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काठा पीर दरगाह की बदहाली पर उठी आवाज, बारिश में टपक रही मजार की छत!… जायरीनों को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिलने का आरोप, मरम्मत से लेकर आय-व्यय सार्वजनिक करने तक उठीं पांच प्रमुख मांगें,, एसडीएम लक्सर से मिला प्रतिनिधिमंडल, प्रशासन ने जल्द स्थलीय निरीक्षण का दिया भरोसा

काठा पीर दरगाह की बदहाली पर उठी आवाज, बारिश में टपक रही मजार की छत!…

जायरीनों को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिलने का आरोप, मरम्मत से लेकर आय-व्यय सार्वजनिक करने तक उठीं पांच प्रमुख मांगें,,

एसडीएम लक्सर से मिला प्रतिनिधिमंडल, प्रशासन ने जल्द स्थलीय निरीक्षण का दिया भरोसा

लक्सर। ऐतिहासिक एवं आस्था के प्रमुख केंद्र हजरत शाह मोहम्मद शाह काठा पीर दरगाह में कथित अव्यवस्थाओं और जायरीनों को हो रही परेशानियों का मामला अब प्रशासन तक पहुंच गया है। दरगाह की बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर ग्राम घिस्सुपुरा के सामाजिक कार्यकर्ता मौ सलीम के नेतृत्व में क्षेत्र के लोगों के एक प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम लक्सर से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने दरगाह परिसर की व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार और जायरीनों के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की।

प्रतिनिधिमंडल में सामाजिक कार्यकर्ता मौ सलीम, क्षेत्र पंचायत सदस्य मौ मुस्तफा, सुल्तानपुर के सामाजिक कार्यकर्ता समेत क्षेत्र के कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

बारिश में टपक रही मजार की छत, कमरों में सीलन

ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि हाल की बारिश के चलते मुख्य मजारे शरीफ की छत से पानी टपक रहा है। वहीं दरगाह परिसर में बने मुसाफिरखानों के कमरों की दीवारों में सीलन आ गई है। कई स्थानों पर फर्श टूटकर धंसने की स्थिति में है।

प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि दरगाह में दूर-दराज से बड़ी संख्या में जायरीन और अकीदतमंद पहुंचते हैं, लेकिन पर्याप्त बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

मरम्मत से लेकर पारदर्शिता तक पांच प्रमुख मांगें

1. मुख्य मजार की तत्काल मरम्मत:
मजारे शरीफ की छत की वाटरप्रूफिंग कराने के साथ मुसाफिरखानों की जर्जर दीवारों और टूटे फर्श की मरम्मत कराने की मांग की गई।

2. पेयजल और शौचालय की व्यवस्था:
जायरीनों के लिए स्वच्छ पेयजल, साफ सार्वजनिक शौचालय और पूरे परिसर में नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग उठाई गई।

3. आय-व्यय का पूरा हिसाब सार्वजनिक हो:
दरगाह में आने वाले चढ़ावे, चंदे और अन्य आय के साथ खर्च का पूरा ब्योरा सार्वजनिक करने की मांग की गई है। प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि इससे व्यवस्थाओं में पारदर्शिता बनी रहेगी।

4. पार्किंग और अतिरिक्त सुविधाओं के लिए भूमि:
भविष्य में बढ़ने वाली जायरीनों की संख्या को देखते हुए दरगाह के आसपास अतिरिक्त भूमि की व्यवस्था कर पार्किंग और अन्य जनसुविधाएं विकसित करने की मांग की गई।

5. प्रकाश और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हो:
रात के समय जायरीनों की सुरक्षा को देखते हुए परिसर में पर्याप्त रोशनी और आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग भी ज्ञापन में की गई।

‘जल्द सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन करेंगे’

सामाजिक कार्यकर्ता मौ सलीम ने कहा कि काठा पीर दरगाह से लाखों लोगों की आस्था जुड़ी हुई है। यहां आने वाले जायरीनों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन और प्रबंधन तंत्र की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि दरगाह की मौजूदा समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया तो क्षेत्र की जनता आंदोलन करने को मजबूर होगी।

प्रतिनिधिमंडल की शिकायत को एसडीएम लक्सर ने गंभीरता से लेते हुए जल्द ही दरगाह का स्थलीय निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया है। अब देखना होगा कि प्रशासन के निरीक्षण के बाद दरगाह की बदहाल व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए धरातल पर कितनी तेजी से कदम उठाए जाते हैं।

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