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ऑपरेशन प्रहार का कहर: हरिद्वार में रानीपुर पुलिस का गौकशी गैंग पर बड़ा वार, गैंगस्टर एक्ट में कसी नकेल 🚨 🔴 रानीपुर पुलिस की क्षैत्र में आधी रात छापेमारी—गैंग लीडर समेत 3 आरोपी गिरफ्तार, चौथा भी रडार पर 🔴 🟢 लगातार अपराधों का हिसाब: पुलिस ने खोला कच्चा चिट्ठा, इलाके में मचा हड़कंप 🟢

इन्तजार रजा हरिद्वार 🚨 ऑपरेशन प्रहार का कहर: हरिद्वार में रानीपुर पुलिस का गौकशी गैंग पर बड़ा वार, गैंगस्टर एक्ट में कसी नकेल 🚨

🔴 रानीपुर पुलिस की क्षैत्र में आधी रात छापेमारी—गैंग लीडर समेत 3 आरोपी गिरफ्तार, चौथा भी रडार पर 🔴

🟢 लगातार अपराधों का हिसाब: पुलिस ने खोला कच्चा चिट्ठा, इलाके में मचा हड़कंप 🟢

हरिद्वार में कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले गौकशी गिरोह पर पुलिस ने ऐसा प्रहार किया है, जिससे पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। कोतवाली रानीपुर क्षेत्र में चलाए जा रहे “ऑपरेशन प्रहार” के तहत हरिद्वार पुलिस ने एक सक्रिय गौकशी गैंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंगस्टर एक्ट के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कर लिया है। यही नहीं, ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए गैंग के सरगना समेत तीन आरोपियों को देर रात उनके घरों से दबोच लिया गया, जबकि एक अन्य सदस्य अभी पुलिस की रडार पर है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर के सख्त निर्देशों के बाद रानीपुर पुलिस ने इस गिरोह की गतिविधियों पर शिकंजा कसना शुरू किया। प्रभारी निरीक्षक मनोहर सिंह भंडारी के नेतृत्व में गठित टीमों ने पहले आरोपियों का आपराधिक इतिहास खंगाला, फिर उनके खिलाफ मजबूत गैंगचार्ट तैयार किया गया। उच्चाधिकारियों से अनुमोदन मिलने के बाद 3 मई 2026 को थाने में गैंगस्टर एक्ट के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया।

गैंग का मुखिया और सदस्य ऐसे आए पकड़ में
पुलिस की रणनीति पूरी तरह सटीक रही। सुरागरसी और पतारसी के जरिए आरोपियों की लोकेशन ट्रेस की गई और 3 मई की रात को अचानक दबिश देकर गैंग लीडर अनीश पुत्र मोहम्मद उमर (46 वर्ष) को उसके घर से गिरफ्तार किया गया। उसके साथ ही उसके दो साथी—मोहम्मद उमेर (21 वर्ष) और मुसर्रत (29 वर्ष) को भी धर दबोचा गया। तीनों आरोपी ग्राम सलेमपुर, कोतवाली रानीपुर क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं। पुलिस अब चौथे आरोपी साहिल की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।

अपराध का लंबा इतिहास, कई मामलों में पहले से दर्ज मुकदमे
गिरफ्तार आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड बेहद गंभीर है। इनके खिलाफ पहले से ही गौवंश संरक्षण अधिनियम और पशु क्रूरता अधिनियम के तहत कई मामले दर्ज हैं। वर्ष 2019 से लेकर 2025 तक इन पर अलग-अलग मुकदमों में कार्रवाई हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद ये गिरोह सक्रिय रहा। पुलिस ने अब इनकी आपराधिक गतिविधियों को जड़ से खत्म करने के लिए गैंगस्टर एक्ट का सहारा लिया है, जिससे इनकी संपत्तियों पर भी कार्रवाई की जा सकती है।

SSP नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देशन में “ऑपरेशन प्रहार” बना अपराधियों का काल
पुलिस मुख्यालय से चलाया जा रहा ऑपरेशन प्रहार अब अपराधियों के लिए काल साबित हो रहा है। इस अभियान के तहत लगातार ऐसे गिरोहों को चिन्हित कर उन पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है, जो समाज में अस्थिरता फैलाने का काम कर रहे हैं। हरिद्वार पुलिस की इस कार्रवाई ने साफ संदेश दे दिया है कि अब अपराधियों के लिए कोई भी कोना सुरक्षित नहीं बचा है।

इलाके में दहशत, जनता में राहत
इस बड़ी कार्रवाई के बाद रानीपुर और आसपास के क्षेत्रों में हड़कंप मच गया है। जहां एक तरफ अपराधियों में डर का माहौल है, वहीं दूसरी तरफ आम जनता ने राहत की सांस ली है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस की ऐसी कार्रवाई से क्षेत्र में शांति और सुरक्षा का माहौल मजबूत होगा।

कोतवाल मनोहर भंडारी के नेतृत्व में रानीपुर पुलिस पुलिस टीम की अहम भूमिका
इस पूरे ऑपरेशन को सफल बनाने में प्रभारी निरीक्षक मनोहर सिंह भंडारी के साथ उपनिरीक्षक चरण सिंह (चौकी प्रभारी गैस प्लांट), कांस्टेबल कुलदीप सिंह, सुरेंद्र तोमर, गिरीन्द्र और बीरेन्द्र जोशी की टीम ने अहम भूमिका निभाई। टीम की मुस्तैदी और त्वरित कार्रवाई की वजह से ही इतने कम समय में यह बड़ी सफलता हाथ लगी।पुलिस अब फरार आरोपी की तलाश में लगातार दबिश दे रही है। साथ ही गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों और उनके नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है। संभावना जताई जा रही है कि इस गैंग से जुड़े और भी नाम सामने आ सकते हैं।

हरिद्वार पुलिस की इस आक्रामक कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अपराध चाहे कितना भी संगठित क्यों न हो, कानून के शिकंजे से बचना अब नामुमकिन है। ऑपरेशन प्रहार के तहत आने वाले दिनों में और भी बड़ी कार्रवाइयों की उम्मीद की जा रही है।

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