अपराधअलर्टआपदाइन्वेस्टिगेशनउत्तराखंडएक्सक्लूसिव खबरेंऑपरेशन कालनेमिगिरफ्तारीजनसुनवाईनिरीक्षणनिलंबितन्यायालयपॉलिटिकल तड़काप्रतिबंधितप्रदर्शनप्रशासन

न्यायालय के आदेश पर बड़ी कार्रवाई: फरार अभियुक्त के खिलाफ उद्घोषणा चस्पा,, कोतवाली रानीपुर पुलिस ने फरारी के घर पर चस्पा किया कोर्ट का आदेश पत्र,, चौकी प्रभारी अर्जुन कुमार सहित पीसी-3 टीम की मौजूदगी में हुई कार्रवाई

इन्तजार रजा हरिद्वार- न्यायालय के आदेश पर बड़ी कार्रवाई: फरार अभियुक्त के खिलाफ उद्घोषणा चस्पा,,
कोतवाली रानीपुर पुलिस ने फरारी के घर पर चस्पा किया कोर्ट का आदेश पत्र,,
चौकी प्रभारी अर्जुन कुमार सहित पीसी-3 टीम की मौजूदगी में हुई कार्रवाई

हरिद्वार जनपद में न्यायालय के आदेश के अनुपालन में कोतवाली रानीपुर पुलिस ने फरार चल रहे अभियुक्त विकास ज्याला के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए कोर्ट का उद्घोषणा आदेश पत्र विधिवत रूप से चस्पा किया। यह कार्रवाई भारतीय दंड संहिता (बीएनएस) की धारा 137 के अंतर्गत दर्ज मामले में की गई, जिसमें अभियुक्त लगातार गिरफ्तारी से बचता आ रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, न्यायालय द्वारा जारी गिरफ्तारी वारंट की तामील न होने और अभियुक्त के फरार पाए जाने के बाद न्यायालय ने उद्घोषणा आदेश जारी किया था। इसी क्रम में कोतवाली रानीपुर पुलिस को आदेश की तामील कराते हुए अभियुक्त के निवास स्थान और सार्वजनिक स्थानों पर उद्घोषणा चस्पा करने के निर्देश दिए गए थे। न्यायालय के इन स्पष्ट निर्देशों के बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई को अंजाम दिया।
कार्रवाई के दौरान सुमन नगर चौकी प्रभारी अर्जुन कुमार, कांस्टेबल महेंद्र सिंह तोमर, अरुण कैंतुरा सहित पीसी-3 के अन्य पुलिस कर्मचारी मौके पर मौजूद रहे। पुलिस टीम ने नियमानुसार अभियुक्त के संभावित निवास स्थल और आसपास के प्रमुख स्थानों पर कोर्ट का आदेश पत्र चस्पा किया, ताकि अभियुक्त को न्यायालय के आदेश की जानकारी मिल सके और वह तय तिथि पर न्यायालय में उपस्थित हो।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अभियुक्त विकास उर्फ काला के खिलाफ पहले भी कई बार तामील की कोशिश की गई, लेकिन हर बार वह पुलिस की पकड़ से बाहर रहा। जांच और स्थानीय स्तर पर मिली सूचनाओं के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि अभियुक्त जानबूझकर गिरफ्तारी से बचने के लिए अपने ठिकाने बदल रहा है। ऐसे में न्यायालय द्वारा उद्घोषणा जारी करना आवश्यक हो गया था।

न्यायालय के आदेश में साफ कहा गया है कि अभियुक्त को निर्धारित तिथि को न्यायालय में उपस्थित होकर अपने विरुद्ध दर्ज परिवाद का उत्तर देना होगा। यदि वह नियत समय पर उपस्थित नहीं होता है, तो उसके खिलाफ आगे की वैधानिक प्रक्रिया, जिसमें कुर्की की कार्रवाई भी शामिल हो सकती है, अमल में लाई जाएगी। इसे कानून की भाषा में अभियुक्त के लिए अंतिम चेतावनी माना जा रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, पुलिस द्वारा खुले तौर पर उद्घोषणा चस्पा किए जाने से इलाके में हलचल मच गई है। आम जनता के बीच यह संदेश गया है कि कानून से भागने वालों के खिलाफ अब प्रशासन और पुलिस सख्त रुख अपनाए हुए है। वहीं पुलिस का कहना है कि उद्घोषणा के बाद अभियुक्त की तलाश और तेज की जाएगी तथा उसके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जाएगी।
कुल मिलाकर, यह कार्रवाई न्यायालय, पुलिस और प्रशासन की संयुक्त सख्ती को दर्शाती है। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि अभियुक्त विकास ज्याला तय तिथि पर न्यायालय में पेश होता है या फिर उसके खिलाफ कानून और अधिक कठोर कदम उठाता है।

Related Articles

Back to top button