उत्तराखंड जल संस्थान के नाम पर चल रहा था खेल! खुले नाले में अपशिष्ट जल बहाने वाले ट्रैक्टर पर पुलिस का शिकंजा “जल संस्थान का नाम लिखकर कर रहा था अवैध काम” — कोतवाली नगर पुलिस ने ट्रैक्टर और चालक को दबोचा, खुलासे से मचा हड़कंप “मृत स्वामी के ट्रैक्टर का इस्तेमाल कर खुले नालों में बहाया जा रहा था गंदा पानी” — पुलिस जांच में सामने आई चौंकाने वाली कहानी, वैधानिक कार्रवाई जारी

उत्तराखंड जल संस्थान के नाम पर चल रहा था खेल! खुले नाले में अपशिष्ट जल बहाने वाले ट्रैक्टर पर पुलिस का शिकंजा
“जल संस्थान का नाम लिखकर कर रहा था अवैध काम” — कोतवाली नगर पुलिस ने ट्रैक्टर और चालक को दबोचा, खुलासे से मचा हड़कंप
“मृत स्वामी के ट्रैक्टर का इस्तेमाल कर खुले नालों में बहाया जा रहा था गंदा पानी” — पुलिस जांच में सामने आई चौंकाने वाली कहानी, वैधानिक कार्रवाई जारी
इन्तजार रजा हरिद्वार।.. हरिद्वार में उत्तराखंड जल संस्थान के नाम का दुरुपयोग कर खुले नालों में अपशिष्ट जल प्रवाहित करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मामले का खुलासा होने के बाद कोतवाली नगर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित ट्रैक्टर और उसके चालक को हिरासत में ले लिया। जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, उन्होंने प्रशासनिक और पर्यावरणीय व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार 30 मई 2026 को उत्तराखंड जल संस्थान कार्यालय, जोन-प्रथम भूपतवाला के अपर सहायक अभियंता द्वारा कोतवाली नगर में एक लिखित तहरीर दी गई थी। तहरीर में बताया गया कि एक अज्ञात व्यक्ति ट्रैक्टर पर “उत्तराखंड जल संस्थान” का नाम अंकित कर अपशिष्ट जल का परिवहन कर रहा है और उसे खुले नालों में प्रवाहित कर रहा है। इससे आमजन में यह संदेश जा रहा था कि यह कार्य विभाग की ओर से कराया जा रहा है।
तहरीर के आधार पर कोतवाली नगर पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज करते हुए मु0अ0सं0 276/2026 के तहत धारा 279 एवं 319(2) बीएनएस में अभियोग पंजीकृत किया। मामला सामने आते ही वरिष्ठ अधिकारियों ने इसकी गंभीरता को देखते हुए शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए।
चौकी प्रभारी सप्तऋषि उपनिरीक्षक विक्रम सिंह बिष्ट के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सुरागरसी और पतारसी शुरू की। लगातार की गई जांच और तकनीकी सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने संबंधित ट्रैक्टर और उसके चालक की पहचान कर उसे पकड़ लिया।
पूछताछ में चालक ने अपना नाम लाल सिंह पुत्र रोशन लाल निवासी ग्राम ब्रह्मपुर, थाना कोतवाली रुड़की बताया। उसने खुलासा किया कि ट्रैक्टर का स्वामी उसका भांजा सोनू पुत्र रमेश कुमार था, जिसकी मृत्यु हो चुकी है। ट्रैक्टर पूर्व में शिवालिक नगर स्थित उत्तराखंड जल संस्थान में कार्य करता था, इसलिए उस पर विभाग का नाम अंकित कराया गया था। चालक ने पुलिस को बताया कि ट्रैक्टर स्वामी की मृत्यु के बाद भी वाहन से विभाग का नाम नहीं हटाया गया। इसी नाम का लाभ उठाकर वह विभिन्न स्थानों से ठेके पर अपशिष्ट जल का परिवहन करता था और उसे खुले नालों में बहा देता था। इससे लोगों को यह भ्रम होता था कि यह कार्य किसी सरकारी एजेंसी द्वारा कराया जा रहा है।
पुलिस जांच में सामने आया कि सरकारी विभाग का नाम इस्तेमाल कर अवैध गतिविधि को अंजाम दिया जा रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने संबंधित ट्रैक्टर को कब्जे में लेकर मुकदमे में दाखिल कर दिया है तथा वाहन को चौकी परिसर में सुरक्षित खड़ा कराया गया है।
कोतवाली नगर पुलिस का कहना है कि मामले में आवश्यक वैधानिक कार्रवाई जारी है और जांच के दौरान सामने आने वाले अन्य तथ्यों को भी शामिल किया जाएगा। वहीं पर्यावरणीय दृष्टि से भी यह मामला महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि खुले नालों में अपशिष्ट जल प्रवाहित करने से प्रदूषण और जनस्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
पुलिस टीम में उपनिरीक्षक विक्रम सिंह बिष्ट एवं चेतक पुलिस कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।



