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हरिद्वार में डीएम मयूर दीक्षित का जनता दरबार: 51 शिकायतों पर सुनवाई, 22 का मौके पर निस्तारण,, जमीन, अतिक्रमण, जलभराव से लेकर पेंशन और सरकारी भूमि पर कब्जे तक पहुंचे फरियादी; डीएम ने अधिकारियों को दी सख्त चेतावनी,, सीएम हेल्पलाइन की 652 शिकायतें लंबित, 36 दिन से पुरानी शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश—लापरवाही हुई तो अफसरों पर होगी कार्रवाई

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आर.के. सिंह, अपर जिलाधिकारी प्रशासन जितेंद्र कुमार, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व वैभव गुप्ता, परियोजना निदेशक नलिनीति घिल्डियाल, जिला विकास अधिकारी कमलेश कुमार पंत समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

हरिद्वार में डीएम मयूर दीक्षित का जनता दरबार: 51 शिकायतों पर सुनवाई, 22 का मौके पर निस्तारण,,

जमीन, अतिक्रमण, जलभराव से लेकर पेंशन और सरकारी भूमि पर कब्जे तक पहुंचे फरियादी; डीएम ने अधिकारियों को दी सख्त चेतावनी,,

सीएम हेल्पलाइन की 652 शिकायतें लंबित, 36 दिन से पुरानी शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश—लापरवाही हुई तो अफसरों पर होगी कार्रवाई

हरिद्वार में सोमवार को एक बार फिर जनता की समस्याओं की सीधी सुनवाई हुई। जिला कार्यालय सभागार में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से पहुंचे फरियादियों ने राजस्व, भूमि विवाद, विद्युत, अतिक्रमण, जलभराव, पेयजल, राशन कार्ड और अन्य विभागों से जुड़ी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं।

जनसुनवाई में कुल 51 शिकायतें एवं समस्याएं दर्ज की गईं, जिनमें से 22 मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया गया। शेष शिकायतों को संबंधित विभागों को भेजते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक मामले का समाधान समयबद्ध, पारदर्शी और संवेदनशील तरीके से किया जाए। डीएम मयूर दीक्षित ने अधिकारियों को दो टूक कहा कि जनसुनवाई में जनता अपनी उम्मीद लेकर पहुंचती है। इसलिए किसी भी शिकायत को अनावश्यक रूप से लंबित रखना या फरियादी को विभागों के चक्कर कटवाना स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही या शिथिलता सामने आने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

कहीं घर में भर रहा पानी, कहीं सरकारी जमीन पर कब्जे की शिकायत

जनसुनवाई के दौरान कई ऐसे मामले सामने आए, जिन्होंने प्रशासन के सामने स्थानीय स्तर की गंभीर समस्याओं की तस्वीर रख दी। ग्राम गाजीवाली निवासी सरस्वती देवी पत्नी स्वर्गीय जीराज सिंह ने पेंशन संख्या में संशोधन की मांग को लेकर प्रार्थना पत्र दिया।वहीं मीरपुर मुआजरपुर, थाना रानीपुर निवासी मास्टर सुभाष चंद्र ने बताया कि उनके मकान के सामने सड़क पर इंटरलॉकिंग टाइल्स लगाए जाने से मार्ग ऊंचा हो गया है। इसके कारण बारिश के दौरान उनके घर में पानी भर जाता है। उन्होंने इंटरलॉकिंग टाइल्स के दोनों ओर नाली निर्माण कराने की मांग की।

ग्राम धारीवाला शाहपुर शीतलाखेड़ा निवासी वेदपाल पुत्र चरण सिंह ने मौजा भोगपुर, परगना ज्वालापुर स्थित खसरा नंबर 442/12 पर कथित रूप से सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत की। उन्होंने प्रशासन से कब्जा हटाने की मांग की।इसी तरह हिमालयन बुक्सा आदिम जनजाति उत्थान समिति ने ग्राम पंचायत लालढांग, रसूलपुर, मीठीबेरी, गेंड़ीखाता, समसपुर, इंद्रानगर, जसपुर और नया गांव सहित विभिन्न क्षेत्रों में बुक्सा जनजाति की कृषि भूमि को कथित तौर पर प्रतिबंधों के बावजूद प्रॉपर्टी डीलरों को बेचे जाने और भूमि को खुर्द-बुर्द किए जाने की शिकायत की। समिति ने संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई।ग्राम कलालहरी निवासी सागर जोशी ने कटौंदी मुस्तहकम, परगना भगवानपुर, तहसील रुड़की स्थित कृषि भूमि की कंप्यूटरीकृत खसरा-खतौनी की नकल उपलब्ध नहीं होने की समस्या रखी।

हरकी पैड़ी के पास पहाड़ी कटान और आग पीड़ित को आर्थिक सहायता की मांग

जनसुनवाई में धार्मिक एवं पर्यटन क्षेत्र से जुड़ा मामला भी सामने आया। निर्मल दास, हीरालाल और अनूप कुमार ने हरकी पैड़ी के निकट भीमगोड़ा रोड पर हनुमान मंदिर के पीछे पहाड़ी को खोदकर किए जा रहे निर्माण को रोकने की मांग की।

वहीं ग्राम दादूबास मजरा लालवाला निवासी शकूर पुत्र रशीद ने बताया कि 30 मार्च 2025 को उनके घर में आग लग गई थी। आग की घटना के कारण परिवार को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की।

देवभूमि पूर्व सैनिक कल्याण समिति ने पूर्व सैनिकों के लिए मिलन केंद्र स्थापित करने हेतु उपयुक्त स्थान उपलब्ध कराने का अनुरोध भी प्रशासन के सामने रखा।

इन सभी मामलों में जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई और जहां जरूरत हो वहां स्थलीय निरीक्षण कर समस्या का समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

डीएम की सख्ती—जमीन पर उतरकर जांच करें अधिकारी

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कहा कि जिन शिकायतों का समाधान केवल कागजी कार्रवाई से संभव नहीं है, उन मामलों में संबंधित अधिकारी मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति की जांच करें। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को आपसी समन्वय बनाकर स्थलीय निरीक्षण करने और शिकायतों का निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि जनसुनवाई में दर्ज प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लिया जाए और शिकायतकर्ता को समाधान उपलब्ध कराया जाए। अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए कि शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो।

सीएम हेल्पलाइन पर भी अधिकारियों की परीक्षा

जनसुनवाई के साथ बैठक में सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि हेल्पलाइन पर आने वाली शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए।

समीक्षा में सामने आया कि 36 दिन से अधिक समय से लंबित शिकायतों को तत्काल निस्तारित करने की जरूरत है। वर्तमान में एल-1 स्तर पर 537 शिकायतें और एल-2 स्तर पर 115 शिकायतें निस्तारण के लिए लंबित बताई गईं। कुल मिलाकर 652 शिकायतों को लेकर संबंधित अधिकारियों को तेजी से कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

प्रशासन की ओर से साफ संदेश दिया गया कि जनता की शिकायतों को लंबित रखने की प्रवृत्ति पर अब सख्ती बरती जाएगी। जनसुनवाई में फरियादी सीधे जिलाधिकारी के सामने अपनी बात रख रहे हैं और ऐसे में संबंधित विभागों की जवाबदेही भी तय की जा रही है।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आर.के. सिंह, अपर जिलाधिकारी प्रशासन जितेंद्र कुमार, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व वैभव गुप्ता, परियोजना निदेशक नलिनीति घिल्डियाल, जिला विकास अधिकारी कमलेश कुमार पंत समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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