हरिद्वार में ग्रामीण विकास को नई रफ्तार देने में जुटी रीप परियोजना! सीडीओ डॉ ललित नारायण मिश्र ने की प्रगति की समीक्षा “महिलाओं की आय बढ़े, गांव आत्मनिर्भर बनें” — जुलाई तक लक्ष्यों की शत-प्रतिशत उपलब्धि पर दिया जोर “आजीविका, उद्यमिता और आत्मनिर्भरता का मजबूत मॉडल बन रहा रीप” — स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण उद्यमियों को मिल रहा नया संबल

हरिद्वार में ग्रामीण विकास को नई रफ्तार देने में जुटी रीप परियोजना! सीडीओ डॉ ललित नारायण मिश्र ने की प्रगति की समीक्षा
“महिलाओं की आय बढ़े, गांव आत्मनिर्भर बनें” — जुलाई तक लक्ष्यों की शत-प्रतिशत उपलब्धि पर दिया जोर
“आजीविका, उद्यमिता और आत्मनिर्भरता का मजबूत मॉडल बन रहा रीप” — स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण उद्यमियों को मिल रहा नया संबल
इन्तजार रजा, हरिद्वार… हरिद्वार जनपद में ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित ग्रामोत्थान परियोजना (REAP) लगातार सकारात्मक परिणाम दे रही है। इसी क्रम में विकास भवन हरिद्वार में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) ललित नारायण मिश्र की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें परियोजना की प्रगति और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में अपर परियोजना निदेशक (एपीडी) श्रीमती नलनीत घिल्डियाल, जिला परियोजना प्रबंधक संजय सक्सेना सहित परियोजना से जुड़े अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। समीक्षा के दौरान वर्ष 2023 से वर्तमान तक रीप परियोजना के अंतर्गत किए गए कार्यों, उपलब्धियों और ग्रामीण क्षेत्रों में पड़ रहे सकारात्मक प्रभावों का प्रस्तुतीकरण किया गया।
जिला परियोजना प्रबंधक ने बताया कि रीप परियोजना के माध्यम से महिला स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने, ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने और कमजोर वर्ग के परिवारों को आजीविका के स्थायी अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। परियोजना के अंतर्गत संचालित गतिविधियों के परिणामस्वरूप अनेक ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि हुई है तथा स्वरोजगार के नए अवसर विकसित हुए हैं।
बैठक में विशेष रूप से अल्ट्रा पुअर परिवारों को उपलब्ध कराए जा रहे आजीविका पैकेज, सामुदायिक एवं व्यक्तिगत उद्यमों की स्थापना, शेयर पूंजी संग्रहण, सीड रिवॉल्विंग फंड, कलेक्शन सेंटरों के विकास तथा नवाचार आधारित उद्यमों की प्रगति पर चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि इन पहलों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को नई मजबूती मिल रही है।
मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्र ने कहा कि रीप परियोजना केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने अधिकारियों और परियोजना टीम को निर्देशित किया कि सभी निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा किया जाए तथा लाभार्थियों तक योजनाओं का अधिकतम लाभ पहुंचाया जाए।
उन्होंने विशेष रूप से जुलाई माह तक सभी स्वीकृत लक्ष्यों की शत-प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित करने पर जोर देते हुए कहा कि योजनाओं की सफलता तभी मानी जाएगी जब उसका लाभ सीधे गांवों और जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचे। सीडीओ ने परियोजना से जुड़े सभी अधिकारियों को समन्वय के साथ कार्य करने और प्रत्येक गतिविधि की नियमित निगरानी करने के निर्देश भी दिए।
बैठक के दौरान ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ाने, स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने, सामुदायिक संस्थाओं को और अधिक मजबूत बनाने तथा रोजगार के नए अवसर सृजित करने के लिए प्रभावी रणनीति पर भी विचार-विमर्श किया गया। अधिकारियों ने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूहों को उद्यमिता से जोड़ने के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक आत्मनिर्भरता का वातावरण तैयार हो रहा है।
रीप परियोजना के माध्यम से हरिद्वार में स्वयं सहायता समूहों, सामुदायिक संगठनों और ग्रामीण उद्यमियों को सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। प्रशासन को उम्मीद है कि आने वाले समय में यह परियोजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को और अधिक मजबूत करते हुए रोजगार, आय वृद्धि और महिला सशक्तिकरण का प्रभावी मॉडल साबित होगी। ग्रामीण विकास की इस पहल से न केवल गांवों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल रहा है, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को भी जमीनी स्तर पर मजबूती मिल रही है।




