हरिद्वार में गूंजा केंद्रीय गृहमंत्री का संदेश,, ‘जन जन की सरकार, 4 साल बेमिसाल’ कार्यक्रम में अमित शाह का बड़ा बयान,, केदारनाथ से कन्याकुमारी तक घुसपैठियों को बाहर करने का संकल्प, धामी सरकार की सराहना

इन्तजार रजा हरिद्वार- हरिद्वार में गूंजा केंद्रीय गृहमंत्री का संदेश,,
‘जन जन की सरकार, 4 साल बेमिसाल’ कार्यक्रम में अमित शाह का बड़ा बयान,,
केदारनाथ से कन्याकुमारी तक घुसपैठियों को बाहर करने का संकल्प, धामी सरकार की सराहना
हरिद्वार। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को हरिद्वार के बैरागी कैंप मैदान में आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार देश को मजबूत और सुरक्षित बनाने के लिए संकल्पबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केदारनाथ से कन्याकुमारी तक एक-एक घुसपैठिए को देश से बाहर करना है।
‘जन जन की सरकार, 4 साल बेमिसाल’ कार्यक्रम के तहत आयोजित इस जनसभा में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। अपने संबोधन में केंद्रीय गृह मंत्री ने उत्तराखंड के विकास, सुरक्षा व्यवस्था, रोजगार, न्याय व्यवस्था और केंद्र की योजनाओं पर विस्तार से बात करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कार्यों की सराहना की।
अमित शाह ने कहा कि धामी सरकार ने बीते चार वर्षों में राज्य की समस्याओं को पहचानकर एक-एक करके उनका समाधान करने का काम किया है। यही कारण है कि आज उत्तराखंड पहले से दोगुनी गति से विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है।
उत्तराखंड आंदोलन से विकास यात्रा तक
केंद्रीय गृह मंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत उत्तराखंड राज्य आंदोलन की यादों से की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के युवाओं को अपनी पहचान, संस्कृति और अधिकारों की रक्षा के लिए लंबे समय तक संघर्ष करना पड़ा।
उन्होंने कहा कि राज्य आंदोलन के दौरान लोगों को रामपुर तिराहा कांड जैसी दुखद घटनाओं का सामना भी करना पड़ा, जिसने पूरे देश को झकझोर दिया था।
अमित शाह ने कहा कि जब केंद्र में भाजपा की सरकार बनी तो तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई ने उत्तराखंड के साथ-साथ झारखंड और छत्तीसगढ़ जैसे नए राज्यों का गठन करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया।
उन्होंने कहा कि आज ये तीनों राज्य विकास के पथ पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि भाजपा ने हमेशा उत्तराखंड के विकास को प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि एक समय उन्होंने कहा था कि “उत्तराखंड को अटल जी ने बनाया है, अब इसे संवारने का काम नरेंद्र मोदी करेंगे।”
अमित शाह ने कहा कि 2017 से लेकर 2026 तक का समय उत्तराखंड के विकास के लिए समर्पित रहा है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चार वर्षों में राज्य की अनेक समस्याओं को चुन-चुनकर समाप्त करने का काम किया है। चाहे वह अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई हो, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया हो या फिर कानून व्यवस्था को मजबूत करना — हर क्षेत्र में राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
नई न्याय संहिता से तीन साल में मिलेगा न्याय
अमित शाह ने अपने संबोधन में देश में लागू की जा रही नई न्याय व्यवस्था का भी उल्लेख किया। उन्होंने अधिवक्ताओं और आम जनता से अपील की कि वे नई न्याय संहिता पर लगी प्रदर्शनी का अवश्य अवलोकन करें।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अंग्रेजों के समय से लागू डेढ़ सौ साल पुराने कानूनों को बदलने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है।
केंद्रीय गृह मंत्री ने बताया कि वर्ष 2028 तक नई न्याय संहिता पूरी तरह लागू हो जाएगी। इसके बाद देश की न्याय प्रणाली में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद किसी भी आपराधिक मामले में एफआईआर दर्ज होने से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक फैसला आने में अधिकतम तीन वर्ष का समय लगेगा।
अमित शाह ने इसे दुनिया की सबसे आधुनिक और वैज्ञानिक न्याय प्रणाली बताते हुए कहा कि इससे आम लोगों को तेज और सस्ता न्याय मिल सकेगा।
सीएए और ऐतिहासिक फैसलों का जिक्र
केंद्रीय गृह मंत्री ने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के तहत भारत की नागरिकता प्राप्त करने वाले लोगों को भी बधाई दी।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान जैसे देशों से धार्मिक उत्पीड़न के कारण भारत आए हिंदू, सिख, बौद्ध और जैन शरणार्थियों को नागरिकता देना मानवता का सवाल है।
अमित शाह ने कहा कि ये लोग अपने धर्म और सम्मान की रक्षा के लिए भारत आए हैं और इस देश पर उनका उतना ही अधिकार है जितना किसी अन्य नागरिक का।
उन्होंने कहा कि सरकार किसी भी विरोध के बावजूद ऐसे शरणार्थियों को नागरिकता देने के अपने फैसले पर अडिग रहेगी।
अपने भाषण में उन्होंने केंद्र सरकार के कई ऐतिहासिक फैसलों का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने कई बड़े फैसले देखे हैं —
- धारा 370 का हटाया जाना
- अयोध्या में राम मंदिर निर्माण
- काशी विश्वनाथ कॉरिडोर
- महाकाल लोक का निर्माण
- बद्रीनाथ-केदारनाथ धाम का पुनर्निर्माण
उन्होंने कहा कि इन फैसलों ने भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान को नई ताकत दी है।
नकल विरोधी कानून से बदली भर्ती व्यवस्था
केंद्रीय गृह मंत्री ने उत्तराखंड पुलिस में हाल ही में नियुक्त हुए 1900 आरक्षियों को भी बधाई दी।
उन्होंने कहा कि अब उत्तराखंड में “पर्चा और खर्चा” के बिना सरकारी नौकरियां मिल रही हैं।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा लागू किया गया नकल विरोधी कानून युवाओं के भविष्य को सुरक्षित बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।
इस कानून के कारण भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता आई है और मेहनती युवाओं को न्याय मिल रहा है।
कुंभ 2027 और सीमांत गांवों पर विशेष ध्यान
अमित शाह ने कहा कि वर्ष 2027 में हरिद्वार में कुंभ मेला आयोजित होने जा रहा है, जो अब तक के सभी रिकॉर्ड तोड़ने वाला होगा।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार कुंभ मेले की तैयारियों में राज्य सरकार को हर संभव सहयोग देगी।
उन्होंने वाइब्रेंट विलेज योजना का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीमांत गांवों को देश के “पहले गांव” का सम्मान दिया है।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों से पलायन रोकना और वहां विकास को बढ़ावा देना है।
उन्होंने कहा कि यह योजना उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों के लिए विशेष रूप से लाभकारी साबित होगी।
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की सराहना
केंद्रीय गृह मंत्री ने उत्तराखंड में 10 हजार एकड़ सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के लिए मुख्यमंत्री धामी की सराहना की।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अवैध कब्जों के खिलाफ सख्त कदम उठाकर यह संदेश दिया है कि सरकारी जमीन पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इसी संदर्भ में उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा और जनसंख्या संतुलन को बनाए रखने के लिए घुसपैठ के खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है।
अमित शाह ने कहा कि सरकार केदारनाथ से कन्याकुमारी तक हर एक घुसपैठिए को देश से बाहर करने के लिए संकल्पबद्ध है।
उन्होंने समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने के फैसले की भी सराहना करते हुए कहा कि यह कानून जनसंख्या संतुलन और सामाजिक न्याय को मजबूत करेगा।
उत्तराखंड को केंद्र से बढ़ी आर्थिक सहायता
अपने संबोधन के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री ने उत्तराखंड को केंद्र सरकार से मिलने वाली आर्थिक सहायता का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि 2004 से 2014 के बीच उत्तराखंड को केंद्र से लगभग 54 हजार करोड़ रुपये मिले, जबकि 2014 के बाद से यह राशि बढ़कर 1 लाख 87 हजार करोड़ रुपये हो चुकी है।
इसके अलावा केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य में कई बड़ी परियोजनाएं चल रही हैं, जिनमें —
- ऑल वेदर रोड परियोजना
- दिल्ली–देहरादून आर्थिक कॉरिडोर
- नई रेल और सड़क परियोजनाएं
शामिल हैं।
अमित शाह ने कहा कि इन परियोजनाओं के कारण उत्तराखंड में पर्यटन, व्यापार और रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।उन्होंने बताया कि 2014 में राज्य की प्रति व्यक्ति आय लगभग 1.25 लाख रुपये थी, जो अब बढ़कर 2.60 लाख रुपये से अधिक हो चुकी है।
साथ ही राज्य का जीएसडीपी भी 1.50 लाख करोड़ से बढ़कर लगभग 3.50 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।समापन में केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड आने वाले वर्षों में विकास, सुरक्षा और सांस्कृतिक गौरव का मजबूत केंद्र बनेगा और केंद्र तथा राज्य सरकार मिलकर राज्य को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का काम करेंगी।



