अकौड़ा खुर्द गबन प्रकरण में बढ़ा बवाल: 7 महीने बाद भी कार्रवाई नहीं, SSP दफ्तर पहुंचे सुराज सेवा दल के अध्यक्ष रमेश जोशी ने एसएसपी हरिद्वार नवनीत सिंह भुल्लर को सौंपा शिकायती ज्ञापन ,, “DPRO अतुल प्रताप सिंह ने जांच के बाद स्वयं DPRO ने दर्ज कराया था मुकदमा,, “आय-संपत्ति जांच और जेल भेजने की मांग— सुराज सेवा दल ने दी प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी”

इन्तजार रजा हरिद्वार- अकौड़ा खुर्द गबन प्रकरण में बढ़ा बवाल: 7 महीने बाद भी कार्रवाई नहीं, SSP दफ्तर पहुंचे सुराज सेवा दल के अध्यक्ष रमेश जोशी ने एसएसपी हरिद्वार नवनीत सिंह भुल्लर को सौंपा शिकायती ज्ञापन ,,
“DPRO अतुल प्रताप सिंह ने जांच के बाद स्वयं DPRO ने दर्ज कराया था मुकदमा,,
“आय-संपत्ति जांच और जेल भेजने की मांग— सुराज सेवा दल ने दी प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी”
हरिद्वार/लक्सर। लक्सर ब्लॉक की ग्राम पंचायत अकौड़ा खुर्द में सामने आए लाखों रुपए के कथित गबन प्रकरण ने अब बड़ा राजनीतिक और सामाजिक रूप ले लिया है। करीब 7 महीने पहले दर्ज हुए मुकदमे में अब तक कोई ठोस कार्रवाई न होने से नाराज सुराज सेवा दल ने बुधवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) हरिद्वार कार्यालय पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया और भ्रष्टाचार के आरोपी ग्राम पंचायत विकास अधिकारी शंकरदीप सैनी तथा संबंधित ग्राम प्रधान की तत्काल गिरफ्तारी की मांग उठाई।
सुराज सेवा दल के प्रदेश अध्यक्ष रमेश जोशी के नेतृत्व में पहुंचे कार्यकर्ताओं ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और आरोप लगाया कि सरकार की तथाकथित “जीरो टॉलरेंस” नीति केवल कागजों तक सीमित रह गई है, जबकि धरातल पर भ्रष्टाचारियों को खुला संरक्षण दिया जा रहा है।
संगठन द्वारा SSP को सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि अकौड़ा खुर्द ग्राम पंचायत में हुए वित्तीय गबन और विकास योजनाओं में भारी अनियमितताओं की जांच जिला पंचायत राज अधिकारी (DPRO) अतुल प्रताप सिंह द्वारा की गई थी। जांच में गंभीर गड़बड़ियां सामने आने के बाद स्वयं DPRO ने संबंधित ग्राम पंचायत विकास अधिकारी शंकरदीप सैनी और ग्राम प्रधान के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
लेकिन हैरानी की बात यह है कि मुकदमा दर्ज हुए लगभग सात महीने बीत जाने के बावजूद पुलिस प्रशासन अब तक आरोपियों के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं कर पाया। न गिरफ्तारी हुई, न पूछताछ की कोई ठोस जानकारी सामने आई और न ही सरकारी धन की रिकवरी की दिशा में कोई कदम दिखाई दिया।
सुराज सेवा दल ने आरोप लगाया कि यदि कोई आम व्यक्ति छोटे स्तर की गलती में पकड़ा जाता है तो पुलिस तत्काल गिरफ्तारी कर कार्रवाई करती है, लेकिन जब मामला भ्रष्ट अधिकारियों और प्रभावशाली लोगों का होता है तो कानून की रफ्तार अचानक धीमी पड़ जाती है। संगठन ने इसे “व्यवस्था का दोहरा चेहरा” बताते हुए कहा कि इससे जनता का कानून और प्रशासन से विश्वास टूट रहा है।
प्रदेश अध्यक्ष रमेश जोशी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि ग्राम पंचायत विकास अधिकारी शंकरदीप सैनी को जानबूझकर बचाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि या तो आरोपी को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है या फिर वह उच्च अधिकारियों तक “कमाई” पहुंचाने का काम कर रहा है, जिसके कारण पुलिस कार्रवाई करने से बच रही है।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में भ्रष्टाचार के खिलाफ गंभीर है तो आरोपी अधिकारी की तत्काल गिरफ्तारी होनी चाहिए और उसकी समस्त चल-अचल संपत्तियों, बैंक खातों, आय के स्रोतों और पिछले कार्यकाल के वित्तीय लेन-देन की उच्च स्तरीय जांच कराई जानी चाहिए।
सुराज सेवा दल ने यह भी कहा कि अकौड़ा खुर्द का मामला केवल एक पंचायत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे पंचायत तंत्र में फैले भ्रष्टाचार की झलक है। गांवों के विकास के लिए आने वाला सरकारी बजट योजनाओं पर खर्च होने के बजाय भ्रष्ट अधिकारियों और कुछ जनप्रतिनिधियों की मिलीभगत से गबन की भेंट चढ़ रहा है। इसका सीधा नुकसान ग्रामीण जनता को उठाना पड़ रहा है।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रशासन पर भ्रष्टाचारियों को संरक्षण देने के आरोप लगाए और कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो जनता सड़कों पर उतरने को मजबूर होगी। ज्ञापन में साफ चेतावनी दी गई कि यदि जल्द ही आरोपी ग्राम पंचायत विकास अधिकारी और ग्राम प्रधान को गिरफ्तार कर जेल नहीं भेजा गया तो सुराज सेवा दल प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू करेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
रमेश जोशी ने कहा कि जनता के टैक्स और सरकारी योजनाओं के पैसों की लूट किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि “भ्रष्टाचारियों को जेल भेजना ही असली जीरो टॉलरेंस है, केवल मंचों से भाषण देने से भ्रष्टाचार खत्म नहीं होगा।”




