Daily Live Uttarakhand updateउत्तराखंडएक्सक्लूसिव खबरें

जुड़वा बच्चों में बेटे का ‘सौदा’! 2 लाख में लिया, 5 लाख में बेच डाला… 14 महीने बाद खुला सनसनीखेज राज…. मां की गोद से निकला मासूम बना कथित खरीद-फरोख्त का ‘सौदा’, दाई से बिचौलियों तक जुड़ी कड़ियां—हरिद्वार से सकुशल बरामद हुआ बच्चा, छह गिरफ्तार

जुड़वा बच्चों में बेटे का ‘सौदा’! 2 लाख में लिया, 5 लाख में बेच डाला… 14 महीने बाद खुला सनसनीखेज राज….

मां की गोद से निकला मासूम बना कथित खरीद-फरोख्त का ‘सौदा’, दाई से बिचौलियों तक जुड़ी कड़ियां—हरिद्वार से सकुशल बरामद हुआ बच्चा, छह गिरफ्तार

बिजनौर/नगीना। नगीना क्षेत्र में सामने आए मासूम बच्चे की कथित खरीद-फरोख्त के मामले ने पूरे इलाके में सनसनी मचा दी है। कहानी किसी फिल्मी क्राइम थ्रिलर से कम नहीं है। एक तरफ जुड़वा बच्चों की किलकारी गूंजी, तो दूसरी तरफ महज कुछ दिनों बाद ही एक मासूम बेटे के कथित सौदे की पटकथा लिखे जाने का आरोप सामने आया। पुलिस के मुताबिक, बच्चे को पहले दो लाख रुपये में सौंपा गया और फिर कथित तौर पर पांच लाख रुपये में आगे दे दिया गया। करीब 14 महीने तक दबा रहा यह राज आखिरकार शिकायत के बाद पुलिस की जांच में सामने आया।

जुड़वा बच्चों का जन्म, फिर शुरू हुआ कथित ‘सौदे’ का खेल

पुलिस के अनुसार शबनम और फरमान के घर जुड़वा बच्चों ने जन्म लिया था। इनमें एक बेटा और एक बेटी थी। आरोप है कि जन्म के करीब 15 दिन बाद आर्थिक परेशानी के बीच बेटे को दाई शफीकन के माध्यम से दो लाख रुपये में दूसरे लोगों को सौंप दिया गया।

लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। पुलिस जांच में कथित तौर पर सामने आया कि बच्चे को आगे पांच लाख रुपये में हरिद्वार के एक दंपती को दे दिया गया। यानी जिस मासूम को दो लाख रुपये में सौंपे जाने का आरोप है, उसी का कथित सौदा आगे पांच लाख रुपये में हुआ। रकम के बंटवारे को लेकर भी पुलिस जांच में कई नाम सामने आने की बात कही गई है।

दाई, अप्रशिक्षित चिकित्सक और बिचौलियों की भूमिका पर जांच

मामले में पुलिस ने अप्रशिक्षित चिकित्सक जितेंद्र कुमार उर्फ विक्की, कपिल उर्फ राजवीर और दाई शफीकन समेत अन्य लोगों की भूमिका सामने आने की बात कही है। पुलिस के मुताबिक पांच लाख रुपये की रकम मिलने के बाद कथित तौर पर अलग-अलग लोगों के बीच पैसे बांटे गए।

मामले ने तब नया मोड़ लिया जब बच्चे के माता-पिता को कथित तौर पर पता चला कि उनका बेटा दो लाख रुपये में दिए जाने के बाद पांच लाख रुपये में आगे पहुंचाया गया है और वह हरिद्वार के एक परिवार के पास है। इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा।

मामा की शिकायत से खुला राज, हरिद्वार पहुंची पुलिस

बच्चे के मामा की शिकायत के बाद नगीना पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बच्चे के माता-पिता, दाई, दो अप्रशिक्षित चिकित्सकों और बच्चे को अपने पास रखने वाली महिला समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी दी है।

जांच के बाद पुलिस ने हरिद्वार से बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया। वहीं मामले में एक अन्य महिला आरोपी की तलाश जारी बताई गई है। पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि कथित तौर पर मासूम को एक हाथ से दूसरे हाथ तक पहुंचाने में कितने लोग शामिल थे और पैसों का पूरा लेन-देन किस तरह हुआ।

14 महीने बाद खुला राज, अब जांच में सामने आएगी पूरी ‘चेन’

पुलिस के मुताबिक पूरा मामला अगस्त 2025 का है, लेकिन इसका खुलासा करीब 14 महीने बाद शिकायत और जांच के बाद हुआ। अब पुलिस की जांच का फोकस कथित खरीद-फरोख्त की पूरी कड़ी पर है।

मासूम फिलहाल सकुशल बरामद हो चुका है, लेकिन इस मामले ने एक बड़ा सवाल जरूर खड़ा कर दिया है—आखिर एक नवजात की जिंदगी की कीमत कैसे तय हुई और किस-किस ने इस कथित सौदे में अपना हिस्सा लिया? जांच आगे बढ़ने के साथ इस कहानी के बाकी किरदार भी सामने आने की उम्मीद है।

Related Articles

Back to top button