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मुख्यमंत्री धामी का बड़ा कदम: एकल महिलाओं के आत्मनिर्भर भविष्य की शुरुआत,, ₹3.45 करोड़ डीबीटी के जरिए 484 महिलाओं के खातों में, स्वरोजगार को मिली नई रफ्तार,, संघर्ष, साहस और आत्मविश्वास की प्रतीक महिलाओं को सरकार का संबल

इन्तजार रजा हरिद्वार- मुख्यमंत्री धामी का बड़ा कदम: एकल महिलाओं के आत्मनिर्भर भविष्य की शुरुआत,,

₹3.45 करोड़ डीबीटी के जरिए 484 महिलाओं के खातों में, स्वरोजगार को मिली नई रफ्तार,,

संघर्ष, साहस और आत्मविश्वास की प्रतीक महिलाओं को सरकार का संबल

देहरादून।
उत्तराखंड की एकल महिलाओं को आर्थिक संबल और सम्मानजनक जीवन की दिशा में आगे बढ़ाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना का भव्य शुभारंभ किया। मुख्य सेवक सदन, मुख्यमंत्री आवास देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग की इस महत्वाकांक्षी योजना की शुरुआत करते हुए पहले चरण में 484 लाभार्थियों को ₹3 करोड़ 45 लाख 34 हजार 500 रुपये की धनराशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से उनके खातों में भेजी।

यह योजना उन महिलाओं के लिए उम्मीद की नई किरण बनकर सामने आई है, जो जीवन की कठिन परिस्थितियों में अकेले अपने परिवार और भविष्य की जिम्मेदारी संभाल रही हैं।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभागीय कैलेंडर का भी विमोचन किया। उन्होंने कहा कि यह योजना केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार है।

मुख्यमंत्री धामी ने जानकारी दी कि प्रथम चरण में जनपद बागेश्वर (42 लाभार्थी), देहरादून (191), नैनीताल (75), पौड़ी (66), टिहरी (23) और उधम सिंह नगर (87) की कुल 484 महिलाओं को पहली किश्त प्रदान की गई है। वहीं शेष सात जनपदों की 540 महिलाओं को लगभग ₹4 करोड़ की धनराशि माह के अंत तक डीबीटी के माध्यम से उनके खातों में भेजी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना में विधवा, परित्यक्ता, तलाकशुदा, किसी भी कारण से अकेले जीवन यापन कर रही महिलाएं, एसिड अटैक पीड़िताएं, आपराधिक घटनाओं की शिकार महिलाएं और ट्रांसजेंडर को भी शामिल किया गया है। यह सरकार की संवेदनशील सोच को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में कहा कि महिलाओं के बिना किसी भी समाज और राष्ट्र की उन्नति संभव नहीं है। जब महिला सशक्त होती है, तो परिवार और समाज स्वतः सशक्त होता है। उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से राज्य की नारी शक्ति अब केवल स्वयं का जीवन ही नहीं संवारेंगी, बल्कि नेतृत्व की भूमिका निभाते हुए दूसरों के लिए भी प्रेरणा बनेंगी।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए लिए गए ऐतिहासिक फैसलों का उल्लेख करते हुए कहा कि 33 प्रतिशत महिला आरक्षण, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, उज्ज्वला योजना, लखपति दीदी योजना और ट्रिपल तलाक जैसी कुप्रथा का अंत जैसे कदम मातृशक्ति को सशक्त करने की दिशा में मील का पत्थर हैं।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार भी मातृशक्ति के कल्याण के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्यमिता और सरकारी नौकरियों में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। राज्य में उत्तराखंड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, सशक्त बहना उत्सव योजना और मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना के माध्यम से महिलाओं को नए अवसर दिए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में राज्य की लगभग 5 लाख महिलाएं, 70 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से स्वरोजगार से जुड़ी हैं। 7 हजार से अधिक ग्राम्य संगठन और 500 से ज्यादा क्लस्टर संगठन महिला नेतृत्व की सशक्त मिसाल बन चुके हैं। साथ ही प्रदेश की 1 लाख 68 हजार से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बनकर नया इतिहास रच चुकी हैं।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार ने उत्पादों की प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और विपणन के लिए मजबूत इकोसिस्टम तैयार किया है। सरकारी सेवाओं में महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है और महिलाओं की सुरक्षा एवं अधिकारों की रक्षा के लिए समान नागरिक संहिता को लागू कर ऐतिहासिक कदम उठाया गया है।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। यह योजना एकल महिलाओं की जिंदगी और तस्वीर दोनों बदलने का काम करेगी।

वहीं सचिव चंद्रेश यादव ने योजना की जानकारी देते हुए बताया कि इसके तहत अधिकतम ₹2 लाख तक की परियोजनाएं स्वीकृत की जा रही हैं, जिसमें 75 प्रतिशत या अधिकतम ₹1.50 लाख तक की सब्सिडी सरकार द्वारा दी जाएगी। लाभार्थी को केवल 25 प्रतिशत अंशदान करना होगा।

इस अवसर पर डायरेक्टर बी.एल. राणा, विक्रम, आरती, मोहित चौधरी सहित अनेक अधिकारी और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना निश्चित रूप से उत्तराखंड की एकल महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता की मजबूत नींव साबित होगी।

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