धर्मनगरी हरिद्वार में बड़ा फैसला,, नगर निगम क्षेत्र में कच्चे-पके मांस और अंडों की बिक्री पर लगेगा प्रतिबंध,, मार्च 2026 की बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पेश, सराय मीट मार्केट में ही मिलेगी सीमित अनुमति

इन्तजार रजा हरिद्वार- धर्मनगरी हरिद्वार में बड़ा फैसला,,
नगर निगम क्षेत्र में कच्चे-पके मांस और अंडों की बिक्री पर लगेगा प्रतिबंध,,
मार्च 2026 की बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पेश, सराय मीट मार्केट में ही मिलेगी सीमित अनुमति
हरिद्वार। धर्मनगरी में मांस और अंडा बिक्री को लेकर नगर निगम ने बड़ा और ऐतिहासिक निर्णय लेने की तैयारी कर ली है। नगर निगम की महापौर श्रीमती की अध्यक्षता में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में तय किया गया कि निगम की उपविधियों (Bylaws) में संशोधन कर पूरे नगर निगम क्षेत्र में कच्चे एवं पके मांस की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाएगा।
बैठक में स्पष्ट किया गया कि यह निर्णय धार्मिक और सांस्कृतिक भावनाओं के अनुरूप नगर की पवित्रता बनाए रखने के उद्देश्य से लिया जा रहा है। प्रस्तावित संशोधन के तहत होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों में मांस से बने खाद्य पदार्थों की बिक्री पूरी तरह बंद कर दी जाएगी।
ज्वालापुर सहित पूरे नगर क्षेत्र में समान नियम
अब तक निगम की उपविधियों में ज्वालापुर क्षेत्र को छोड़कर अन्य नगर क्षेत्रों में मांस बिक्री पर प्रतिबंध का प्रावधान था। लेकिन नए प्रस्ताव के तहत यह छूट भी समाप्त कर दी जाएगी और पूरे नगर निगम क्षेत्र में एक समान नियम लागू किया जाएगा। इससे पहले अलग-अलग क्षेत्रों में अलग प्रावधान होने के कारण भ्रम की स्थिति बनी रहती थी।
नगर निगम प्रशासन का कहना है कि संशोधन के बाद नियम स्पष्ट और सख्त होंगे, जिससे क्रियान्वयन में आसानी होगी और उल्लंघन की स्थिति में कार्रवाई भी सुनिश्चित की जा सकेगी।
सराय क्षेत्र के मीट मार्केट में ही मिलेगी अनुमति
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि नगर निगम द्वारा सराय क्षेत्र में निर्मित अधिकृत मीट मार्केट में ही मांस बिक्री की अनुमति दी जाएगी। यहां दुकानों का विधिवत आवंटन और नीलामी प्रक्रिया के माध्यम से चयन किया जाएगा। केवल अधिकृत दुकानदारों को ही निर्धारित स्थान पर मांस विक्रय की अनुमति दी जाएगी।
इस कदम का उद्देश्य अवैध और अनियंत्रित मांस बिक्री पर रोक लगाना तथा स्वच्छता मानकों का पालन सुनिश्चित करना बताया गया है।
अंडा बिक्री पर भी लगेगा प्रतिबंध
अब तक निगम की उपविधियों में अंडों की बिक्री के संबंध में कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं था। इस बार प्रस्तावित संशोधन में अंडों की बिक्री को भी प्रतिबंधित करने का प्रावधान जोड़ा जाएगा। यानी नगर निगम क्षेत्र में अंडा विक्रय भी नियमों के दायरे में आएगा और प्रतिबंध लागू होगा।
मार्च 2026 में होगा अंतिम फैसला
यह प्रस्ताव आगामी मार्च 2026 में आयोजित होने वाली नगर निगम बोर्ड बैठक में अनुमोदन के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। बोर्ड से पारित होने के बाद विधिक प्रक्रिया के तहत आम जनता से आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित किए जाएंगे। निर्धारित समयावधि में प्राप्त आपत्तियों की सुनवाई के बाद अंतिम रूप से उपविधियां लागू की जाएंगी।
बैठक में उप नगर आयुक्त श्री दीपक गोस्वामी, मुख्य सफाई निरीक्षक श्री संजय शर्मा, नगर निगम के अन्य अधिकारी-कर्मचारी तथा भैरव सेना के सदस्य भी उपस्थित रहे।
नगर निगम के इस प्रस्तावित निर्णय को लेकर शहर में चर्चा तेज हो गई है। एक ओर इसे धर्मनगरी की परंपरा और आस्था के अनुरूप कदम बताया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर व्यापारिक और सामाजिक प्रभावों को लेकर भी बहस शुरू हो गई है। अब सभी की निगाहें मार्च 2026 की बोर्ड बैठक पर टिकी हैं, जहां इस महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर अंतिम मुहर लगेगी।



