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ऋषिकुल मैदान में बनेगा भव्य ‘मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान’, भारतीय ज्ञान परंपरा को मिलेगा नया केंद्र,, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु ने किया स्थलीय निरीक्षण, एक सप्ताह में मांगी विभागों से कार्ययोजना,, योग, ज्योतिष, वास्तु, वैदिक अध्ययन और भारतीय संस्कृति पर होगा शोध, मुख्यमंत्री की प्रमुख घोषणाओं में शामिल परियोजना

बैठक में सचिव पर्यटन धीराज सिंह गर्ब्याल, सचिव आयुष रंजना राजगुरु, महानिदेशक संस्कृति एवं भाषा युगल किशोर पंत, कुंभ मेलाधिकारी सोनिका, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, एचआरडीए सचिव प्रत्यूष सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट हर गिरी, जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. स्वास्तिक, जिला पर्यटन अधिकारी सुशील नौटियाल सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

ऋषिकुल मैदान में बनेगा भव्य ‘मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान’, भारतीय ज्ञान परंपरा को मिलेगा नया केंद्र,,

प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु ने किया स्थलीय निरीक्षण, एक सप्ताह में मांगी विभागों से कार्ययोजना,,

योग, ज्योतिष, वास्तु, वैदिक अध्ययन और भारतीय संस्कृति पर होगा शोध, मुख्यमंत्री की प्रमुख घोषणाओं में शामिल परियोजना

हरिद्वार, 25 जून। हरिद्वार के ऋषिकुल मैदान में जल्द ही भव्य ‘मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान’ की स्थापना की जाएगी। मुख्यमंत्री की प्रमुख घोषणाओं में शामिल इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्देश्य भारतीय ज्ञान परंपरा, संस्कृति, योग, ज्योतिष, वास्तुशास्त्र, दर्शन एवं अन्य प्राच्य विद्याओं के संरक्षण, संवर्धन और शोध को नई दिशा देना है।परियोजना को गति देने के लिए प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री आर.के. सुधांशु ने गुरुवार को संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ऋषिकुल मैदान का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने प्रस्तावित संस्थान के लिए उपलब्ध भूमि, आधारभूत सुविधाओं और आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

निरीक्षण के बाद हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण (एचआरडीए) के सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में परियोजना की विस्तृत रूपरेखा, भूमि संबंधी विषय, मूर्ति स्थापना, चारदीवारी, मंच निर्माण, पार्किंग, आधारभूत संरचना तथा निर्माण कार्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने पीपीटी के माध्यम से परियोजना की कार्ययोजना का प्रस्तुतीकरण भी किया।

प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए परियोजना को शीघ्र धरातल पर उतारने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी संबंधित विभागों से एक सप्ताह के भीतर अपनी-अपनी कार्ययोजना प्रस्तुत करने को कहा।

परियोजना के सफल क्रियान्वयन के लिए शासन स्तर पर सचिव पर्यटन धीराज सिंह गर्ब्याल को नोडल अधिकारी तथा जिला स्तर पर जिलाधिकारी मयूर दीक्षित को नोडल अधिकारी नामित किया गया है।

प्रमुख सचिव ने कहा कि प्रस्तावित शोध संस्थान भारतीय संस्कृति और प्राचीन ज्ञान-विज्ञान के संरक्षण एवं शोध के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। संस्थान में योग, ज्योतिष, वास्तुशास्त्र, भारतीय कला, दर्शन, वैदिक अध्ययन सहित विभिन्न प्राच्य विद्याओं पर शोध, अध्ययन और प्रशिक्षण की आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिससे भारतीय ज्ञान परंपरा को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।

बैठक में सचिव पर्यटन धीराज सिंह गर्ब्याल, सचिव आयुष रंजना राजगुरु, महानिदेशक संस्कृति एवं भाषा युगल किशोर पंत, कुंभ मेलाधिकारी सोनिका, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, एचआरडीए सचिव प्रत्यूष सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट हर गिरी, जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. स्वास्तिक, जिला पर्यटन अधिकारी सुशील नौटियाल सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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