उत्तराखंडएक्सक्लूसिव खबरें

खैर के अवैध कटान पर वन विभाग का बड़ा प्रहार, दो लकड़ी तस्कर दबोचे,, धनौरी बीट में खैर के पेड़ों की कटाई मामले में पुलिस-वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई, फरार आरोपियों की तलाश जारी,, DFO के निर्देश पर गठित विशेष टीम की बड़ी सफलता, आमजन से अवैध गतिविधियों की सूचना देने की अपील,,

खैर के अवैध कटान पर वन विभाग का बड़ा प्रहार, दो लकड़ी तस्कर दबोचे,,

धनौरी बीट में खैर के पेड़ों की कटाई मामले में पुलिस-वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई, फरार आरोपियों की तलाश जारी,,

DFO के निर्देश पर गठित विशेष टीम की बड़ी सफलता, आमजन से अवैध गतिविधियों की सूचना देने की अपील,,

रूड़की। हरिद्वार वन प्रभाग ने खैर के बहुमूल्य पेड़ों के अवैध कटान के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो लकड़ी तस्करों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। यह कार्रवाई रूड़की रेंज की धनौरी बीट में 14 जुलाई 2026 को सामने आए अवैध कटान के मामले में की गई। वन विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रभागीय वनाधिकारी (DFO) हरिद्वार और उप प्रभागीय वनाधिकारी, रूड़की के निर्देशन में विशेष टीम गठित की, जिसने पुलिस के सहयोग से ताबड़तोड़ दबिश देकर दो आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।

वन विभाग के अनुसार धनौरी बीट के आरक्षित वन क्षेत्र में खैर के पेड़ों के अवैध कटान की सूचना मिलते ही विभाग हरकत में आ गया। मामले की जांच शुरू करते हुए एक विशेष अभियान चलाया गया। मुखबिरों से मिली सटीक सूचना और तकनीकी जांच के आधार पर विभिन्न संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई। इस दौरान पुलिस और वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई में दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राशिद उर्फ भूरा पुत्र मासूम, निवासी बुढ़्ठाहेड़ी, थाना पथरी, जनपद हरिद्वार तथा गुलशेर पुत्र सकूर, निवासी जंता रोड चकहराती, थाना जनकपुरी, जनपद सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। दोनों के खिलाफ भारतीय वन अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जिला कारागार भेज दिया गया।

वन अधिकारियों ने बताया कि मामले में अभी कई अन्य आरोपी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित स्थानों पर दबिश दी जा रही है। विभाग का कहना है कि पूरे गिरोह का पर्दाफाश होने तक अभियान जारी रहेगा और अवैध कटान में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

खैर का पेड़ पर्यावरण और वन संपदा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इसकी लकड़ी की बाजार में अच्छी कीमत होने के कारण तस्कर अक्सर आरक्षित वन क्षेत्रों में अवैध कटान की घटनाओं को अंजाम देते हैं। ऐसे मामलों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए हरिद्वार वन प्रभाग लगातार निगरानी और विशेष अभियान चला रहा है।

इस सफल अभियान का नेतृत्व वन क्षेत्राधिकारी रूड़की रेंज शैलेन्द्र सिंह नेगी ने किया। अभियान में वन दरोगा इन्द्र सिंह, सोनिया शर्मा और गुरमीत सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इसके अलावा वन आरक्षी अनुज कुमार, इकरार अली, योगेश कुमार और उमेश कुमार, वाहन चालक नितेश कुमार एवं हरीश नेगी तथा उपनलकर्मी प्रदीप कुमार सहित अन्य वन कर्मचारियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। टीम की त्वरित कार्रवाई और समन्वय के चलते आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता मिली।

प्रभागीय वनाधिकारी ने स्पष्ट किया कि वन संपदा की सुरक्षा विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अवैध कटान, वन्यजीवों का शिकार और अवैध खनन जैसी गतिविधियों के खिलाफ आगे भी सख्त अभियान जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि वन माफिया के खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

वन विभाग ने आम नागरिकों से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि यदि किसी आरक्षित या संरक्षित वन क्षेत्र में अवैध कटान, अवैध आखेट, वन भूमि पर अतिक्रमण, पातन अथवा अवैध खनन जैसी गतिविधियों की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तत्काल वन विभाग या निकटतम वन चौकी को दें। विभाग का कहना है कि भारतीय वन अधिनियम, 1927 तथा भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत ऐसी गतिविधियां गंभीर और दंडनीय अपराध हैं, जिनमें दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।

वन विभाग का मानना है कि प्राकृतिक संसाधनों और जैव विविधता की रक्षा केवल सरकारी एजेंसियों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की भी साझा जिम्मेदारी है। जनसहभागिता और सतर्कता से ही वन संपदा को सुरक्षित रखा जा सकता है। विभाग ने भरोसा दिलाया कि भविष्य में भी वन अपराधों के खिलाफ इसी तरह सघन अभियान चलाकर दोषियों पर शिकंजा कसा जाएगा।

खैर के अवैध कटान के इस मामले में दो तस्करों की गिरफ्तारी को वन विभाग की बड़ी सफलता माना जा रहा है। वहीं फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही पूरे गिरोह का खुलासा कर सभी आरोपियों को कानून के दायरे में लाया जाएगा।

Related Articles

Back to top button