अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर बनबसा में योग की गूंज! मुख्यमंत्री धामी ने जवानों और जनता संग किया योगाभ्यास,, पर्यावरण संरक्षण का भी दिया संदेश, पौधारोपण कर स्वस्थ जीवन और हरित भविष्य का किया आह्वान,, उत्तराखंड को योग एवं वेलनेस की वैश्विक राजधानी बनाने की दिशा में तेजी से बढ़ रही सरकार; योग नीति के तहत मिल रही लाखों रुपये की सहायता,,

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर बनबसा में योग की गूंज! मुख्यमंत्री धामी ने जवानों और जनता संग किया योगाभ्यास,,
पर्यावरण संरक्षण का भी दिया संदेश, पौधारोपण कर स्वस्थ जीवन और हरित भविष्य का किया आह्वान,,
उत्तराखंड को योग एवं वेलनेस की वैश्विक राजधानी बनाने की दिशा में तेजी से बढ़ रही सरकार; योग नीति के तहत मिल रही लाखों रुपये की सहायता,,
चम्पावत/बनबसा। 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चम्पावत जनपद के बनबसा में आयोजित भव्य कार्यक्रम में भाग लेते हुए देवतुल्य जनता और सशस्त्र सीमा बल (SSB) के जवानों के साथ सामूहिक योगाभ्यास किया। योग कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पौधारोपण भी किया और लोगों से प्रकृति के संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में योग को वैश्विक पहचान मिली है और आज दुनिया के अधिकांश देशों में योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर के रूप में अपनाया जा रहा है। योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य का माध्यम नहीं, बल्कि मानसिक शांति, आत्मिक संतुलन और सकारात्मक जीवनशैली का आधार भी है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार राज्य को योग एवं वेलनेस की वैश्विक राजधानी के रूप में स्थापित करने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। इसी उद्देश्य को साकार करने के लिए देश की पहली योग नीति लागू की गई है। इस नीति के तहत योग एवं ध्यान केंद्रों के विकास के लिए 20 लाख रुपये तक की सब्सिडी तथा योग अनुसंधान और अध्ययन को बढ़ावा देने के लिए 10 लाख रुपये तक के अनुदान का प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में पांच नए योग हब विकसित किए जा रहे हैं और सभी आयुष हेल्थ एवं वेलनेस सेंटरों में योग सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। सरकार का उद्देश्य योग को जन-जन तक पहुंचाकर स्वस्थ, संतुलित और जागरूक समाज का निर्माण करना है।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री सहित अनेक जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।मुख्यमंत्री ने सभी प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाकर स्वस्थ, सकारात्मक और अनुशासित जीवनशैली अपनाएं तथा आने वाली पीढ़ियों को भी योग के प्रति प्रेरित करें। योग दिवस के इस आयोजन ने स्वास्थ्य, पर्यावरण और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति जागरूकता का मजबूत संदेश दिया।



