खनन का ‘एक्शन सीन’ शुरू! 1 अक्टूबर से हरिद्वार में खुला खनन का रास्ता,, लंबे इंतजार पर लगा ब्रेक—डीएम मयूर दीक्षित का आदेश जारी, हाईकोर्ट-एनजीटी की शर्तों के बीच शुरू होगा 2026-27 का खनन सत्र

खनन का ‘एक्शन सीन’ शुरू! 1 अक्टूबर से हरिद्वार में खुला खनन का रास्ता,,
लंबे इंतजार पर लगा ब्रेक—डीएम मयूर दीक्षित का आदेश जारी, हाईकोर्ट-एनजीटी की शर्तों के बीच शुरू होगा 2026-27 का खनन सत्र

हरिद्वार। लंबे इंतजार के बाद आखिरकार वह घड़ी आ ही गई, जिसका खनन कारोबार से जुड़े लोगों को बेसब्री से इंतजार था। 1 अक्टूबर 2026 की सुबह के साथ हरिद्वार में खनन सत्र 2026-27 का ‘एक्शन’ शुरू हो गया। शासन के आदेशों के बाद जनपद में खनन संक्रियाएं शुरू करने की आधिकारिक घोषणा कर दी गई है।
कई दिनों से चल रही अटकलों और इंतजार पर अब पूरी तरह विराम लग गया है। शासन के निर्देशों के क्रम में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने 30 सितंबर 2026 को आदेश जारी कर 1 अक्टूबर से खनन संक्रियाएं अनिवार्य रूप से प्रारंभ कराने के निर्देश दिए हैं।
यानी अब इंतजार की घड़ी खत्म और मैदान तैयार!
डीएम का आदेश आया तो ‘एक्शन’ में आया पूरा सिस्टम
जिलाधिकारी के आदेश के बाद संबंधित विभागों को साफ संदेश दिया गया है कि खनन प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में किसी प्रकार की देरी नहीं की जाए। शासन के निर्देशों के अनुपालन के साथ राजस्व हित को ध्यान में रखते हुए खनन गतिविधियां शुरू कराने पर जोर दिया गया है।
खनन सत्र शुरू होने की खबर सामने आते ही इस कारोबार से जुड़े लोगों में हलचल तेज हो गई है। लंबे समय से खनन गतिविधियों के शुरू होने की राह देख रहे लोगों के लिए यह आदेश किसी बड़े ऐलान से कम नहीं है।
लेकिन कहानी में ट्विस्ट अभी बाकी है।
क्योंकि इस बार खनन की गाड़ी सिर्फ रफ्तार से नहीं दौड़ेगी—उस पर हाईकोर्ट और एनजीटी के आदेशों की ‘ब्रेकिंग सिस्टम’ भी लगी रहेगी।
हाईकोर्ट-एनजीटी की ‘निगाह’ में होगा पूरा खेल
डीएम मयूर दीक्षित ने आदेश में सबसे अहम निर्देश न्यायालयों के आदेशों को लेकर दिए हैं। खनन प्रक्रिया के दौरान नैनीताल हाईकोर्ट और राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी), नई दिल्ली के आदेशों का पूर्ण रूप से अनुपालन सुनिश्चित करना अनिवार्य होगा।
यानी खनन की अनुमति मिली है, लेकिन नियमों से बाहर जाने की कोई गुंजाइश नहीं छोड़ी गई है।
प्रशासन की तरफ से स्पष्ट संकेत है कि खनन संक्रियाएं शासन के निर्देशों के मुताबिक होंगी और न्यायालय एवं एनजीटी के आदेशों का पालन हर हाल में सुनिश्चित किया जाएगा।
‘खेल शुरू’… लेकिन निगरानी भी रहेगी पूरी
हरिद्वार में खनन सत्र शुरू होने के साथ ही अब खनन क्षेत्रों में गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। वाहनों की आवाजाही से लेकर खनन कार्यों तक प्रशासन के सामने बड़ी जिम्मेदारी होगी।
एक तरफ सरकार का राजस्व हित, दूसरी तरफ पर्यावरण और न्यायालयों के निर्देश—इन दोनों के बीच संतुलन बनाना प्रशासन के लिए सबसे बड़ा चैलेंज होगा।
डीएम के आदेश ने साफ कर दिया है कि खनन संक्रियाओं को शुरू करने में अनावश्यक देरी नहीं की जानी है। संबंधित अधिकारियों को शासन के निर्देशों के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी।
अब नजर इस बात पर रहेगी कि जमीनी स्तर पर आदेश किस तरह लागू होता है और खनन गतिविधियों के दौरान नियमों की निगरानी कितनी सख्ती से की जाती है।
हरिद्वार में खनन का नया सीजन शुरू हो चुका है। पर्दा उठ गया है, मैदान सज चुका है और 2026-27 का खनन सत्र एक्शन मोड में आ गया है—अब अगला सीन प्रशासन की निगरानी और नियमों के पालन का होगा।



