उत्तराखंड में मौसम का ‘ट्विस्ट’! आसमान में बादलों की एंट्री, बारिश-आंधी का ट्रेलर शुरू—4200 मीटर पर गिरेगी बर्फ…. 8 जिलों में येलो अलर्ट, 30-40 KM की रफ्तार से दौड़ेंगी हवाएं; पहाड़ों में ठंड बढ़ने के साथ 6 से 10 अक्टूबर तक बारिश-बर्फबारी के आसार

उत्तराखंड में मौसम का ‘ट्विस्ट’! आसमान में बादलों की एंट्री, बारिश-आंधी का ट्रेलर शुरू—4200 मीटर पर गिरेगी बर्फ….
8 जिलों में येलो अलर्ट, 30-40 KM की रफ्तार से दौड़ेंगी हवाएं; पहाड़ों में ठंड बढ़ने के साथ 6 से 10 अक्टूबर तक बारिश-बर्फबारी के आसार
देहरादून। उत्तराखंड में मानसून की विदाई के बाद लगा था कि अब मौसम शांत रहेगा, लेकिन अक्टूबर की शुरुआत में ही कहानी ने नया मोड़ ले लिया है। पहाड़ों से लेकर मैदान तक मौसम एक बार फिर करवट लेने लगा है। आसमान में बादलों की दस्तक के साथ बारिश और तेज हवाओं का दौर शुरू होने के आसार हैं।
मौसम विभाग ने 6 से 10 अक्टूबर तक प्रदेश में मौसम बदलने का पूर्वानुमान जताया है। वहीं मंगलवार को अल्मोड़ा, नैनीताल, चंपावत, देहरादून, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बारिश और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं।
बादलों की एंट्री, बिजली की चमक और हवाओं का एक्शन
मौसम के इस नए एपिसोड में पहाड़ी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर आकाशीय बिजली चमकने और तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
देहरादून समेत कई मैदानी क्षेत्रों में भी मौसम का मिजाज बदल सकता है। सुबह और शाम हल्की ठंड का असर बढ़ने लगा है, जबकि बारिश के बाद तापमान में और गिरावट आने के आसार हैं।
4200 मीटर के ऊपर ‘सफेद चादर’ की तैयारी
मौसम का सबसे बड़ा बदलाव ऊंचाई वाले इलाकों में देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार 4200 मीटर और उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के आसार हैं। यानी अक्टूबर के शुरुआती दिनों में ही उत्तराखंड की ऊंची चोटियां सफेद चादर ओढ़ सकती हैं।
चमोली, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जैसे पर्वतीय जिलों में मौसम ज्यादा सक्रिय रहने की संभावना है। बारिश और बर्फबारी के चलते ऊंचाई वाले इलाकों में ठंड तेजी से बढ़ सकती है।
हरिद्वार भी अलर्ट जोन में
मैदानी जिलों में हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर को भी येलो अलर्ट में शामिल किया गया है। हरिद्वार में बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
मौसम विभाग ने पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा करने वाले लोगों से मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेने के बाद ही यात्रा करने की अपील की है। किसानों को भी बारिश और तेज हवाओं के दौरान फसलों की सुरक्षा को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
यानी मौसम की फिल्म अभी खत्म नहीं हुई है—अक्टूबर के पहले सप्ताह में पहाड़ों पर बारिश, हवाओं और बर्फबारी का नया ‘एक्शन सीन’ शुरू हो चुका है।



