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चारधाम यात्रियों को सुरक्षित रवाना कराने में परिवहन विभाग की सक्रियता 🚍,, अधूरे अभिलेख और पोर्टल समस्या के बावजूद विभाग ने किया त्वरित समन्वय,, जीएमओयू वाहनों से यात्रियों को सुरक्षित भेजा गया गंतव्य की ओर

इन्तजार रजा हरिद्वार- चारधाम यात्रियों को सुरक्षित रवाना कराने में परिवहन विभाग की सक्रियता 🚍,,

अधूरे अभिलेख और पोर्टल समस्या के बावजूद विभाग ने किया त्वरित समन्वय,,

जीएमओयू वाहनों से यात्रियों को सुरक्षित भेजा गया गंतव्य की ओर

हरिद्वार। चारधाम यात्रा को लेकर सोशल मीडिया और कुछ समाचार पत्रों में मध्य प्रदेश से आए वाहनों को रोके जाने संबंधी खबरें प्रसारित होने के बाद परिवहन विभाग ने पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट की है। विभाग के अनुसार यात्रियों की सुरक्षा और नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की गई थी तथा अंततः सभी यात्रियों को सुरक्षित रूप से उनके गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया।

जानकारी के अनुसार 06 मई 2026 को मध्य प्रदेश से चार वाहन चारधाम यात्रा के लिए पंजीकरण केंद्र पहुंचे थे। इनमें से एक वाहन का ग्रीन कार्ड नियमानुसार उसी दिन जारी कर दिया गया था। जबकि शेष तीन वाहनों में तकनीकी और दस्तावेजी समस्याएं सामने आईं।

परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि दो वाहनों के पास आवश्यक दस्तावेज पूर्ण नहीं थे। इनमें वैध परमिट और प्राधिकरण पत्र जैसे महत्वपूर्ण अभिलेख शामिल थे। नियमों के अनुसार दस्तावेज अधूरे होने पर ग्रीन कार्ड जारी करना संभव नहीं था। वहीं एक अन्य वाहन के ग्रीन कार्ड निर्माण के दौरान पोर्टल पर तकनीकी समस्या उत्पन्न हो गई थी, जिससे प्रक्रिया बाधित हो गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) ने तत्काल हस्तक्षेप किया और विशेष प्रयास करते हुए पोर्टल पर मैनुअल एंट्री कराई गई। इसके बाद संबंधित वाहन की शुल्क राशि जमा कराकर ग्रीन कार्ड निर्माण की प्रक्रिया पूरी कराई गई। विभाग की तत्परता के चलते तकनीकी समस्या का समाधान समय रहते कर लिया गया।

इधर, स्थिति की जानकारी मिलते ही सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) स्वयं मौके पर पहुंचे और यात्रियों से सीधा संवाद किया। अधिकारियों ने यात्रियों को समझाया कि सुरक्षा और नियमों के पालन के बिना यात्रा कराना उचित नहीं होगा। साथ ही यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए वैकल्पिक वाहनों की व्यवस्था कराने का प्रयास भी शुरू किया गया।

बताया गया कि 07 मई 2026 की सुबह तक कुछ यात्री उन्हीं वाहनों से यात्रा करने की मांग पर अड़े रहे। हालांकि बाद में विभागीय अधिकारियों की समझाइश, समन्वय और सुरक्षा संबंधी जानकारी देने के बाद यात्री सहमत हो गए। इसके बाद शेष दोनों वाहनों के यात्रियों को जीएमओयू के वाहनों से सुरक्षित रूप से उनके गंतव्य की ओर रवाना किया गया।

परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि चारधाम यात्रा जैसी संवेदनशील और विशाल यात्रा व्यवस्था में यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। बिना पूर्ण अभिलेखों के वाहनों को अनुमति देना नियमों के विरुद्ध होने के साथ-साथ यात्रियों की सुरक्षा के लिए भी खतरा बन सकता है। विभाग ने कहा कि भविष्य में भी नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाएगा ताकि यात्रा सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनी रहे।

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