यूपीएससी रिजल्ट पर कलियर में भ्रम, जश्न के बाद सामने आई सच्चाई,, जिस ‘फातिमा’ के अफसर बनने पर निकला जुलूस, असली अभ्यर्थी केरल की फैरुज फातिमा निकलीं,, दस्तावेज सामने आने के बाद खुला मामला, स्थानीय युवती अब भी कर रही खुद के चयन का दावा

इन्तजार रजा हरिद्वार- यूपीएससी रिजल्ट पर कलियर में भ्रम, जश्न के बाद सामने आई सच्चाई,,
जिस ‘फातिमा’ के अफसर बनने पर निकला जुलूस, असली अभ्यर्थी केरल की फैरुज फातिमा निकलीं,,
दस्तावेज सामने आने के बाद खुला मामला, स्थानीय युवती अब भी कर रही खुद के चयन का दावा

हरिद्वार। यूपीएससी परीक्षा परिणाम को लेकर हरिद्वार के पिरान कलियर क्षेत्र में उस समय अजीब स्थिति बन गई जब एक युवती के अफसर बनने की खबर पर पूरे इलाके में जश्न मनाया गया, लेकिन कुछ ही समय बाद सामने आया कि असली चयनित अभ्यर्थी केरल की रहने वाली हैं।
दरअसल, कलियर क्षेत्र में रहने वाली एक युवती ने खुद के यूपीएससी परीक्षा पास कर अफसर बनने का दावा किया, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने खुशी में जुलूस निकाल दिया। ढोल-नगाड़ों के साथ लोगों ने जश्न मनाया और युवती को बधाइयां दीं।
लेकिन बाद में जानकारी सामने आई कि जिस नाम से चयन की चर्चा हो रही थी, उसी नाम की असल अभ्यर्थी केरल के तिरुवनंतपुरम की रहने वाली फैरुज फातिमा एम हैं। उन्होंने फोन पर बातचीत के दौरान यह स्पष्ट किया कि यूपीएससी सूची में दर्ज नाम उनका ही है और इस संबंध में उन्होंने अपना एडमिट कार्ड भी साझा किया है।
दस्तावेज सामने आने के बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया और कलियर में मनाया गया जश्न सवालों के घेरे में आ गया।
कलियर में निकाला गया जुलूस, ढोल-नगाड़ों के साथ मनाया जश्न
यूपीएससी जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता किसी भी क्षेत्र के लिए गर्व का विषय होती है। यही कारण रहा कि जैसे ही कलियर में एक युवती के चयन की खबर फैली, पूरे इलाके में खुशी की लहर दौड़ गई।
स्थानीय लोगों ने इसे अपने क्षेत्र की बड़ी उपलब्धि मानते हुए शुक्रवार रात जश्न मनाना शुरू कर दिया। लोगों ने ढोल-नगाड़ों के साथ जुलूस निकाला और युवती को अफसर बनने पर बधाई दी।
कई लोगों ने सोशल मीडिया पर भी इस उपलब्धि को साझा किया और क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण बताया।
हालांकि जश्न के कुछ समय बाद ही यह चर्चा शुरू हो गई कि यूपीएससी की सूची में दर्ज नाम किसी और अभ्यर्थी का है। इसके बाद धीरे-धीरे मामला स्पष्ट होने लगा और लोगों को पता चला कि चयनित अभ्यर्थी केरल की रहने वाली हैं।
इस खुलासे के बाद क्षेत्र में हैरानी का माहौल बन गया। जिन लोगों ने जश्न मनाया था, वे भी अब इस पूरे मामले को लेकर चर्चा कर रहे हैं।
दस्तावेजों में नाम फातिमा त्यागी, फिर कैसे हुआ भ्रम
मामले की पड़ताल में यह बात सामने आई कि कलियर की जिस युवती को लेकर जश्न मनाया गया, उनका नाम वास्तव में फातिमा त्यागी बताया जा रहा है।
दस्तावेजों में भी उनका नाम फातिमा त्यागी ही दर्ज है। ऐसे में यह सवाल उठने लगा कि आखिर यूपीएससी रिजल्ट को लेकर यह भ्रम कैसे पैदा हुआ।
स्थानीय स्तर पर कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं। कुछ लोगों का मानना है कि सोशल मीडिया और अपुष्ट जानकारी के कारण यह भ्रम पैदा हुआ। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि समान नाम होने के कारण भी यह स्थिति बनी।
हालांकि अभी तक यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह गलती किस स्तर पर हुई और किस कारण से पूरे इलाके में यह खबर फैल गई कि कलियर की युवती ने यूपीएससी परीक्षा पास कर ली है।
इस बीच कलियर की युवती अब भी अपने चयन का दावा कर रही हैं। उनका कहना है कि उन्होंने ही यूपीएससी परीक्षा पास की है। ऐसे में इस मामले को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होने का इंतजार किया जा रहा है।
केरल की फैरुज फातिमा ने साझा किया एडमिट कार्ड
उधर, केरल के तिरुवनंतपुरम की रहने वाली फैरुज फातिमा एम ने इस मामले में स्पष्ट बयान दिया है।
उन्होंने फोन पर बातचीत में बताया कि यूपीएससी की सूची में दर्ज नाम उनका ही है और उन्होंने ही यह परीक्षा पास की है।
फैरुज फातिमा ने अपने दावे के समर्थन में अपना एडमिट कार्ड भी साझा किया है, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि चयनित अभ्यर्थी वही हैं।
उनके दस्तावेज सामने आने के बाद यह साफ हो गया कि यूपीएससी सूची में दर्ज नाम के आधार पर जो भ्रम पैदा हुआ था, वह अब काफी हद तक दूर हो गया है।
हालांकि स्थानीय स्तर पर अभी भी लोग इस पूरे मामले को लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
हरिद्वार के आर्यन सिंह ने भी पास की यूपीएससी परीक्षा
इसी बीच हरिद्वार के लिए एक और गर्व की खबर सामने आई है। हरिद्वार के त्रिमूर्ति नगर के रहने वाले आर्यन सिंह ने भी यूपीएससी परीक्षा पास कर सफलता हासिल की है।
आर्यन सिंह ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा विज्डम ग्लोबल स्कूल से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने फोरेंसिक साइंस में ग्रेजुएशन किया और सिविल सेवा की तैयारी शुरू की।
बताया जा रहा है कि उन्होंने हरिद्वार में रहकर ही पढ़ाई की और ऑनलाइन कोचिंग के माध्यम से परीक्षा की तैयारी की।
आर्यन सिंह के पिता पानीपत की एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं, जबकि उनकी माता सामाजिक संस्था सेवा भारती से जुड़ी हुई हैं और समाज सेवा के क्षेत्र में सक्रिय हैं।
आर्यन की सफलता से उनके परिवार के साथ-साथ पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। स्थानीय लोगों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
सोशल मीडिया और अफवाहों से पैदा हुई स्थिति
पूरे घटनाक्रम को देखकर यह साफ होता है कि सोशल मीडिया और अपुष्ट जानकारी के कारण कई बार भ्रम की स्थिति पैदा हो जाती है।
कलियर में भी कुछ ऐसा ही हुआ, जहां बिना पूरी पुष्टि के खबर फैल गई और लोग खुशी में जश्न मनाने लगे।
हालांकि बाद में जब वास्तविक जानकारी सामने आई तो स्थिति स्पष्ट हुई।
यह घटना इस बात का भी संकेत देती है कि किसी भी बड़ी खबर को साझा करने से पहले उसकी पुष्टि करना कितना जरूरी है, खासकर तब जब बात देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा यूपीएससी से जुड़ी हो।
फिलहाल कलियर में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग पूरे घटनाक्रम को लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। वहीं असली चयनित अभ्यर्थी फैरुज फातिमा को देशभर से बधाइयां मिल रही हैं।



