सीएम हेल्पलाइन शिकायतों पर डीएम का सख्त रुख,, 10 से अधिक लंबित शिकायतों वाले विभागों को 3 दिन में समाधान का निर्देश,, जन समस्याओं के निस्तारण में लापरवाही पर तय होगी अधिकारियों की जिम्मेदारी

इन्तजार रजा हरिद्वार- सीएम हेल्पलाइन शिकायतों पर डीएम का सख्त रुख,,
10 से अधिक लंबित शिकायतों वाले विभागों को 3 दिन में समाधान का निर्देश,,
जन समस्याओं के निस्तारण में लापरवाही पर तय होगी अधिकारियों की जिम्मेदारी
हरिद्वार, 13 मार्च 2026। जनपद में जनता की शिकायतों के त्वरित समाधान को लेकर जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं। शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित सीएम हेल्पलाइन समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि जन शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी विभाग समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करें।
बैठक में विभिन्न विभागों में लंबित शिकायतों की विभागवार समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि सीएम हेल्पलाइन शासन की महत्वपूर्ण जन शिकायत निवारण प्रणाली है, जिसके माध्यम से आम जनता सीधे अपनी समस्याएं शासन तक पहुंचाती है। ऐसे में यह अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे हर शिकायत को गंभीरता से लेते हुए उसका संतोषजनक समाधान करें।
10 से अधिक शिकायत वाले विभागों को सख्त चेतावनी
समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने पाया कि कई विभागों में शिकायतें लंबे समय से लंबित हैं। इस पर उन्होंने निर्देश दिए कि जिन विभागों में 10 से अधिक शिकायतें लंबित हैं, वे तीन दिन के भीतर उनका निस्तारण सुनिश्चित करें।
उन्होंने विशेष रूप से पुलिस विभाग, नगर निगम, यूपीसीएल, भू-अभिलेख, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, उत्तराखंड पेयजल निगम, राजस्व विभाग, आयुर्वेदिक विभाग, नगर पालिका, नगर पंचायत, जल संस्थान और सिंचाई विभाग को प्राथमिकता के आधार पर शिकायतों के समाधान के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि सभी अधिकारी प्रतिदिन सीएम हेल्पलाइन पोर्टल की मॉनिटरिंग करें और लंबित शिकायतों की स्थिति पर लगातार नजर रखें। यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
शिकायतकर्ताओं से सीधे संवाद करने के निर्देश
बैठक में जिलाधिकारी ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि केवल औपचारिकता निभाने के बजाय शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत देने पर ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि कई बार शिकायतकर्ता को सही जानकारी नहीं मिल पाने के कारण भी शिकायतें लंबित रहती हैं।
इसलिए सभी विभागों को निर्देशित किया गया कि वे शिकायतकर्ताओं से सीधे संपर्क कर उनकी समस्या समझें और समाधान की प्रक्रिया के बारे में उन्हें स्पष्ट जानकारी दें।
बैठक के दौरान विशेष रूप से यूपीसीएल से संबंधित शिकायतों पर चर्चा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि बिजली से जुड़ी समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतकर्ताओं से कॉल के माध्यम से संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए।
नगर निकायों को भी दिए प्राथमिकता के निर्देश
जिलाधिकारी ने नगर निगम और जनपद के सभी नगर निकायों को भी निर्देश दिए कि वे सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि स्वच्छता, पेयजल, स्ट्रीट लाइट, सड़क और अन्य नागरिक सुविधाओं से संबंधित शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाना चाहिए, ताकि आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
इसके साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे अपने-अपने विभागों में नियमित रूप से सीएम हेल्पलाइन से संबंधित समीक्षा बैठक आयोजित करें और लंबित शिकायतों के निस्तारण की प्रगति पर नजर रखें।
36 दिन से लंबित शिकायतों पर जताई नाराजगी
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने 36 दिन से अधिक समय से लंबित शिकायतों की समीक्षा की। इस दौरान पाया गया कि एल-1 स्तर पर 429 और एल-2 स्तर पर 103 शिकायतें अभी भी निस्तारण के लिए लंबित हैं।
इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन सभी शिकायतों का जल्द से जल्द समाधान किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि 15 दिन के भीतर सभी लंबित शिकायतों का हर हाल में निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की मंशा है कि जनता की समस्याओं का पारदर्शी और प्रभावी तरीके से समाधान किया जाए। सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त शिकायतें प्रशासन के लिए फीडबैक का काम करती हैं और इससे जनता की वास्तविक समस्याओं का पता चलता है।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्रा, सचिव एचआरडीए मनीष कुमार, उप जिलाधिकारी जितेंद्र कुमार, उप जिलाधिकारी रुड़की अनिल कुमार शुक्ला, जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश, सहायक परियोजना निदेशक नलिनी घिल्डियाल, नोडल स्वजल चंद्रकांत मणि त्रिपाठी, खंड विकास अधिकारी, नगर पालिका और नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।



