पथरी में क्रॉस एफआईआर पर बवाल! एसएसपी कार्यालय पहुंचा सुराज सेवा दल,, “निर्दोषों को फंसाने की साजिश बर्दाश्त नहीं” — रमेश जोशी ने की उच्चस्तरीय जांच की मांग, SIT गठन की उठाई आवाज “विवेचना का मकसद सिर्फ सच सामने लाना है” — एसपी ग्रामीण शेखर सुयाल बोले, दोषी बचेगा नहीं, निर्दोष फंसेगा नहीं,, मेडिकल रिपोर्ट और साक्ष्यों के आधार पर दर्ज हुआ मुकदमा, विवेचना में सामने आएगा सच” — एसपी ग्रामीण शेखर सुयाल ने दिया निष्पक्ष जांच का भरोसा

पथरी में क्रॉस एफआईआर पर बवाल! एसएसपी कार्यालय पहुंचा सुराज सेवा दल,,
“निर्दोषों को फंसाने की साजिश बर्दाश्त नहीं” — रमेश जोशी ने की उच्चस्तरीय जांच की मांग, SIT गठन की उठाई आवाज
“विवेचना का मकसद सिर्फ सच सामने लाना है” — एसपी ग्रामीण शेखर सुयाल बोले, दोषी बचेगा नहीं, निर्दोष फंसेगा नहीं,,
मेडिकल रिपोर्ट और साक्ष्यों के आधार पर दर्ज हुआ मुकदमा, विवेचना में सामने आएगा सच” — एसपी ग्रामीण शेखर सुयाल ने दिया निष्पक्ष जांच का भरोसा
इन्तजार रजा, हरिद्वार.. पथरी थाना क्षेत्र में दर्ज एक विवादित क्रॉस एफआईआर को लेकर सोमवार को हरिद्वार पुलिस प्रशासन के सामने बड़ा सवाल खड़ा हो गया। सुराज सेवा दल के प्रदेश अध्यक्ष रमेश जोशी अपने समर्थकों के साथ एसएसपी कार्यालय पहुंचे और सांकेतिक विरोध दर्ज कराते हुए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की। संगठन ने आरोप लगाया कि जनपद में क्रॉस एफआईआर का चलन लगातार बढ़ रहा है और कुछ कथित दलालों तथा प्रभावशाली लोगों की सांठगांठ से निर्दोष लोगों को मुकदमों में फंसाया जा रहा है।
एसएसपी कार्यालय पहुंचे रमेश जोशी ने कहा कि हरिद्वार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर की ईमानदार और निष्पक्ष कार्यशैली पर उन्हें पूरा भरोसा है, लेकिन कुछ शिकायतें और तथ्य ऐसे हैं जो शायद सही रूप में शीर्ष अधिकारियों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने पुलिस तंत्र के आसपास ऐसा नेटवर्क खड़ा कर लिया है जो प्रभाव और पैसे के दम पर मुकदमों को प्रभावित करने की कोशिश करता है।
रमेश जोशी ने कहा कि पथरी थाने में दर्ज क्रॉस एफआईआर की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उनका दावा है कि उपलब्ध वीडियो और अन्य साक्ष्य एक पक्ष की भूमिका स्पष्ट करते हैं, इसके बावजूद दूसरे पक्ष के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ नाम ऐसे लोगों के शामिल किए गए हैं जो घटना स्थल पर मौजूद ही नहीं थे। ऐसे मामलों से आम जनता का भरोसा प्रभावित होता है।
सुराज सेवा दल ने एसएसपी को सौंपे ज्ञापन में पुलिस मुख्यालय के आदेशों के बावजूद कुछ थानों में SHO प्रभार व्यवस्था लागू न होने का मुद्दा भी उठाया। संगठन का कहना है कि शासन और पुलिस मुख्यालय के निर्देशों का समान रूप से पालन होना चाहिए ताकि प्रशासनिक पारदर्शिता बनी रहे। धरने के दौरान रमेश जोशी ने पुलिस-दलाल गठजोड़ की SIT जांच कराने, संदिग्ध आर्थिक लेनदेन और कथित प्रभावशाली नेटवर्क की पड़ताल कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले समय में बड़ा जनआंदोलन खड़ा किया जाएगा।
वहीं पूरे मामले पर एसपी ग्रामीण हरिद्वार शेखर सुयाल ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि दो पक्षों के बीच हुए विवाद में पहले एक मुकदमा दर्ज हुआ था। बाद में दूसरे पक्ष की ओर से मेडिकल रिपोर्ट, चोटों के निशान और अन्य साक्ष्य प्रस्तुत किए गए, जिसके आधार पर दूसरा मुकदमा दर्ज किया गया। उन्होंने कहा कि पुलिस की विवेचना किसी पक्ष को लाभ या नुकसान पहुंचाने के लिए नहीं होती, बल्कि सच्चाई सामने लाने के लिए होती है। यदि जांच में किसी नामजद व्यक्ति की संलिप्तता नहीं मिलती तो उसका नाम हटाया जाएगा और यदि अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है तो उन्हें भी शामिल किया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पूरी जांच निष्पक्ष, पारदर्शी और तथ्यों के आधार पर की जाएगी।
पथरी की क्रॉस एफआईआर को लेकर उठे इस विवाद ने अब राजनीतिक और सामाजिक रंग लेना शुरू कर दिया है। एक तरफ सुराज सेवा दल पुलिस-दलाल नेक्सस और झूठे मुकदमों का मुद्दा उठा रहा है, तो दूसरी ओर पुलिस निष्पक्ष विवेचना के जरिए सच सामने लाने की बात कह रही है। ऐसे में अब सबकी निगाहें जांच के अंतिम निष्कर्ष और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।



