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मेडिकल स्टोर की आड़ में नशे का कारोबार बेनकाब,, ड्रग्स विभाग और गंगनहर पुलिस की संयुक्त छापेमारी में बड़ा खुलासा,, कोडीन, ट्रामाडोल और अल्प्राजोलाम बरामद, संचालक गिरफ्तार

इन्तजार रजा हरिद्वार- मेडिकल स्टोर की आड़ में नशे का कारोबार बेनकाब,,

ड्रग्स विभाग और गंगनहर पुलिस की संयुक्त छापेमारी में बड़ा खुलासा,,

कोडीन, ट्रामाडोल और अल्प्राजोलाम बरामद, संचालक गिरफ्तार

रुड़की। नशे के खिलाफ चल रहे अभियान के बीच कोतवाली गंगनहर क्षेत्र में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। मेडिकल स्टोर की आड़ में प्रतिबंधित नशीली दवाओं का खेल खेला जा रहा था। ड्रग विभाग और गंगनहर पुलिस की संयुक्त टीम ने चाउमंडी स्थित “पल्स मेडिकल स्टोर” पर छापा मारकर भारी मात्रा में कोडीन युक्त सिरप, ट्रामाडोल और अल्प्राजोलाम बरामद कर पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया।

ड्रग्स निरीक्षक हरीश सिंह और वरिष्ठ औषधि निरीक्षक अनीता भारती को गुप्त सूचना मिली थी कि मेडिकल लाइसेंस की आड़ में प्रतिबंधित दवाओं का अवैध भंडारण और बिक्री की जा रही है। सूचना मिलते ही कोतवाली गंगनहर पुलिस को साथ लेकर संयुक्त टीम ने नियर भगवती अस्पताल, चाउमंडी स्थित मेडिकल स्टोर पर औचक छापेमारी की।

ऊपरी मंजिल बना रखा था ‘गुप्त गोदाम’

जांच के दौरान बड़ा खुलासा तब हुआ जब पाया गया कि स्टोर के लाइसेंस में केवल भूतल का नक्शा दर्ज है, जबकि मौके पर प्रथम और द्वितीय तल पर भी लोहे की सीढ़ियों के माध्यम से दवाओं का स्टॉक रखा गया था। तलाशी के दौरान गत्ते के डिब्बों में डायपर के नीचे छिपाकर नशीली दवाएं रखी मिलीं। यह स्पष्ट संकेत था कि कारोबार सुनियोजित तरीके से चलाया जा रहा था।

बरामद हुई ये प्रतिबंधित दवाएं

छापेमारी के दौरान टीम ने निम्नलिखित दवाएं बरामद कीं –

  • कोडीन फॉस्फेट युक्त सिरप – 2660 मिलीलीटर
  • ट्रामाडोल एचसीएल टैबलेट्स – लगभग 142.73 ग्राम
  • ट्रामाडोल इंजेक्शन – 16 मिलीलीटर
  • अल्प्राजोलाम टैबलेट्स – लगभग 11.21 ग्राम

मौके पर दवाओं के क्रय-विक्रय से संबंधित कोई बिल, शेड्यूल H1 रजिस्टर या पंजीकृत चिकित्सक का प्रिस्क्रिप्शन प्रस्तुत नहीं किया जा सका। यह सीधे तौर पर नियमों की अवहेलना और अवैध कारोबार की पुष्टि करता है।

लालच ने पहुंचाया सलाखों के पीछे

मौके पर मौजूद शुभम कुमार सैनी (27 वर्ष), निवासी ग्राम हद्दीवाला, थाना कलियर ने स्वयं को स्टोर का संचालक बताया। पूछताछ में उसने कबूल किया कि अधिक मुनाफे के लालच में वह प्रतिबंधित दवाएं खरीदकर बेच रहा था। पुलिस ने उसे धारा 8/22 एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार कर लिया।

बरामद दवाओं को विधिवत सील कर कब्जे में लिया गया और पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी की गई। पुलिस के अनुसार इस नेटवर्क से जुड़े सप्लायर और अन्य व्यक्तियों की भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है। क्षेत्र में इस कार्रवाई को नशीली दवाओं के अवैध कारोबार पर बड़ी चोट माना जा रहा है। प्रशासन ने साफ संकेत दिया है कि मेडिकल स्टोर की आड़ में नशे का कारोबार करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

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