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स्थायी लोक अदालत की कार्यप्रणाली पर अधिकार मित्रों को प्रशिक्षण, सिमरनजीत कौर ने संभाली अहम भूमिका,, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सिमरनजीत कौर ने पीपीटी के माध्यम से समझाई प्रक्रिया, 30 अधिकार मित्रों को मिला विशेष प्रशिक्षण; आमजन को बिना कोर्ट फीस न्याय पाने की जानकारी

स्थायी लोक अदालत की कार्यप्रणाली पर अधिकार मित्रों को प्रशिक्षण, सिमरनजीत कौर ने संभाली अहम भूमिका,,

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सिमरनजीत कौर ने पीपीटी के माध्यम से समझाई प्रक्रिया, 30 अधिकार मित्रों को मिला विशेष प्रशिक्षण; आमजन को बिना कोर्ट फीस न्याय पाने की जानकारी

 

हरिद्वार, 19 अगस्त 2026। माननीय राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण उत्तराखण्ड, नैनीताल के निर्देशानुसार बुधवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हरिद्वार के एडीआर भवन रोशनाबाद में स्थायी लोक अदालत हरिद्वार की ओर से अधिकार मित्रों के लिए एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में स्थायी लोक अदालत की कार्यप्रणाली, क्षेत्राधिकार, वाद दायर करने की प्रक्रिया और लोक उपयोगी सेवाओं से जुड़े विवादों के निस्तारण की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम का शुभारंभ स्थायी लोक अदालत हरिद्वार की अध्यक्षा एवं न्यायाधीश एचजेएस श्रीमती नीतू जोशी तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हरिद्वार की सचिव श्रीमती सिमरनजीत कौर ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में सिमरनजीत कौर की भूमिका विशेष रही। उन्होंने अधिकार मित्रों को स्थायी लोक अदालत की कार्यवाही को आमजन तक पहुंचाने तथा जरूरतमंद लोगों को इसके माध्यम से उपलब्ध न्यायिक सुविधा की जानकारी देने के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए।

सिमरनजीत कौर ने पीपीटी से समझाई स्थायी लोक अदालत की पूरी कार्यप्रणाली

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव श्रीमती सिमरनजीत कौर ने पीपीटी के माध्यम से अधिकार मित्रों को स्थायी लोक अदालत की कार्यप्रणाली के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अधिकार मित्रों की जिम्मेदारी केवल जानकारी तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर आमजन को स्थायी लोक अदालत की सुविधाओं और प्रक्रिया के बारे में जागरूक करना है। उन्होंने अधिकार मित्रों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में स्थायी लोक अदालत का व्यापक प्रचार-प्रसार करें, ताकि लोक उपयोगी सेवाओं से संबंधित विवादों में परेशान लोगों को समय पर उचित मंच मिल सके और वे न्याय पाने के लिए स्थायी लोक अदालत की सुविधा का लाभ उठा सकें।

एक करोड़ रुपये तक के मामलों का हो सकता है निस्तारण

प्रशिक्षण के दौरान स्थायी लोक अदालत की अध्यक्षा श्रीमती नीतू जोशी ने अधिकार मित्रों को इसके क्षेत्राधिकार और वाद दायर करने से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि स्थायी लोक अदालत में लोक उपयोगी सेवाओं से संबंधित ऐसे मामलों का निस्तारण किया जाता है, जिनमें संबंधित विभाग अथवा सेवा प्रदाता की सेवाओं में कमी हो और मामले का मूल्यांकन एक करोड़ रुपये तक हो। ऐसे मामले भी स्थायी लोक अदालत में दायर किए जा सकते हैं, जो किसी अन्य न्यायालय के समक्ष लंबित न हों।लोक उपयोगी सेवाओं के अंतर्गत वायु, सड़क एवं जलमार्ग से यात्रियों अथवा माल के परिवहन की सेवाएं, डाक, तार एवं टेलीफोन सेवा, विद्युत एवं जल आपूर्ति, सार्वजनिक सफाई एवं स्वच्छता प्रणाली, अस्पताल एवं औषधालय, बीमा तथा बैंकिंग सेवाएं, शैक्षिक एवं शैक्षणिक संस्थान, आवास एवं भू-संपदा सेवाओं से संबंधित विवाद शामिल हैं।

बिना कोर्ट फीस के दर्ज करा सकते हैं शिकायत

प्रशिक्षण में बताया गया कि स्थायी लोक अदालत में मामले के लिए किसी प्रकार की कोर्ट फीस अदा नहीं करनी पड़ती है। आम व्यक्ति स्वयं भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है। शिकायत दर्ज होने के बाद विपक्षी पक्ष को नोटिस जारी किया जाता है। विपक्षी के उपस्थित होने पर सबसे पहले दोनों पक्षों के बीच सुलह-समझौते के आधार पर विवाद का समाधान कराने का प्रयास किया जाता है।यदि दोनों पक्षों के बीच समझौता नहीं हो पाता है तो मामले में सिविल वाद की तरह कार्यवाही करते हुए उसका निस्तारण किया जाता है। इस व्यवस्था के माध्यम से लोक उपयोगी सेवाओं से जुड़े विवादों का सरल और प्रभावी तरीके से समाधान कराने का प्रयास किया जाता है।

250 में से 30 अधिकार मित्रों को मिला विशेष प्रशिक्षण

कार्यक्रम में जिले के करीब 250 अधिकार मित्रों में से 30 अधिकार मित्रों का चयन कर उन्हें विशेष प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के बाद इन अधिकार मित्रों के माध्यम से स्थायी लोक अदालत की सेवाओं और सुविधाओं की जानकारी जिले के विभिन्न क्षेत्रों में आमजन तक पहुंचाने की योजना है।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर मुख्य अतिथि श्रीमती नीतू जोशी, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव श्रीमती सिमरनजीत कौर एवं स्थायी लोक अदालत के सदस्यगण ने प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले अधिकार मित्रों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए। कार्यक्रम का सफल मंच संचालन रमन कुमार सैनी, डिप्टी एलएडीसी द्वारा किया गया।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य स्थायी लोक अदालत की व्यवस्था को जमीनी स्तर तक पहुंचाना और आम नागरिकों को उनके अधिकारों तथा विवाद निस्तारण के उपलब्ध वैकल्पिक कानूनी मंच की जानकारी उपलब्ध कराना रहा।

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