गाजीवाली के प्रधान को मिलेगा सम्मान — जिलाधिकारी ने की यूसीसी पंजीकरण और सीएम हेल्पलाइन की गहन समीक्षा,, 🔸 शत-प्रतिशत पंजीकरण के लिए गाजीवाली बनी मिसाल ग्राम प्रधान को किया जाएगा सम्मानित, अन्य क्षेत्रों को भी अपनाने होंगे नवाचार,, 🔹 डीएम मयूर दीक्षित ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश — “सरलीकरण, समाधान और संतुष्टि” पर दिया जोर
यूसीसी (यूनिवर्सल सिविल कोड) के तहत अधिक से अधिक नागरिकों का पंजीकरण सरकार की प्राथमिकता है, और इस दिशा में उत्कृष्ट कार्य करने वाले ग्राम प्रधानों व अधिकारियों को सम्मानित किया जाएगा। डीएम ने बताया कि ग्राम गाजीवाली ने यूसीसी पंजीकरण में शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर जिले के लिए मिसाल पेश की है, जिसके लिए गाजीवाली ग्राम प्रधान को विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा

इन्तजार रजा हरिद्वार 🔴 गाजीवाली के प्रधान को मिलेगा सम्मान — जिलाधिकारी ने की यूसीसी पंजीकरण और सीएम हेल्पलाइन की गहन समीक्षा,,
🔸 शत-प्रतिशत पंजीकरण के लिए गाजीवाली बनी मिसाल ग्राम प्रधान को किया जाएगा सम्मानित, अन्य क्षेत्रों को भी अपनाने होंगे नवाचार,,
🔹 डीएम मयूर दीक्षित ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश — “सरलीकरण, समाधान और संतुष्टि” पर दिया जोर

हरिद्वार, 03 नवम्बर 2025।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने सोमवार को जिला कार्यालय सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में स्पष्ट कहा कि यूसीसी (यूनिवर्सल सिविल कोड) के तहत अधिक से अधिक नागरिकों का पंजीकरण सरकार की प्राथमिकता है, और इस दिशा में उत्कृष्ट कार्य करने वाले ग्राम प्रधानों व अधिकारियों को सम्मानित किया जाएगा।
डीएम ने बताया कि ग्राम गाजीवाली ने यूसीसी पंजीकरण में शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर जिले के लिए मिसाल पेश की है, जिसके लिए गाजीवाली ग्राम प्रधान को विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में भी अब पंजीकरण की गति तेज़ की जाए। नगर निगमों को वार्डवार माइक्रो प्लानिंग कर शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि नागरिकों को उनके घर-घर जाकर पंजीकरण की सुविधा मिल सके। जिलाधिकारी ने कहा कि जनप्रतिनिधियों का सहयोग लेकर शिविरों का विस्तार किया जाए, जिससे अधिक से अधिक लोग इस प्रक्रिया से जुड़ सकें।
बैठक के दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पंजीकरण कार्यों की दैनिक समीक्षा कर लक्ष्य प्राप्ति की रिपोर्ट समय पर प्रस्तुत करें। उन्होंने नगर निगम रूड़की को विशेष रूप से निर्देशित किया कि सभी वार्डों में रोस्टर आधारित शिविर योजना बनाकर जनसहभागिता के माध्यम से पंजीकरण बढ़ाएं।
डीएम मयूर दीक्षित ने सीएम हेल्पलाइन पर आने वाली शिकायतों की समीक्षा करते हुए कहा कि कोई भी शिकायत 36 दिन से अधिक लंबित नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने सभी विभागों को निर्देशित किया कि शिकायतों का निस्तारण न केवल समयबद्ध हो बल्कि गुणवत्ता और संतुष्टि के मानकों पर खरा उतरे।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मंशा के अनुरूप “सरलीकरण, समाधान, निस्तारण और संतुष्टि” की नीति को हर स्तर पर लागू किया जाए।
सीएम घोषणाओं की प्रगति पर भी जिलाधिकारी ने विस्तार से समीक्षा की और कहा कि घोषणाओं से जुड़े विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि प्रगति रिपोर्ट में लापरवाही करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व फिंचाराम चौहान, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आर.के. सिंह, जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश, जिला पंचायतराज अधिकारी अतुल प्रताप सिंह और जिला क्रीड़ा अधिकारी शबाली गुरूंग सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
डीएम ने अंत में कहा कि हरिद्वार जनपद को डिजिटल और प्रशासनिक रूप से सशक्त बनाना ही लक्ष्य है। गाजीवाली जैसे ग्रामों की पहल से यह साबित होता है कि यदि इच्छाशक्ति और जनसहयोग मिले तो हर लक्ष्य संभव है।
उन्होंने सभी अधिकारियों से अपील की कि वे जनसेवा को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बनाएं और जनता के विश्वास पर खरा उतरें।



