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हरिद्वार में पल्स पोलियो अभियान की तैयारियां तेज! 28 जून को बूथों पर और 29 जून से घर-घर पहुंचेगी स्वास्थ्य टीम, 3.36 लाख बच्चों को दवा पिलाने का लक्ष्य,, डीएम मयूर दीक्षित की सख्त अपील— ‘एक भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रहे’; अभिभावकों, जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, मदरसों, ग्राम प्रधानों और सभी विभागों से मांगा सक्रिय सहयोग,,

हरिद्वार में पल्स पोलियो अभियान की तैयारियां तेज! 28 जून को बूथों पर और 29 जून से घर-घर पहुंचेगी स्वास्थ्य टीम, 3.36 लाख बच्चों को दवा पिलाने का लक्ष्य,,

डीएम मयूर दीक्षित की सख्त अपील— ‘एक भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रहे’; अभिभावकों, जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, मदरसों, ग्राम प्रधानों और सभी विभागों से मांगा सक्रिय सहयोग,,

हरिद्वार, 19 जून। जनपद हरिद्वार को पोलियो मुक्त बनाए रखने और आने वाली पीढ़ी को इस गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से प्रशासन ने पल्स पोलियो अभियान की तैयारियां तेज कर दी हैं। आगामी 28 जून को बूथ आधारित पल्स पोलियो अभियान तथा 29 जून से 4 जुलाई तक घर-घर जाकर बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने का विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान जनपद में 0 से 5 वर्ष तक आयु वर्ग के लगभग 3 लाख 36 हजार बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

इसी क्रम में जिला कार्यालय सभागार में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में जिला टास्क फोर्स समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें अभियान की तैयारियों, विभागीय जिम्मेदारियों और जनजागरूकता कार्यक्रमों की विस्तार से समीक्षा की गई।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनपद का कोई भी बच्चा पोलियो की दवा पीने से वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि पोलियो जैसी गंभीर बीमारी के खिलाफ यह लड़ाई केवल स्वास्थ्य विभाग की नहीं बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसके लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए अभियान को जन-आंदोलन का स्वरूप देना होगा।

डीएम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि 28 जून को आयोजित बूथ दिवस पर अधिकतम संख्या में बच्चों को बूथों तक लाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। नगर क्षेत्रों से लेकर दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों तक अभिभावकों को समय रहते जानकारी उपलब्ध कराई जाए ताकि कोई भी परिवार जानकारी के अभाव में अपने बच्चों को दवा पिलाने से न चूके।

उन्होंने कहा कि केवल सरकारी तंत्र के प्रयास पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता भी आवश्यक है। इसी उद्देश्य से जिला शिक्षा विभाग को विद्यालयों के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। छात्र-छात्राओं को अभियान का संदेशवाहक बनाकर अभिभावकों तक जानकारी पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया है।

जिलाधिकारी ने जिला पंचायत राज विभाग को निर्देश दिए कि सभी ग्राम प्रधानों, पंचायत प्रतिनिधियों और ग्राम स्तरीय समितियों को अभियान से जोड़ा जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में मुनादी, सूचना पत्रक और जनसंपर्क कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाए, ताकि अधिक से अधिक बच्चों तक पोलियो की खुराक पहुंच सके।

अल्पसंख्यक कल्याण विभाग को मदरसों और धार्मिक संस्थानों के माध्यम से जागरूकता बढ़ाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। डीएम ने कहा कि समाज के सभी वर्गों तक अभियान का संदेश पहुंचना चाहिए और किसी भी प्रकार की भ्रांति या अफवाह को दूर करना आवश्यक है।

बैठक में श्रम विभाग और खनन विभाग को भी विशेष जिम्मेदारी दी गई। जिलाधिकारी ने कहा कि फैक्ट्रियों, औद्योगिक इकाइयों और खनन क्षेत्रों में कार्यरत श्रमिकों के बच्चों तक भी पोलियो की दवा पहुंचनी चाहिए। इसके लिए श्रमिक परिवारों को पहले से सूचना देकर अभियान में शामिल किया जाए।

स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित करते हुए डीएम ने कहा कि आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, एएनएम तथा अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए। प्रत्येक टीम को अपने क्षेत्र की जिम्मेदारी पूरी गंभीरता और जवाबदेही के साथ निभानी होगी। घर-घर सर्वेक्षण और फॉलोअप के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी बच्चा छूटने न पाए।

उन्होंने कहा कि पल्स पोलियो अभियान केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि बच्चों के स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य का संकल्प है। पोलियो एक ऐसी बीमारी है जो जीवनभर की विकलांगता का कारण बन सकती है, इसलिए प्रत्येक अभिभावक का यह दायित्व है कि वह अपने बच्चों को निर्धारित तिथि पर पोलियो की खुराक अवश्य दिलाए।

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने जनपदवासियों से अपील करते हुए कहा कि “दो बूंद जिंदगी की” केवल एक नारा नहीं बल्कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की सुरक्षा का माध्यम है। उन्होंने सभी अभिभावकों से आग्रह किया कि वे 0 से 5 वर्ष तक आयु के बच्चों को 28 जून को नजदीकी पोलियो बूथ पर लेकर जाएं तथा यदि किसी कारणवश बच्चा छूट जाता है तो घर-घर आने वाली टीम को अवश्य दवा पिलाएं।

बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आर.के. सिंह, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अनिल वर्मा, सीएमएस रुड़की डॉ. ए.के. मिश्रा, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. कोमल, जिला शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक) अमित कुमार चंद, अधिशासी अभियंता विद्युत दीपक सैनी, नगर स्वास्थ्य अधिकारी गंभीर तलियान, अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी इप्सिता रावत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

प्रशासन को उम्मीद है कि जनसहयोग, जागरूकता और विभागीय समन्वय के बल पर यह अभियान पूरी सफलता के साथ संचालित होगा और हरिद्वार जनपद में एक भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित नहीं रहेगा।

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