तीन तलाक-हलाला पीड़िताओं को मिलेगा अपना आशियाना! वक्फ बोर्ड अध्यक्ष शादाब शम्स का बड़ा ऐलान, मुफ्त घर देने की तैयारी,, उत्तराखंड वक्फ बोर्ड की अगली बैठक में आएगा प्रस्ताव; अध्यक्ष शादाब शम्स बोले—बेघर महिलाओं और यतीम बच्चों के लिए वक्फ की जमीन का होगा इस्तेमाल, सीएम धामी से भी हुई चर्चा,, तीन तलाक पीड़िताओं को वक्फ देगा घर

तीन तलाक-हलाला पीड़िताओं को मिलेगा अपना आशियाना! वक्फ बोर्ड अध्यक्ष शादाब शम्स का बड़ा ऐलान, मुफ्त घर देने की तैयारी,,
उत्तराखंड वक्फ बोर्ड की अगली बैठक में आएगा प्रस्ताव; अध्यक्ष शादाब शम्स बोले—बेघर महिलाओं और यतीम बच्चों के लिए वक्फ की जमीन का होगा इस्तेमाल, सीएम धामी से भी हुई चर्चा,,
तीन तलाक पीड़िताओं को वक्फ देगा घर

इन्तजार रजा देहरादून। उत्तराखंड में तीन तलाक और हलाला जैसी परिस्थितियों का सामना करने के बाद बेघर हुई मुस्लिम महिलाओं के लिए उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स ने बड़ी पहल की तैयारी की है। वक्फ बोर्ड ऐसी जरूरतमंद महिलाओं और उनके बच्चों को आवास उपलब्ध कराने की योजना पर काम कर रहा है। शादाब शम्स ने बताया कि इस संबंध में प्रस्ताव आगामी बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। प्रस्ताव मंजूर होने के बाद पात्र महिलाओं के लिए आवास उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
शादाब शम्स बोले—दर-दर भटकने वाली महिलाओं को मिलेगी छत
उत्तराखंड वक्फ बोर्ड अध्यक्ष शादाब शम्स ने कहा कि तीन तलाक और हलाला के बाद कई महिलाएं अपने बच्चों के साथ बेहद कठिन परिस्थितियों में जीवन गुजारने को मजबूर हो जाती हैं। ऐसी महिलाओं के सामने सबसे बड़ी समस्या सुरक्षित आवास की होती है।शम्स के मुताबिक, बोर्ड का प्रयास है कि ऐसी बेसहारा महिलाओं को सिर्फ आर्थिक मदद तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उन्हें सुरक्षित छत और सम्मान के साथ जीवन जीने का आधार उपलब्ध कराया जाए।
वक्फ की जमीन पर बनेगा आशियाना!
शादाब शम्स ने बताया कि उत्तराखंड के अलग-अलग जिलों में वक्फ बोर्ड की संपत्तियां और जमीनें हैं। इनका कानूनी परीक्षण कर जरूरतमंद महिलाओं के लिए आवास उपलब्ध कराने की संभावनाएं देखी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि जहां जमीन उपलब्ध होगी और कानून इसकी अनुमति देगा, वहां आवासीय योजना को आगे बढ़ाया जा सकता है। साथ ही वक्फ संपत्तियों पर यदि अवैध कब्जे हैं तो उन्हें हटाकर संपत्तियों का उचित इस्तेमाल सुनिश्चित करने की दिशा में भी काम किया जाएगा।
सीएम धामी से हुई चर्चा, अगली बोर्ड बैठक में प्रस्ताव
वक्फ बोर्ड अध्यक्ष शादाब शम्स ने बताया कि इस पहल को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भी चर्चा हुई है। अब योजना को औपचारिक रूप देने के लिए इसे वक्फ बोर्ड की आगामी बैठक में प्रस्ताव के रूप में रखा जाएगा।प्रस्ताव पास होने के बाद पात्रता तय करने, आवेदन लेने, जमीन चिह्नित करने और आवास उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
गरीबों के लिए है वक्फ संपत्ति—शम्स
शादाब शम्स ने कहा कि वक्फ संपत्तियों का उद्देश्य जरूरतमंदों और समाज के हित में उनका उपयोग सुनिश्चित करना है। उनका कहना है कि यदि कोई महिला तीन तलाक या अन्य वैवाहिक परिस्थितियों के कारण अपने बच्चों के साथ बेघर हो गई है तो ऐसी महिलाओं को सहारा देने के लिए वक्फ की संपत्तियों का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि केंद्र के नए वक्फ कानून के बाद गरीब और जरूरतमंद लोगों तक वक्फ संपत्तियों का लाभ पहुंचाने की उम्मीद बढ़ी है।
कितने घर मिलेंगे? कौन होगा पात्र? अभी तय होना बाकी
हालांकि योजना की घोषणा के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि कितनी महिलाओं को घर मिलेगा, किन जिलों में आवास बनाए जाएंगे और पात्रता की शर्तें क्या होंगी?इन सभी बिंदुओं पर अंतिम निर्णय वक्फ बोर्ड की बैठक में लिया जाना है। फिलहाल बोर्ड की ओर से इसे प्रस्तावित योजना बताया गया है। यानी अभी आवास आवंटन शुरू नहीं हुआ है और इसके लिए बोर्ड की औपचारिक मंजूरी तथा जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी होना बाकी है।
बेसहारा महिलाओं के लिए नई उम्मीद
अगर प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है और योजना जमीन पर उतरती है तो तीन तलाक और हलाला जैसी परिस्थितियों के बाद बेघर हुई महिलाओं के पुनर्वास की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।उत्तराखंड वक्फ बोर्ड अध्यक्ष शादाब शम्स का कहना है कि मकसद सिर्फ मकान देना नहीं, बल्कि उन महिलाओं को सुरक्षित वातावरण देना है जो विपरीत परिस्थितियों में अपने बच्चों के साथ जीवन गुजार रही हैं।



