कनखल में पुलिस का ‘ऑपरेशन शिकंजा’! भागने के सारे रास्ते बंद… आखिर आरोपी ने थाने में किया सरेंडर,, नाबालिग को प्रेमजाल में फंसाने का आरोप, वीडियो बनाकर ब्लैकमेलिंग का खेल… ₹1 लाख हड़पने के बाद भी मांगता रहा रकम, दिल्ली से बरेली तक बदलता रहा ठिकाना

कनखल में पुलिस का ‘ऑपरेशन शिकंजा’! भागने के सारे रास्ते बंद… आखिर आरोपी ने थाने में किया सरेंडर,,
नाबालिग को प्रेमजाल में फंसाने का आरोप, वीडियो बनाकर ब्लैकमेलिंग का खेल… ₹1 लाख हड़पने के बाद भी मांगता रहा रकम, दिल्ली से बरेली तक बदलता रहा ठिकाना

हरिद्वार। कनखल में एक नाबालिग से दुष्कर्म और वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने के आरोप में वांछित आरोपी की कहानी किसी फिल्मी सीन से कम नहीं रही। पुलिस के मुताबिक, शिकायत दर्ज होते ही आरोपी फरार हो गया। गिरफ्तारी से बचने के लिए एक के बाद एक ठिकाने बदलता रहा, लेकिन कनखल पुलिस की दबिश ने आखिरकार उसका ‘भागने का खेल’ खत्म कर दिया।
मामला 3 सितंबर 2026 का है। पीड़िता की मां ने कनखल कोतवाली में शिकायत देकर आरोप लगाया कि युवक ने पहले नाबालिग से दोस्ती की और विश्वास में लेने के बाद उसके साथ दुष्कर्म किया। आरोप है कि आरोपी ने फोटो और वीडियो भी बनाए और उन्हें वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया।
₹1 लाख वसूले, फिर भी नहीं रुकी कथित ‘पैसों की डिमांड’
पुलिस के अनुसार, डर के कारण नाबालिग ने आरोपी को ₹1 लाख रुपये दिए। इसके बाद भी आरोपी कथित तौर पर लगातार और रकम मांगता रहा। मामले की गंभीरता को देखते हुए कनखल कोतवाली में मु0अ0सं0 311/2026 के तहत पॉक्सो अधिनियम में मुकदमा दर्ज किया गया।
एसएसपी हरिद्वार के निर्देश पर पुलिस टीम ने आरोपी की तलाश शुरू की। इसके बाद शुरू हुआ ‘ठिकाना बदलो और पुलिस से बचो’ वाला खेल।
पुलिस के मुताबिक आरोपी दिल्ली, नोएडा, अलीगढ़, बरेली और हरिद्वार में लगातार अपने ठिकाने बदलता रहा। लेकिन पुलिस की टीमें भी पीछे नहीं हटीं। संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जाती रही।
फिर आया कहानी का क्लाइमेक्स!
पुलिस की कार्रवाई का दबाव बढ़ा तो आरोपी को आखिरकार समझ आ गया कि अब बचने का रास्ता मुश्किल है। पुलिस के मुताबिक वह स्वयं कोतवाली कनखल पहुंचा और सरेंडर कर दिया।
आरोपी की पहचान गौरव कुमार पुत्र धनपाल निवासी बफरी बुजुर्ग, थाना शाही, बरेली, हाल निवासी सगरावाला, जगजीतपुर, कनखल, हरिद्वार के रूप में हुई है।
कार्रवाई करने वाली टीम में उपनिरीक्षक देवेन्द्र पाल, महिला उपनिरीक्षक सीमा आर्य, कांस्टेबल रणजीत सिंह और महिला कांस्टेबल सुष्मिता रावत शामिल रहे।
फिलहाल आरोपी पुलिस हिरासत में है और मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है। पीड़िता की पहचान गोपनीय रखी गई है।



