार्ग की न्यूनतम चौड़ाई में तीन मीटर की शिथिलता मंजूर की गई। निर्धारित नौ मीटर के स्थान पर उपलब्ध छह मीटर चौड़े मार्ग के आधार पर लगभग 8.1169 हेक्टेयर भूमि पर प्रस्तावित परियोजना के तलपट मानचित्र की स्वीकृति का रास्ता आसान होगा।
11. बाजपुर में खसरा संख्या की त्रुटि सुधरेगी: ऊधमसिंह नगर के ग्राम भौना इस्लामनगर में औद्योगिक से आवासीय भू-उपयोग परिवर्तन संबंधी शासनादेश में दर्ज खसरा संख्या 321/1अ के स्थान पर सही संख्या 321/2अ अंकित करने की मंजूरी दी गई।
12. बहादुर बच्चों को मिलेगा राज्यस्तरीय सम्मान: मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार योजना को मंजूरी दी गई। इसके तहत विपरीत परिस्थितियों में असाधारण साहस, पराक्रम, मानवीय संवेदना और वीरता का परिचय देने वाले बच्चों को सम्मानित किया जाएगा।
13. प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार का आभार: उत्तराखंड के समग्र विकास में केंद्र सरकार के निरंतर सहयोग के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया गया। राज्य की पर्वतीय, सीमावर्ती और सामरिक परिस्थितियों को देखते हुए भविष्य में भी सहयोग की अपेक्षा जताई गई।
मोदी के 25 साल के सेवाकाल पर धन्यवाद प्रस्ताव, 2.25 लाख करोड़ की परियोजनाओं का जिक्र
कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार प्रमुख के रूप में 25 वर्षों के सार्वजनिक सेवाकाल को सेवा, सुशासन, समर्पण और ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना का प्रतीक बताते हुए धन्यवाद प्रस्ताव पारित किया गया।
प्रस्ताव में जनधन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत, स्वच्छ भारत मिशन, जल जीवन मिशन और किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं का उल्लेख किया गया। मंत्रिमंडल ने अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त करने, वन रैंक वन पेंशन, चंद्रयान-3 की सफलता और डिजिटल इंडिया जैसी पहलों को भी महत्वपूर्ण बताया।
उत्तराखंड के संदर्भ में प्रस्ताव में कहा गया कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में प्रदेश में 2.25 लाख करोड़ रुपये से अधिक की अवस्थापना परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इनमें दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारा, चारधाम महामार्ग विकास परियोजना, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना, केदारनाथ और हेमकुंड साहिब रोपवे, जमरानी बांध तथा लखवाड़ और किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजनाएं शामिल हैं।
प्रस्ताव में सिलक्यारा सुरंग बचाव अभियान, सहस्त्रताल और केदारनाथ यात्रा मार्ग की आपदाओं तथा धराली आपदा के दौरान केंद्र सरकार के सहयोग का भी उल्लेख किया गया। मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री के प्रति आभार पत्र भेजने का निर्णय लिया।
कुंभ-2027 को मिला नया चेहरा, लोगो-वेबसाइट और गीत का लोकार्पण
कैबिनेट बैठक के बाद हरिद्वार कुंभ मेला-2027 की तैयारियों को लेकर एक और बड़ा कदम उठाया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कुंभ के आधिकारिक लोगो, वेबसाइट और गीत का लोकार्पण किया। इस पहल का उद्देश्य कुंभ की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को आधुनिक संचार माध्यमों के जरिए देश-दुनिया तक पहुंचाना है।
कुंभ का आधिकारिक लोगो मां गंगा, हरकी पैड़ी, धनुष पुल, सूर्योदय, शिव प्रतिमा, साधु-संतों, त्रिशूल, डमरू और मां मनसा देवी व मां चंडी देवी की पहाड़ियों जैसे प्रतीकों से सुसज्जित है। यह डिजाइन हरिद्वार की आध्यात्मिक पहचान और सनातन परंपरा को एक साथ प्रस्तुत करता है।
मेला प्रशासन ने लोगो डिजाइन के लिए राज्य के युवाओं और विद्यार्थियों से प्रविष्टियां मांगी थीं। प्राप्त सैकड़ों डिजाइनों में से विकास कॉलोनी, जगजीतपुर निवासी मधु शर्मा के डिजाइन का चयन किया गया।
एक क्लिक पर कुंभ की जानकारी, ‘कुंभ का पर्व आ गया’ गीत से गूंजेगा संदेश
कुंभ मेला-2027 की आधिकारिक वेबसाइट https://haridwarkumbh.uk.gov.in के माध्यम से श्रद्धालुओं और आगंतुकों को आयोजन से संबंधित प्रामाणिक जानकारियां उपलब्ध कराने की योजना है। डिजिटल माध्यम से कुंभ की तैयारियों और आयोजन संबंधी सूचनाओं को व्यापक स्तर पर पहुंचाने में मदद मिलेगी।
समारोह में ‘कुंभ का पर्व आ गया’ गीत का भी लोकार्पण हुआ। ‘साधु और संतों के मन में हर्ष छा गया, कुंभ का पर्व आ गया’ पंक्तियों से शुरू होने वाले गीत की रचना, गायन और संगीत हरिद्वार निवासी राघव राजा ने किया है। गीत में साधु-संतों के उत्साह, श्रद्धालुओं की आस्था और कुंभ के आगमन की उमंग को स्वर दिया गया है। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि कुंभ भारत की प्राचीन आध्यात्मिक परंपरा, सनातन संस्कृति और जनआस्था का विराट उत्सव है। सरकार कुंभ-2027 के दिव्य और भव्य आयोजन के लिए प्रतिबद्ध है। श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।
एक दिन, कई संदेश—आस्था, विकास और कुंभ की तैयारी
हरिद्वार में सोमवार को हुए आयोजनों ने धामी सरकार की तीन प्रमुख प्राथमिकताओं को सामने रखा—धार्मिक आस्था, विकास कार्यों को गति और कुंभ-2027 की व्यापक तैयारी। हरकी पैड़ी पर गंगा पूजन से लेकर सीसीआर में कैबिनेट के फैसलों और कुंभ के लोगो, वेबसाइट व गीत के लोकार्पण तक दिनभर गतिविधियों का सिलसिला जारी रहा।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, धन सिंह रावत, सुबोध उनियाल, सौरभ बहुगुणा, खजान दास, भरत सिंह चौधरी, मदन कौशिक, प्रदीप बत्रा और राम सिंह कैड़ा सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर, मेलाधिकारी सोनिका, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र और अन्य अधिकारियों ने भी कार्यक्रमों में भाग लिया। अब नजर इस बात पर रहेगी कि कैबिनेट के फैसलों को धरातल पर कितनी तेजी से उतारा जाता है और कुंभ-2027 की तैयारियां श्रद्धालुओं की अपेक्षाओं पर कितनी खरी उतरती हैं। फिलहाल, गंगा नगरी हरिद्वार में सोमवार का दिन आस्था, शासन और महाकुंभ के नए आगाज के नाम दर्ज हो गया।



